{"_id":"5839c1884f1c1bd14d13b040","slug":"the-constitution-provides-equality-dr-line","type":"story","status":"publish","title_hn":"संविधान देता बराबरी का हक : डॉ. रेखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संविधान देता बराबरी का हक : डॉ. रेखा
देवरिया
Updated Sat, 26 Nov 2016 10:38 PM IST
विज्ञापन
डॉ. रेखा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। संविधान दिवस पर शनिवार को तहसील और रामजी सहाय पीजी कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान लोगों ने संविधान का पालन करने और लोगों को उनके मौलिक अधिकार दिलाने का संकल्प लिया।
पीजी कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में राजनीति शास्त्र की प्रो. डॉ. रेखा पांडेय ने कहा कि भारतीय संविधान लचीला और कठोर दोनों है। देश में लागू संविधान सभी लोगों को बराबर का हक देता है। मौलिक अधिकारों से लोग स्वयं को स्वतंत्र पाते है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वर्तमान में देश को मजबूत बना रहा है।
तहसील सभागार में वकील और प्रशासन के लोगों ने संविधान में आम नागरिकों के अधिकारों पर खुलकर विचार रखे। नायब तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित ने कहा कि अच्छे लोग रहते है तो संविधान का पालन ठीक से होता है और गलत आचरण रहे, तो संविधान कितना भी कठोर क्यों न हो, उसका कोई असर नहीं पड़ता।
विज्ञापन
गोष्ठी में डॉ. अजय पांडेय, डॉ. संतोष यादव, डॉ. एसएन मिश्रा, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. चंद्रभान वर्मा, डॉ. नरेंद्र शर्मा, रश्मि बरनवाल, विजय यादव, राहुल विश्वकर्मा, अंबुज पांडेय, उत्कर्ष रावत, नीलम गौतम, अमन कुमार, ब्रज बिहारी पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, आनंद सिंह आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
पीजी कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में राजनीति शास्त्र की प्रो. डॉ. रेखा पांडेय ने कहा कि भारतीय संविधान लचीला और कठोर दोनों है। देश में लागू संविधान सभी लोगों को बराबर का हक देता है। मौलिक अधिकारों से लोग स्वयं को स्वतंत्र पाते है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वर्तमान में देश को मजबूत बना रहा है।
विज्ञापन
तहसील सभागार में वकील और प्रशासन के लोगों ने संविधान में आम नागरिकों के अधिकारों पर खुलकर विचार रखे। नायब तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित ने कहा कि अच्छे लोग रहते है तो संविधान का पालन ठीक से होता है और गलत आचरण रहे, तो संविधान कितना भी कठोर क्यों न हो, उसका कोई असर नहीं पड़ता।
विज्ञापन
गोष्ठी में डॉ. अजय पांडेय, डॉ. संतोष यादव, डॉ. एसएन मिश्रा, डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. चंद्रभान वर्मा, डॉ. नरेंद्र शर्मा, रश्मि बरनवाल, विजय यादव, राहुल विश्वकर्मा, अंबुज पांडेय, उत्कर्ष रावत, नीलम गौतम, अमन कुमार, ब्रज बिहारी पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह, आनंद सिंह आदि ने संबोधित किया।