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Deoria News: बीएसए कार्यालय पर गरजे शिक्षक
Tue, 08 Jul 2025 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 08 Jul 2025 12:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कम नामांकन संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को विलय करने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग प्रमुखता से की गई।
इसके बाद कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन करते हुए पदाधिकारी व शिक्षक गए और मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को सौपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि शासन के विलय और युग्मन के इस निर्णय से समाज के दुर्बल वर्ग के बच्चों व बालिकाओं की शिक्षा पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। इससे बच्चों को दूर स्थित स्कूलों में जाना पड़ेगा।
इससे ड्राप आउट दर में वृद्धि होगी। साथ ही पहले से निर्मित विद्यालय भवन, शैक्षणिक सामग्री, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी ढांचे बेकार हो जाएंगे। संगठन सरकार से इसे तुरंत वापस लेने और निरस्त करने की मांग करता है।
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जिला सह संयोजक विवेक मिश्रा ने कहा कि कम नामांकन वाले विद्यालयों की पुन:समीक्षा कर शिक्षकों की तैनाती व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। प्रदर्शन में सैकड़ाें की संख्या में शिक्षक- शिक्षिकाएं शामिल रहीं।
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देवरिया। कम नामांकन संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को विलय करने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग प्रमुखता से की गई।
इसके बाद कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन करते हुए पदाधिकारी व शिक्षक गए और मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को सौपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि शासन के विलय और युग्मन के इस निर्णय से समाज के दुर्बल वर्ग के बच्चों व बालिकाओं की शिक्षा पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। इससे बच्चों को दूर स्थित स्कूलों में जाना पड़ेगा।
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इससे ड्राप आउट दर में वृद्धि होगी। साथ ही पहले से निर्मित विद्यालय भवन, शैक्षणिक सामग्री, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी ढांचे बेकार हो जाएंगे। संगठन सरकार से इसे तुरंत वापस लेने और निरस्त करने की मांग करता है।
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जिला सह संयोजक विवेक मिश्रा ने कहा कि कम नामांकन वाले विद्यालयों की पुन:समीक्षा कर शिक्षकों की तैनाती व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। प्रदर्शन में सैकड़ाें की संख्या में शिक्षक- शिक्षिकाएं शामिल रहीं।