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Deoria News: सड़क फिर बनवाने की थी तैयारी, पोल खुलते ही लौटाई रकम
Sat, 26 Apr 2025 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 26 Apr 2025 11:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। दो साल पहले बने कप्तानगंज-हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग को दोबारा बनवाने के नाम पर जिम्मेदारों ने शासन से फिर से छह करोड़ रुपये मंगवा लिए।
मामला उजागर होने पर आनन-फानन रकम वापस कर दी गई। भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है।
कप्तानगंज-हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग वर्ष 20216-17 में विश्व बैंक की बाह्य सहायतित परियोजना में स्वीकृत हुआ। इसका निर्माण दो साल पहले पूरा हो चुका है। इसके अनुरक्षण की अवधि 2027 तक है। इस साल 2015 के शासनादेश का हवाला देकर धन की मांग फॉर्म बीएम-15 के जरिये वित्त नियंत्रक लखनऊ से की गई।
इसके बाद मार्ग के किमी 40.630 से किमी 58.835 तक और रुद्रपुर बाईपास मार्ग के किमी 0.00 से किमी 4.270 तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य लंबाई 21.875 किमी के लिए शासन से छह करोड़, आठ लाख, 20 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई।
भाजयुमो नेता का आरोप है कि धनराशि के बंदरबांट के लिए अधिकारियों ने बिना काम कराए एमबी कर दी और देयक बिल भी फर्जी तरीके से तैयार करा लिया। आरोप है कि एक पूर्व अधिकारी व पूर्व अकाउंटेंट का फर्जी हस्ताक्षर कर बिल का टोकन तैयार कराकर ट्रेजरी में भुगतान के लिए भेज दिया गया। इसी बीच किसी ने प्रकरण को वायरल कर दिया।
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इसके बाद आनन-फानन ट्रेजरी से किसी तरह बिल वापस कराया गया। इसके बाद अधिकारियों ने धनराशि का समर्पण कर दिया। भाजयुमो नेता का कहना है यदि मुख्यमंत्री से शिकायत न की गई होती तो धांधली हो जाती।
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देवरिया। दो साल पहले बने कप्तानगंज-हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग को दोबारा बनवाने के नाम पर जिम्मेदारों ने शासन से फिर से छह करोड़ रुपये मंगवा लिए।
मामला उजागर होने पर आनन-फानन रकम वापस कर दी गई। भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष आशुतोष मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है।
कप्तानगंज-हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर मार्ग वर्ष 20216-17 में विश्व बैंक की बाह्य सहायतित परियोजना में स्वीकृत हुआ। इसका निर्माण दो साल पहले पूरा हो चुका है। इसके अनुरक्षण की अवधि 2027 तक है। इस साल 2015 के शासनादेश का हवाला देकर धन की मांग फॉर्म बीएम-15 के जरिये वित्त नियंत्रक लखनऊ से की गई।
इसके बाद मार्ग के किमी 40.630 से किमी 58.835 तक और रुद्रपुर बाईपास मार्ग के किमी 0.00 से किमी 4.270 तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य लंबाई 21.875 किमी के लिए शासन से छह करोड़, आठ लाख, 20 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई।
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भाजयुमो नेता का आरोप है कि धनराशि के बंदरबांट के लिए अधिकारियों ने बिना काम कराए एमबी कर दी और देयक बिल भी फर्जी तरीके से तैयार करा लिया। आरोप है कि एक पूर्व अधिकारी व पूर्व अकाउंटेंट का फर्जी हस्ताक्षर कर बिल का टोकन तैयार कराकर ट्रेजरी में भुगतान के लिए भेज दिया गया। इसी बीच किसी ने प्रकरण को वायरल कर दिया।
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इसके बाद आनन-फानन ट्रेजरी से किसी तरह बिल वापस कराया गया। इसके बाद अधिकारियों ने धनराशि का समर्पण कर दिया। भाजयुमो नेता का कहना है यदि मुख्यमंत्री से शिकायत न की गई होती तो धांधली हो जाती।