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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में जल्द मिलेगी टीएमटी की सुविधा
Thu, 03 Apr 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:59 PM IST
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जांच से हृदय की कार्यप्रणाली, रक्त प्रवाह की समस्या चलेगा पता
अभी बाहर करानी पड़ती है जांच, चुकानी पड़ती है अधिक कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) की सुविधा जल्द उपलब्ध हो जाएगी। इसके शुरू होने से हृदय रोग के मरीजों को जांच कराने में सहूलियत होगी। इस जांच से हृदय की कार्यप्रणाली, रक्त प्रवाह और हृदय से जुड़ी दिक्कत का पता चल जाएगा और डायग्नोसिस और इलाज में आसानी होगी। मशीन मंगा ली गई है। 15 दिन से एक माह के अंदर जांच के चालू होने की उम्मीद है। इसके न होने मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां उन्हें कीमती चुकानी पड़ती है।
अनियमित दिनचर्या और लापरवाही से बीपी, शुगर के मरीजों को परेशानी होती है। ऐसे में जिन मरीजों का बीपी बढ़ता और घटता है उन्हें हार्ट अटैक व फाजिल की आशंका बढ़ जाती है। वहीं सीढ़ी चढ़ने, तेज पैदल चलने पर सांस फूलने, मेहनत का काम करने पर जल्द थकान हृदय रोग की दिक्कत का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। ईसीजी जांच कराने पर रिपोर्ट नार्मल आती है। इसके बाद इन मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) की जरूरत होती है। इसमें मरीज को मशीन पर करीब डेढ़ मील चलाया जाता है।
इसके बाद ईसीजी जांच की जाती है। टीएमटी जांच से मरीज के दिल की धड़कन और सांस की निगरानी की जाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन, पंप करने की क्षमता और कोरोनरी धमनी रोग के लक्षणों का पता चल जाता है। जांच में हृदय के दिक्कत से संबंधित लक्षण होने पर पकड़ में आ जाता है। इससे समय रहते डायग्नोसिस हो जाती है और बीमारी के अनुसार दवा की जाती है।
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ठंड के मौसम में इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक मरीज आते हैं। इसमें आठ से 10 लोग इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। अस्पताल में ईसीजी की निशुल्क सुविधा है, मगर रिपोर्ट नार्मल आने पर डॉक्टर जरूरत महसूस होने पर टीएमटी जांच कराने की सलाह देते हैं, मगर यहां सुविधा न होने से मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है, जहां करीब डेढ़ से दाे हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सराजुद्दीन से बात कर योजना बनाई। इसके बाद करीब पांच लाख रुपये की लागत से मशीन मंगा ली गई है। इसे शुरू करने के लिए ईसीजी के बगल में स्थान चिह्नित किया गया।
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कोट
मेडिकल कॉलेज में टीएमटी जांच की सुविधा शुरू करने के लिए मशीन मंगा ली गई है। जल्द जांच की सुविधा मरीजों को उपलब्ध होने लगेगी। इसके बाद मरीजों को जांच कराने में आसानी होगी।
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अभी बाहर करानी पड़ती है जांच, चुकानी पड़ती है अधिक कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) की सुविधा जल्द उपलब्ध हो जाएगी। इसके शुरू होने से हृदय रोग के मरीजों को जांच कराने में सहूलियत होगी। इस जांच से हृदय की कार्यप्रणाली, रक्त प्रवाह और हृदय से जुड़ी दिक्कत का पता चल जाएगा और डायग्नोसिस और इलाज में आसानी होगी। मशीन मंगा ली गई है। 15 दिन से एक माह के अंदर जांच के चालू होने की उम्मीद है। इसके न होने मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां उन्हें कीमती चुकानी पड़ती है।
अनियमित दिनचर्या और लापरवाही से बीपी, शुगर के मरीजों को परेशानी होती है। ऐसे में जिन मरीजों का बीपी बढ़ता और घटता है उन्हें हार्ट अटैक व फाजिल की आशंका बढ़ जाती है। वहीं सीढ़ी चढ़ने, तेज पैदल चलने पर सांस फूलने, मेहनत का काम करने पर जल्द थकान हृदय रोग की दिक्कत का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है। ईसीजी जांच कराने पर रिपोर्ट नार्मल आती है। इसके बाद इन मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) की जरूरत होती है। इसमें मरीज को मशीन पर करीब डेढ़ मील चलाया जाता है।
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इसके बाद ईसीजी जांच की जाती है। टीएमटी जांच से मरीज के दिल की धड़कन और सांस की निगरानी की जाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन, पंप करने की क्षमता और कोरोनरी धमनी रोग के लक्षणों का पता चल जाता है। जांच में हृदय के दिक्कत से संबंधित लक्षण होने पर पकड़ में आ जाता है। इससे समय रहते डायग्नोसिस हो जाती है और बीमारी के अनुसार दवा की जाती है।
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ठंड के मौसम में इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब साढ़े तीन सौ से अधिक मरीज आते हैं। इसमें आठ से 10 लोग इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। अस्पताल में ईसीजी की निशुल्क सुविधा है, मगर रिपोर्ट नार्मल आने पर डॉक्टर जरूरत महसूस होने पर टीएमटी जांच कराने की सलाह देते हैं, मगर यहां सुविधा न होने से मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है, जहां करीब डेढ़ से दाे हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सराजुद्दीन से बात कर योजना बनाई। इसके बाद करीब पांच लाख रुपये की लागत से मशीन मंगा ली गई है। इसे शुरू करने के लिए ईसीजी के बगल में स्थान चिह्नित किया गया।
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मेडिकल कॉलेज में टीएमटी जांच की सुविधा शुरू करने के लिए मशीन मंगा ली गई है। जल्द जांच की सुविधा मरीजों को उपलब्ध होने लगेगी। इसके बाद मरीजों को जांच कराने में आसानी होगी।