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Deoria News: आरएसएस के पथ संचलन में दिखा स्वयंसेवकों का अनुुशासन
Sun, 05 Oct 2025 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:35 PM IST
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पथ संचलन करते आरएसएस स्वयंसेवक,
संवाद न्यूज एजेंंसी देवरिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ साल पूरे होने पर रविवार को दीनदयाल शाखा का पंथ संचलन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसकी शुरुआत संत विनोबा पीजी कालेज परिसर से हुई। इसमें बढ़चढ़कर स्वंयसेवकों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहाकि हमारे व्रत और त्योहार हिंदू संस्कृति और सनातन परंपराओं को जीवंत रखने में और सामाजिक एकता के संवर्धन में सहायक हैं। महर्षि अरविंद घोष ने कहा था कि अगर सनातन बचा रहा तो भारत बचा रहेगा और सनातन छिन्न भिन्न हो गया तो भारत भी छिन्न-भिन्न हो जाएगा। मुख्य वक्ता ने कहाकि रामनगर की रामलीला विश्व प्रसिद्ध रामलीला है।
जहां पर आज भी रामलीला अपने परंपरागत रूप में होती है। बिना माईक के बिना बिजली के और लोग बारिश में खड़े होकर भी रामलीला का मंचन देखते हैं। हमें अपने धरोहर को संजोकर रखना होगा। इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम देश हैं। वहां रामलीला का मंचन वहां के स्थानीय लोग मुस्लिम समाज द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहाकि 1925 वर्ष के सितम्बर माह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन हुआ और 1925 में ही दिसम्बर माह में कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया का गठन हुआ।
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उन्होंने आगेकहा कि दो अलग-अलग विचारधारा को मानने वाले संगठन की स्थापना एक ही वर्ष में हुई किन्तु वह संगठन कहा खड़ा हैं और आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहा खड़ा हैं। दोनों का अन्तर आज समाज के सामने है और समाज देख रहा है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में संघ के स्वयंसेवक अपने कार्य को विषम और विकट परिस्थितियों में करते हैं।
इस अवसर पर विभाग प्रचारक दीपक, जिला प्रचारक आकाश, जिला संघचालक मकसूदन, कार्यक्रम संयोजक अवनीन्द्र, विकास, दीपक, सतीश, राजेन्द्र आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहाकि हमारे व्रत और त्योहार हिंदू संस्कृति और सनातन परंपराओं को जीवंत रखने में और सामाजिक एकता के संवर्धन में सहायक हैं। महर्षि अरविंद घोष ने कहा था कि अगर सनातन बचा रहा तो भारत बचा रहेगा और सनातन छिन्न भिन्न हो गया तो भारत भी छिन्न-भिन्न हो जाएगा। मुख्य वक्ता ने कहाकि रामनगर की रामलीला विश्व प्रसिद्ध रामलीला है।
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जहां पर आज भी रामलीला अपने परंपरागत रूप में होती है। बिना माईक के बिना बिजली के और लोग बारिश में खड़े होकर भी रामलीला का मंचन देखते हैं। हमें अपने धरोहर को संजोकर रखना होगा। इंडोनेशिया सबसे बड़ा मुस्लिम देश हैं। वहां रामलीला का मंचन वहां के स्थानीय लोग मुस्लिम समाज द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहाकि 1925 वर्ष के सितम्बर माह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन हुआ और 1925 में ही दिसम्बर माह में कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया का गठन हुआ।
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उन्होंने आगेकहा कि दो अलग-अलग विचारधारा को मानने वाले संगठन की स्थापना एक ही वर्ष में हुई किन्तु वह संगठन कहा खड़ा हैं और आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहा खड़ा हैं। दोनों का अन्तर आज समाज के सामने है और समाज देख रहा है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में संघ के स्वयंसेवक अपने कार्य को विषम और विकट परिस्थितियों में करते हैं।
इस अवसर पर विभाग प्रचारक दीपक, जिला प्रचारक आकाश, जिला संघचालक मकसूदन, कार्यक्रम संयोजक अवनीन्द्र, विकास, दीपक, सतीश, राजेन्द्र आदि उपस्थित रहे।