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वर्ष 1995 में दी राजनीति में दस्तक

Mon, 20 Feb 2017 12:31 AM IST
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 20 Feb 2017 12:31 AM IST
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The knock in politics in 1995
देवरिया के बरहज शीट से पूर्व विधायक रामप्रसाद जायसवाल के निधन की सूचना मिलते ही बरहज स्थित आवास पर उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
 लंबे समय से बीमार चल रहे बसपा नेता पूर्व विधायक रामप्रसाद जायसवाल का गुड़गांव के वेदांता अस्पताल में शनिवार की देर रात निधन हो गया। सूचना से शुभचिंतकों में शोक व्याप्त छा गया है। थाना घाट निवासी और पूर्व सांसद गोरख प्रसाद जायसवाल के पुत्र रामप्रसाद जायसवाल काफी दिनों से बीमार थे। एनआरएचएम घोटाले के आरोपी रामप्रसाद को न्यायालय ने अंतरिम बेल पर रिहा किया था। उनकी मौत से पत्नी रेनू जायसवाल का रो-रोकर बुरा हाल है। मां प्रभावती देवी सदमे में हैं। तीनों पुत्र श्याम, मुरली मनोहर और प्रीतम को लोग समझाने में असहाय महसूस कर रहे थे। सुबह से ही उनके आवास पर भीड़ जुट गई थी।
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रामप्रसाद जायसवाल ने गरीबी को नजदीक से देखा था। इससे उबरने के लिए 10वीं के बाद कमाने को इंफाल चले गए। लोग बताते हैं कि पिता गोरख जायसवाल पन्नालाल सेठ के कपड़े की दुकान के बगल में सुर्ती की दुकान करते थे। अच्छा खासा धन अर्जित कर वापसी के बाद रामप्रसाद ने 1995 में कांग्रेस ज्वाइन कर राजनीति शुरू की। 2000 में पत्नी रेनू जायसवाल के साथ रामप्रसाद जायसवाल ने बसपा में चले गए। 2002 में बरहज विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे लेकिन सफल नहीं हुए। 2007 में बसपा से बरहज के विधायक चुने गए। वह पार्टी के कद्दावर नेता बाबू सिंह कुशवाहा के खासमखास माने जाते थे। 2009 में पिता गोरख प्रसाद जायसवाल को देवरिया सदर सीट से लोकसभा में पहुंचा दिया। बसपा सरकार में हुए एनआरएचएम घोटाले में नाम आने पर 2012 में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला करते हुए पत्नी रेनू जायसवाल को मैदान में उतारा लेकिन वह दूसरे नंबर पर रहीं। इसी बीच एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई जांच के घेरे में पूरी तरह फंस चुके रामप्रसाद को 6 मार्च 2012 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अभी हाल में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी। बेल पर रिहा थे। 
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बंद रहीं दुकानें, टूटी दलीय सीमाएं 
बरहज। विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों के नेता पूर्व विधायक रामप्रसाद के निधन की जानकारी मिलते ही प्रचार-प्रसार बंद कर उनके आवास की तरफ चल दिए। नगर की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान नरेन्द्र मिश्र, एमएलसी मनीष जायसवाल, जेपी जायसवाल, जितेन्द्र सिंह, दीपक उर्फ शाका मिश्र, अखिलेन्द्र शाही, गेनालाल यादव, अजीत जायसवाल, अंतिमा जायसवाल, राधाचरण सेठ, पूर्व विधायक प्रमोद सिंह, नियाज अहमद आदि उपस्थित रहे।
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जायसवाल समाज को अपूर्णनीय क्षति
देवरिया। जायसवाल समाज और जायसवाल युवा सेवा समिति की बैठक रविवार को कैंप कार्यालय में हुई। पूर्व विधायक राम प्रसाद जायसवाल के निधन पर शोक जताया गया। मौन रख कर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपूर्णनीय क्षति हुई है। इस दौरान धनोज जायसवाल, मंटू जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, विजय जायसवाल, पिंटू जायसवाल, दिनेश जायसवाल, हरिशचंद्र जायसवाल, भवानी जायसवाल, सीमा जायसवाल, कौशल्या जायसवाल, सीता जायसवाल, वंदना जायसवाल, बेबी जायसवाल, सरिता जायसवाल, अंजलि जायसवाल आदि मौजूद रही।
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