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धरना देकर बुलंद की आवाज
देवरिया
Updated Thu, 11 Aug 2016 10:56 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के लोगों ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया।
- फोटो : अनूप तिवारी
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देवरिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय हड़ताल का असर दिखने लगा है। दूसरे दिन भी कार्यालयों में तालाबंदी रही, जिसके कारण लोगों को बैरंग लौटना पड़ा है। कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने और वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
राज्य कर्मचारियों ने प्रमुख मांगों कैशलेस सुविधा प्रदान करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों को आठ, 16 और 20 साल की कुल सेवा में तीन पदोन्नति वेतनमान देने, फील्ड कर्मचारियों का मोटर साइकिल भत्ता, एनएचएम कर्मचारियों, कंप्यूटर आपरेटर, पीआरडी, आंगनबाड़ी, रसोइया, ग्राम रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करना शामिल है। अपनी मांगों को लेकर कई कर्मचारी संगठनों ने हुंकार भरी।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के ईं. केएन राय, ई. मारकंडेय तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए। कर्मचारी नेता अमरनाथ मिश्र और मारकंडेय शाही, ओमप्रकाश यादव ने कर्मचारियों की समस्याओं को जोरशोर से रखा। यूपी मेडिकल हेल्थ मिनिस्ट्रीयल संघ के संरक्षक अजीत गुप्ता और राघव सिंह, रमेश प्रसाद, विजय बहादुर ने कर्मचारी हितों में प्रदेश सरकार को कदम उठाने की वकालत की। केसी मिश्र, रणविजय सिंह, गोरख मिश्र, एसपी शाही, शिव प्रसाद ने भी अपनी बात रखी।
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अध्यक्षता जयनारायण यादव और संचालन अशोक पांडेय ने किया। इस मौके पर कर्मचारी नेता घनश्याम उपाध्याय, अयूब खां, मनोज राजभर, संजय गौतम, धर्मेंद्र यादव, भागवत यादव, सूबेदार यादव, सतीश शुक्ला, सुशील मणि, उपेंद्र राय, उमेश गुप्ता, सन्नी देवल, शिवशंकर द्विवेदी, मनोज पांडेय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारियों ने प्रमुख मांगों कैशलेस सुविधा प्रदान करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, राज्य कर्मचारियों को आठ, 16 और 20 साल की कुल सेवा में तीन पदोन्नति वेतनमान देने, फील्ड कर्मचारियों का मोटर साइकिल भत्ता, एनएचएम कर्मचारियों, कंप्यूटर आपरेटर, पीआरडी, आंगनबाड़ी, रसोइया, ग्राम रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करना शामिल है। अपनी मांगों को लेकर कई कर्मचारी संगठनों ने हुंकार भरी।
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डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के ईं. केएन राय, ई. मारकंडेय तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार को कर्मचारियों की मांगों को पूरा करना चाहिए। कर्मचारी नेता अमरनाथ मिश्र और मारकंडेय शाही, ओमप्रकाश यादव ने कर्मचारियों की समस्याओं को जोरशोर से रखा। यूपी मेडिकल हेल्थ मिनिस्ट्रीयल संघ के संरक्षक अजीत गुप्ता और राघव सिंह, रमेश प्रसाद, विजय बहादुर ने कर्मचारी हितों में प्रदेश सरकार को कदम उठाने की वकालत की। केसी मिश्र, रणविजय सिंह, गोरख मिश्र, एसपी शाही, शिव प्रसाद ने भी अपनी बात रखी।
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अध्यक्षता जयनारायण यादव और संचालन अशोक पांडेय ने किया। इस मौके पर कर्मचारी नेता घनश्याम उपाध्याय, अयूब खां, मनोज राजभर, संजय गौतम, धर्मेंद्र यादव, भागवत यादव, सूबेदार यादव, सतीश शुक्ला, सुशील मणि, उपेंद्र राय, उमेश गुप्ता, सन्नी देवल, शिवशंकर द्विवेदी, मनोज पांडेय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।