फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   The fear of Rat Willer and the danger hovering around the country without vaccination

Deoria News: खौफ राॅट विलर का और इर्द-गिर्द मंडरा रहा खतरा बिना वैक्सीनेशन वाले देसी का

Thu, 13 Jul 2023 12:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
The fear of Rat Willer and the danger hovering around the country without vaccination
गली के कुत्ते ज्यादा खतरनाक, इन्हें मारिए-पिटिए मत...वैक्सीनेशन कराइए
विज्ञापन


सात जुलाई का पीडीएफ लगाएं



संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। घरों में पाले गए जर्मन शेफर्ड, राॅट विलर और पिटबुल से ज्यादा खतरनाक गली के कुत्ते हैं। गली के कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं होता है और ये आपके दरवाजे के ईद-गिर्द ही मंडराते है। अगर काट दिए तो जान बन आएगी। इन्हें मारिए-पिटिए नहीं और न भगाए। बस जरूरत है इन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने की। यह काम कॉलोनी के लोग ही कर सकते हैं। लोगों का कहना है कि देसी कुत्ते को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए नगर पालिका परिषद मोटी रकम खर्च करता है। उसी बजट का वैक्सीनेशन करा दें तो हर कोई सुरक्षित हो जाएगा।
गली के कुत्तों के आतंक से हर कोई परेशान है। पर इनसे बचने के इंतजाम के प्रति गंभीरता नहीं है। जबकि यह मुसीबत हर दरवाजे पर खड़ी है। इसका शिकार कब कौन हो जाए, किसी को पता नहीं। जिला अस्पताल में हर दिन लगने वाले 120 से 130 से अधिक एंटी रैबीज इंजेक्शन भी इस बात को प्रमाणित कर रहे हैं कि गली के कुत्ते आए दिन लोगों को शिकार बना रहे हैं। इसमें 20 से 25 प्रतिशत बच्चे हैं। इसे लेकर कुछ लोगों की शिकायतें भी नगर पालिका तक पहुंच रही हैं, लेकिन शिकायतों को नजरंदाज कर दिया गया है। हर गली, कॉलोनी में कुत्तों का झुंड रात-दिन घूम रहा है। हालत यह है कि फोरलेन हो या मोहल्ले की सड़क, बाइक चला रहे लोगों को कुत्ते दौड़ा ले रहे हैं। इससे लोगों को जान का खतरा भी है।
विज्ञापन

-------------
वैक्सीनेशन सबसे अच्छा उपाय है
कॉलोनी और गलियों में कुत्तों का खतरा हर जगह मंडरा रहा है। इन सभी में क्षेत्रवाद भी होता है। अगर एक-दूसरे के क्षेत्र में चले जाएं तो और खूंखार हो जाते हैं। इनका वैक्सीनेशन जरूरी है। इनके जनसंख्या नियंत्रण के लिए भी उपाय करना होगा। बिना वैक्सीनेशन वाले कुत्ते काट ले तो जान भी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकील सिंह, न्यू कॉलोनी
----------------
जनसंख्या पर नियंत्रण करना जरूरी
शहर का शायद ही कोई मुहल्ला हो, जहां गली के कुत्ते न मिल जाएं। इनसे बच्चे, बुजुर्ग सभी को खतरा रहता है। खेलते समय अगर निगरानी न रखी जाए तो बच्चों को काट लेंगे। रात में भौंकते हैं तो नींद खुल जाती है। इन कुत्तों के जनसंख्या नियंत्रण का उपाय होना चाहिए और वैक्सीनेशन भी जरूरी है।

डॉ. डीके पांडेय, राघव नगर
--------------
गली के कुत्तों को पकड़ने के लिए वाहन भेजा जाता है। जिन जगहों से शिकायत आती है उन जगहों पर टीम भेजी जाती है। आने वाले समय में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। जहां पर इन्हें कुछ दिन रखने के बाद वैक्सीनेशन कराया जाता है। अभी यह सुविधा नहीं है।

रोहित सिंह, ईओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed