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Deoria News: रबी की बुआई को खेत तैयार, समितियों पर नही है खाद

Thu, 02 Nov 2023 12:43 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Nov 2023 12:43 AM IST
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The fields are ready for Rabi sowing, there is no fertilizer on the committees
-नवंबर के पहले सप्ताह में कैसे करें गेहूं की बुवाई, पैदावार पर होगा असर
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संवाद न्यूज एजेंसी

भटनी। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं लागू करने का दावा कर रही है, लेकिन किसानों को फसल की बुवाई के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। आलम यह है कि सहकारी समितियों के गोदाम सूने पड़े हैं, और किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। ऐसे में नवंबर के पहले सप्ताह में गेंहू की बुवाई कराने वाले किसान परेशान हैं।
उन्होंने इसका असर पैदावार पर पड़ने की बात कही है। रबी फसल की बुवाई का सीजन 15 अक्तूबर से शुरू हो गया है। इस साल औसतन कम बारिश होने से किसानों को खेतों की सिंचाई करने के बाद ही आलू, गेहूं और सरसों की बुवाई करनी है। अब खेत बुवाई के लिए तैयार हैं। किसानों ने बीज का इंतजाम कर लिया है, लेकिन सहकारी समितियों पर खाद नहीं होने से किसान परेशान हैं। इसके चलते किसानों को बाजार से नकद पैसा देकर खाद खरीदनी पड़ रही है।
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खाद नहीं मिलने से किसानों को बुवाई में पिछड़ने की चिंता है, तो वहीं खेत के सूखने का भय भी सता रहा है। किसान खाद की आस में समितियों के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में नवंबर के पहले सप्ताह में गेहूं और सरसों की बुवाई करने वाले किसानों ने खाद नहीं मिलने से पैदावार कम होने की बात कही है।
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शासन भले ही किसानों को समय पर खाद- बीज की सुविधा मुहैया कराने को लेकर गंभीर हो, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण किसानों को समय पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वर्तमान में बुवाई का सीजन चल रहा है, इसके बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। समय पर बुवाई और बीज को नमी न मिलने से फसल खराब हो जाएगी।
-राजेश दुबे, घांटी खास

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गेहूं की बुवाई का सही समय नवंबर के प्रथम सप्ताह में माना जाता है। अभी तक खाद नहीं मिला है। जिम्मेदार अभी एक सप्ताह और इंतजार करने की बात कह रहे है। ऐसे में बुवाई लेट होगी तो पैदावार पर असर पड़ेगा।
-रामकुमार कुशवाहा, धर्मखोर बाबू....
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इस साल औसतन कम बरसात होने से सभी खेतों को सिंचाई के बाद ही बुवाई करानी है। सिंचाई के बाद खेत बुवाई को तैयार है, लेकिन गोदामों पर बीज और खाद नहीं है। इसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


-अजय नाथ तिवारी, गोपालपुर

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खाद के लिए समिति पर लगभग चार दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिल सकी है। आजकल कहकर टाला जा रहा है। इससे काफी परेशान हैं। खाद नहीं मिलने पर खेत में दोबारा पानी देना होगा।

-हदीश अंसारी, मिश्रौली दीक्षित
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