{"_id":"5df678588ebc3e87c70dcdd1","slug":"truck-deoria-news-gkp3334117149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 30 से अधिक चोरी के ट्रक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 30 से अधिक चोरी के ट्रक
विज्ञापन
जिले की सड़कों पर फर्राटा भर रहे 30 से अधिक चोरी के ट्रक
अफसरों के निर्देश के बाद भी सरगना पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस
मालगोदाम, सोनूघाट, लक्ष्मीराम पोखरे से चोरी ट्रक नहीं हो सके बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गैर प्रदेशों से चोरी हुए ट्रकों का फर्जी एनओसी तैयार कराकर देवरिया परिवहन कार्यालय में दलालों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर ट्रक चोरी गैंग के सरगना गाड़ियां चलवा रहे हैं। ऐसा मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने गोपनीय जांच शुरू करा दी है। सूत्रों के अनुसार तकरीबन 30 से अधिक चोरी के ट्रक सड़कों पर फर्जी कागजातों के सहारे फर्राटा भर रहे हैं। जांच की सुगबुगाहट के बाद खलबली मच हुई है।
देवरिया रेलवे मालगोदाम एवं अन्य स्थानों से तीन माह में ट्रक चोरी की दस से अधिक घटनाएं हुई है। संयोग था कि तीन ट्रकों को चोर नहीं ले जा पाए। इसमें एक पेड़ा गली के पास फंस गया तो दूसरे का तेल सलेमपुर के निकट समाप्त होने से, तीसरा गोदाम पर ही मंदिर के पास गड्ढे में चले जाने की वजह से चोर नहीं ले जा पाए। ट्रक चोरों के गिरोह के माफिया गैर प्रांतों से चोरी के ट्रकों को मंगाते हैं।
पिछले वर्ष चंदौली पुलिस ने दो चोरी के ट्रक देवरिया से बरामद किए थे। यह अलग बात है कि माफिया से सेटिंग हो जाने की वजह से पुलिस ने पर्दाफाश में गैंग के सरगना जिक्र नहीं किया।
विज्ञापन
हाल में सोनूघाट के निकट कुछ ट्रक छोड़कर चोर फरार हो गए। कोतवाली पुलिस ने ट्रक चोरी का केस तो दर्ज किया है लेकिन इस बारे में कोई अन्य जानकारी नहीं जुटा सकी। बिहार के सिवान और गोपालगंज जिले से चार पहिया वाहन चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया लेकिन इनसे भी ट्रकों का राज नहीं खुला।
ट्रक चोरी को लेकर एसपी कर चुकें है मंथन
माल गोदाम से कई ट्रकों के चोरी होने के बाद एसपी श्रीपति मिश्र ने ट्रक मालिकों की एक बैठक हाल में बुलाई थी। जिसमें उन्होंने माल गोदाम पर चौकीदार लगाए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान चोरों के गिरोहों के बारे में भी पूछा लेकिन ट्रक मालिकों ने कुछ नहीं बताया। ट्रक मालिकों का कहना है कि एसपी के निर्देश के बाद हर माह सुरक्षा पर बीस हजार रुपये ट्रक एसोसिएशन खर्च कर गार्ड रखकर पहरेदारी करा रहा है।
ऐसी होता परिवहन विभाग में खेल
देवरिया। एमपी, नागालैंड, बिहार आदि राज्यों से एनओसी तैयार कराकर ट्रक चोरों के गैंग के सदस्य देवरिया में कार्यालय में प्राइवेट कार्य कर रहे लिपिकों को सेट करते हैं। उनके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर फिर सड़कों पर फर्राटा भरने लगते हैं। ऐसी कई गाड़ियां का विवरण ‘अमर उजाला’ के पास है। ऐसे ट्रकों का चेचिस कुशीनगर से कुछ मिस्त्री को बुलवाकर ग्राइंडर से बदलवा दिया जाता है। एक ही ट्रक पर आगे और पीछे अलग-अलग चेचिस नंबर अंकित हैं। जांच हो तो इसका पर्दाफाश हो सकता हैं। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी का कहना है कि कुछ जानकारी संज्ञान में आई है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट बता सकूंगा।
ट्रक चोरों के गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है। इसकी गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। जल्द ही गिरोह के सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। गिरोह का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
- श्री पति मिश्र, एसपी
विज्ञापन
अफसरों के निर्देश के बाद भी सरगना पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस
मालगोदाम, सोनूघाट, लक्ष्मीराम पोखरे से चोरी ट्रक नहीं हो सके बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गैर प्रदेशों से चोरी हुए ट्रकों का फर्जी एनओसी तैयार कराकर देवरिया परिवहन कार्यालय में दलालों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर ट्रक चोरी गैंग के सरगना गाड़ियां चलवा रहे हैं। ऐसा मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने गोपनीय जांच शुरू करा दी है। सूत्रों के अनुसार तकरीबन 30 से अधिक चोरी के ट्रक सड़कों पर फर्जी कागजातों के सहारे फर्राटा भर रहे हैं। जांच की सुगबुगाहट के बाद खलबली मच हुई है।
देवरिया रेलवे मालगोदाम एवं अन्य स्थानों से तीन माह में ट्रक चोरी की दस से अधिक घटनाएं हुई है। संयोग था कि तीन ट्रकों को चोर नहीं ले जा पाए। इसमें एक पेड़ा गली के पास फंस गया तो दूसरे का तेल सलेमपुर के निकट समाप्त होने से, तीसरा गोदाम पर ही मंदिर के पास गड्ढे में चले जाने की वजह से चोर नहीं ले जा पाए। ट्रक चोरों के गिरोह के माफिया गैर प्रांतों से चोरी के ट्रकों को मंगाते हैं।
विज्ञापन
पिछले वर्ष चंदौली पुलिस ने दो चोरी के ट्रक देवरिया से बरामद किए थे। यह अलग बात है कि माफिया से सेटिंग हो जाने की वजह से पुलिस ने पर्दाफाश में गैंग के सरगना जिक्र नहीं किया।
विज्ञापन
हाल में सोनूघाट के निकट कुछ ट्रक छोड़कर चोर फरार हो गए। कोतवाली पुलिस ने ट्रक चोरी का केस तो दर्ज किया है लेकिन इस बारे में कोई अन्य जानकारी नहीं जुटा सकी। बिहार के सिवान और गोपालगंज जिले से चार पहिया वाहन चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया लेकिन इनसे भी ट्रकों का राज नहीं खुला।
ट्रक चोरी को लेकर एसपी कर चुकें है मंथन
माल गोदाम से कई ट्रकों के चोरी होने के बाद एसपी श्रीपति मिश्र ने ट्रक मालिकों की एक बैठक हाल में बुलाई थी। जिसमें उन्होंने माल गोदाम पर चौकीदार लगाए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान चोरों के गिरोहों के बारे में भी पूछा लेकिन ट्रक मालिकों ने कुछ नहीं बताया। ट्रक मालिकों का कहना है कि एसपी के निर्देश के बाद हर माह सुरक्षा पर बीस हजार रुपये ट्रक एसोसिएशन खर्च कर गार्ड रखकर पहरेदारी करा रहा है।
ऐसी होता परिवहन विभाग में खेल
देवरिया। एमपी, नागालैंड, बिहार आदि राज्यों से एनओसी तैयार कराकर ट्रक चोरों के गैंग के सदस्य देवरिया में कार्यालय में प्राइवेट कार्य कर रहे लिपिकों को सेट करते हैं। उनके माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराकर फिर सड़कों पर फर्राटा भरने लगते हैं। ऐसी कई गाड़ियां का विवरण ‘अमर उजाला’ के पास है। ऐसे ट्रकों का चेचिस कुशीनगर से कुछ मिस्त्री को बुलवाकर ग्राइंडर से बदलवा दिया जाता है। एक ही ट्रक पर आगे और पीछे अलग-अलग चेचिस नंबर अंकित हैं। जांच हो तो इसका पर्दाफाश हो सकता हैं। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी का कहना है कि कुछ जानकारी संज्ञान में आई है। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट बता सकूंगा।
ट्रक चोरों के गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है। इसकी गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। जल्द ही गिरोह के सदस्यों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। गिरोह का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है।
- श्री पति मिश्र, एसपी