फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   The bullies again cut the Khajuria Rajwaha, fields became ponds

Deoria News: दबंगों ने फिर काट दी खजुरिया रजवाहा, खेत बने तालाब

Tue, 01 Aug 2023 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 01 Aug 2023 12:14 AM IST
विज्ञापन
The bullies again cut the Khajuria Rajwaha, fields became ponds
देवरिया। गंडक विभाग की सुस्ती कहें या पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता का नतीजा, रविवार की रात में दबंगों ने फिर से खजुरिया रजवाहा को काट दिया है, जिससे आस-पास के खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। दबंगों के खजुरिया व सेमरी रजवाहा के काटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। नहर काटकर दबंग जहां गरीब किसानों का निवाला छीन रहे हैं, वहीं शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन व गंडक विभाग कार्रवाई से कतरा रहा है। इसके कारण नहर के पड़ोसी किसानों में आक्रोश है।
विज्ञापन


तरकुलवा विकासखंड क्षेत्र में शुक्रवार की रात जमुनी गांव के पास दबंगों ने 62.050 किमी. पर खजुरिया रजवाहा को काट दिया था। रविवार रात फिर उसी जगह पर नहर को दबंगों द्वारा काट दिया गया है, जिससे आसपास के किसानों के खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। सबसे खराब स्थिति नहर के आस-पास स्थित गरीब किसानों की है, जिनके पास कम खेत है और वह भी पानी में डूब गए हैं। पीड़ित किसान केसरीपुर गांव निवासी गौरी शंकर धोबी का कहना है कि उनके पास केवल पांच कट्ठे खेत हैं, जो हर साल नहर के कटने से बर्बाद हो जाता है। एक छटाक अनाज घर नहीं पहुंचता है। इसके अलावा बालपुर के रामध्यान यादव, मदारीपट्टी के चंद्रिका चौहान, सादा, गाजी आदि किसानों का कहना है कि हर साल दबंग लोग नहर काट देते हैं, जिससे फसल बर्बाद हो जाती है। शिकायत करने पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। तरकुलवा, जमुनी, कारी टोला, केसरीपुर, उजियार टोला, मदारीपट्टी आदि गांवों के किसानों का कहना है कि हर साल यहां दबंग लोग नहर को काट देते हैं, जिससे उनके खेतों में रेत और मिट्टी पट जाती है। साथ ही जलभराव से फसल नष्ट हो जाती है। शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन और गंडक विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। पीड़ित किसानों ने नहर काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बर्बाद हुई फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। गंडक विभाग के जेई रमेश चौरसिया ने बताया कि एक सप्ताह में आठ बार लोग नहर को काट चुके हैं। गंडक विभाग भी नहर कटने से परेशान है। विभाग की ओर से थाने में तहरीर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed