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Deoria News: समय से भोजन व नाश्ता नहीं मिलने पर तीमारदारों ने किया हंगामा
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सलेमपुर के सीएचसी में प्रसूताओं को मिलने वाले भोजन व नास्ता को लेकर शिकायत करते
- फोटो : SALEMPUR
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समय से भोजन व नाश्ता नहीं मिलने पर तीमारदारों ने किया हंगामा
सलेमपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव केंद्र में आने वाली महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत सहूलियत नहीं दी जा रही है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तक प्रसूताओं को अंडा, दूध, मक्खन, ब्रेड नहीं दिया गया था। इससे नाराज तीमारदारों ने प्रसव कक्ष में हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देखकर दोपहर बाद कुछ प्रसूताओं को दूध दिया गया। अधिकतर प्रसूताओं को दूध नहीं मिला। तीमारदारों ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की।
जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव होने के बाद 48 घंटे तक प्रसूताओं को नाश्ता और दोनों वक्त का भोजन दिया जाना है। इसके लिए सुबह-शाम का मेन्यू तय है। शासन की मंशा है कि शुरूआती घंटों में प्रसूता को पौष्टिकता की पूरी खुराक मिल सके, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। यहां ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई है।
मेन्यू के मुताबिक, सुबह चाय, ब्रेड और आधा लीटर दूध देना है। शाम को चाय, ब्रेड और दो अंडे या दो मौसमी फल दिए जाने हैं। दोपहर में दाल, चावल, सब्जी, सलाद और रात को सब्जी-रोटी या पराठा-सब्जी देना है। यहां प्रसूताओं को गुणवत्तायुक्त भोजन देने के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। अंडा, दूध, मक्खन, ब्रेड तो दूर, इन्हें भोजन के भी लाले हैं। ऐसे में तीमारदार घर से भोजन लाने के लिए मजबूर हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भाटपार रानी थाना क्षेत्र के सोहन पाल गांव निवासी सुनील कुमार की पत्नी साधना देवी, कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी अरमान अली की पत्नी रुखसार बेगम, नदावर गांव निवासी सद्दाम हुसैन की पत्नी सना खातून, नगर के वार्ड नंबर 13 पश्चिमी इचौना निवासी दीपक जायसवाल की पत्नी प्रियंका जायसवाल व मझौली राज नगर के वार्ड नंबर पांच टेढ़ी मोहल्ला निवासी जमाल अहमद की पत्नी सोनी देवी का प्रसव हुआ था।
प्रसूताओं ने बताया कि 11:00 बजे तक सीएससी के जिम्मेदारों की ओर से न कोई नाश्ता न ही भोजन दिया गया है। तीमारदारों ने इसकी शिकायत सीएससी के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार से की। उसके बावजूद प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन नहीं दिया गया। इसके बाद तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख सीएससी के अधीक्षक के निर्देश के घंटों बाद प्रसूताओं को भोजन दिया गया।
प्रसव के बाद प्रसूता के परिजन उन्हें अस्पताल में रोकने की जगह बिना बताए घर लेकर चले जाते हैं। नियमानुसार उन्हें तीन दिनों तक अस्पताल में रहना चाहिए। ऐसे में कुछ प्रसूताओं को नाश्ता, भोजन नहीं मिल पाता है। मंगलवार को तीमारदारों की शिकायत के बाद प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया गया।
- डॉ. अतुल कुमार, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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सलेमपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव केंद्र में आने वाली महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत सहूलियत नहीं दी जा रही है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तक प्रसूताओं को अंडा, दूध, मक्खन, ब्रेड नहीं दिया गया था। इससे नाराज तीमारदारों ने प्रसव कक्ष में हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देखकर दोपहर बाद कुछ प्रसूताओं को दूध दिया गया। अधिकतर प्रसूताओं को दूध नहीं मिला। तीमारदारों ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की।
जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव होने के बाद 48 घंटे तक प्रसूताओं को नाश्ता और दोनों वक्त का भोजन दिया जाना है। इसके लिए सुबह-शाम का मेन्यू तय है। शासन की मंशा है कि शुरूआती घंटों में प्रसूता को पौष्टिकता की पूरी खुराक मिल सके, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। यहां ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से योजना लापरवाही की भेंट चढ़ गई है।
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मेन्यू के मुताबिक, सुबह चाय, ब्रेड और आधा लीटर दूध देना है। शाम को चाय, ब्रेड और दो अंडे या दो मौसमी फल दिए जाने हैं। दोपहर में दाल, चावल, सब्जी, सलाद और रात को सब्जी-रोटी या पराठा-सब्जी देना है। यहां प्रसूताओं को गुणवत्तायुक्त भोजन देने के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। अंडा, दूध, मक्खन, ब्रेड तो दूर, इन्हें भोजन के भी लाले हैं। ऐसे में तीमारदार घर से भोजन लाने के लिए मजबूर हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भाटपार रानी थाना क्षेत्र के सोहन पाल गांव निवासी सुनील कुमार की पत्नी साधना देवी, कोतवाली थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी अरमान अली की पत्नी रुखसार बेगम, नदावर गांव निवासी सद्दाम हुसैन की पत्नी सना खातून, नगर के वार्ड नंबर 13 पश्चिमी इचौना निवासी दीपक जायसवाल की पत्नी प्रियंका जायसवाल व मझौली राज नगर के वार्ड नंबर पांच टेढ़ी मोहल्ला निवासी जमाल अहमद की पत्नी सोनी देवी का प्रसव हुआ था।
प्रसूताओं ने बताया कि 11:00 बजे तक सीएससी के जिम्मेदारों की ओर से न कोई नाश्ता न ही भोजन दिया गया है। तीमारदारों ने इसकी शिकायत सीएससी के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार से की। उसके बावजूद प्रसूताओं को नाश्ता व भोजन नहीं दिया गया। इसके बाद तीमारदारों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख सीएससी के अधीक्षक के निर्देश के घंटों बाद प्रसूताओं को भोजन दिया गया।
प्रसव के बाद प्रसूता के परिजन उन्हें अस्पताल में रोकने की जगह बिना बताए घर लेकर चले जाते हैं। नियमानुसार उन्हें तीन दिनों तक अस्पताल में रहना चाहिए। ऐसे में कुछ प्रसूताओं को नाश्ता, भोजन नहीं मिल पाता है। मंगलवार को तीमारदारों की शिकायत के बाद प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया गया।
- डॉ. अतुल कुमार, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र