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Deoria News: बाजारों में बढ़ी रौनक, मिट्टी के बर्तनों की सजीं दुकानें
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नवरात्र को लेकर बाजार में सजीं कलश की दुकानें।
देवरिया। शारदीय नवरात्र पर नवमी पूजन को लेकर जिले में भक्ति और उत्साह का माहौल है। मंगलवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों तक में रौनक रही। कलश, घड़े और पूजन सामग्री की दुकानें सजी रहीं।
बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूजन सामग्री की दुकानों पर कपूर, धूप, हवन सामग्री और नारियल खरीदने वालों की भीड़ रही। मिट्टी के कलश और घड़ों को अनुष्ठान के लिए खरीदा। धार्मिक परंपरानुसार अष्टमी की रात को नवमी की पूजा की जाती है। इसके लिए शहर के बाजारों में कलश की दुकानें सजी। शहर के मालवीय रोड, राघव नगर और कोतवाली रोड में कुम्हारों ने अपनी दुकाने सजाईं। यहां कलश 40 रुपये प्रति सेट के हिसाब से बिका। इसमें एक कोसा और एक दीपक भी दिया जा रहा था। वहीं घड़ा की कीमत सौ रुपये रखी गई।
इसके साथ भी एक कोसा व दीपक नि:शुल्क दिया गया। इसके अलावा छोटे दीपक सौ रुपये प्रति सैकड़ा के भाव से बिका। शहर के कोतवाली चौराहे पर दुकान लगाए बरियापुर के मोहन प्रजापति ने बताया कि इस बार कलश व घड़े की मांग में वृद्धि हुई है। वहीं रामहित और हरिलाल ने बताया कि घड़े व कलश के साथ लोग गुल्लक भी खरीद रहे हैं। गुल्लक आकार के हिसाब से 10 रुपये से लेकर सौ रुपये तक के भाव के हैं।
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बाजारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूजन सामग्री की दुकानों पर कपूर, धूप, हवन सामग्री और नारियल खरीदने वालों की भीड़ रही। मिट्टी के कलश और घड़ों को अनुष्ठान के लिए खरीदा। धार्मिक परंपरानुसार अष्टमी की रात को नवमी की पूजा की जाती है। इसके लिए शहर के बाजारों में कलश की दुकानें सजी। शहर के मालवीय रोड, राघव नगर और कोतवाली रोड में कुम्हारों ने अपनी दुकाने सजाईं। यहां कलश 40 रुपये प्रति सेट के हिसाब से बिका। इसमें एक कोसा और एक दीपक भी दिया जा रहा था। वहीं घड़ा की कीमत सौ रुपये रखी गई।
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इसके साथ भी एक कोसा व दीपक नि:शुल्क दिया गया। इसके अलावा छोटे दीपक सौ रुपये प्रति सैकड़ा के भाव से बिका। शहर के कोतवाली चौराहे पर दुकान लगाए बरियापुर के मोहन प्रजापति ने बताया कि इस बार कलश व घड़े की मांग में वृद्धि हुई है। वहीं रामहित और हरिलाल ने बताया कि घड़े व कलश के साथ लोग गुल्लक भी खरीद रहे हैं। गुल्लक आकार के हिसाब से 10 रुपये से लेकर सौ रुपये तक के भाव के हैं।
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