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Deoria News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा सुन श्रोता भावविभोर
Wed, 05 Nov 2025 01:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:47 AM IST
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भाटपाररानी। बनकटा मिश्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन मंगलवार को पंडित बृजेश मणि त्रिपाठी ने गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, महारास लीला, रासलीला में भगवान शंकर का आना एवं श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने विवाह के प्रसंग की संगीतमय प्रस्तुति की।
भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। कथा मंडप में विवाह का प्रसंग आते ही चारों तरफ से श्रीकृष्ण-रुक्मणी पर जमकर फूलों की बरसात हुई। कथावाचक ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जीव परमात्मा का अंश है।
इसलिए जीव के अंदर अपार शक्ति रहती है। यदि कोई कमी रहती है तो वह मात्र संकल्प की होती है। संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे। इस दौरान दिलीप मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र, मल्ल जी पटेल, कामेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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भगवान श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। कथा मंडप में विवाह का प्रसंग आते ही चारों तरफ से श्रीकृष्ण-रुक्मणी पर जमकर फूलों की बरसात हुई। कथावाचक ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जीव परमात्मा का अंश है।
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इसलिए जीव के अंदर अपार शक्ति रहती है। यदि कोई कमी रहती है तो वह मात्र संकल्प की होती है। संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे। इस दौरान दिलीप मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र, मल्ल जी पटेल, कामेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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