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मांगों के समर्थन में शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस
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मांगों के समर्थन में शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस
देवरिया। माध्यमिक शिक्षक संघ प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मशाल जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों को सुबह आठ से सायं चार बजे तक की समय सारणी बनाकर उसे मजदूर बनाया जा रहा है। मौजूदा सरकार कर्मचारी, शिक्षक विरोधी है। इसमें शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। शिक्षकों के कई भत्ते बंद कर दिए गए। महंगाई भत्ता की किश्त रोक दी गई। अध्यापकों के जीवन यापन के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जाए। आज अध्यापक अगर बीमार हो जाए तो उसकी सारी पूंजी दवा में खर्च हो जाती है। शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा भत्ता मिलना चाहिए। स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। विद्यालयों में नियुक्त व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा मिले। इतिहास गवाह है शिक्षक विरोधी सरकारें अधिक दिन तक शासन नहीं कर पाती हैं। हमारी मांगो पर यदि विचार नहीं किया गया तो हम दिल्ली तक आंदोलन करेंगे। जिला मंत्री दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों को सम्मान की दरकार है। 30 सितंबर को गोरखपुर मंडलीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। इस दौरान ब्रह्मा सिंह, विजय भारत सिंह, अभिषेक पांडेय, राजेश पांडेय, रविप्रताप सिंह, जय बहादुर, राजेश मिश्रा, राजेश गुप्त, गोरख गुप्त, अशोक शुक्ल, ओमप्रकाश तिवारी, मुस्ताक अहमद, सर्वेश दीक्षित, मोहन सिंह, धर्मेंद्र मौर्य, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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देवरिया। माध्यमिक शिक्षक संघ प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मशाल जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्री मांगपत्र एसडीएम सदर को सौंपा।
जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि शिक्षकों को सुबह आठ से सायं चार बजे तक की समय सारणी बनाकर उसे मजदूर बनाया जा रहा है। मौजूदा सरकार कर्मचारी, शिक्षक विरोधी है। इसमें शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। शिक्षकों के कई भत्ते बंद कर दिए गए। महंगाई भत्ता की किश्त रोक दी गई। अध्यापकों के जीवन यापन के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जाए। आज अध्यापक अगर बीमार हो जाए तो उसकी सारी पूंजी दवा में खर्च हो जाती है। शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा भत्ता मिलना चाहिए। स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। विद्यालयों में नियुक्त व्यावसायिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा मिले। इतिहास गवाह है शिक्षक विरोधी सरकारें अधिक दिन तक शासन नहीं कर पाती हैं। हमारी मांगो पर यदि विचार नहीं किया गया तो हम दिल्ली तक आंदोलन करेंगे। जिला मंत्री दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों को सम्मान की दरकार है। 30 सितंबर को गोरखपुर मंडलीय कार्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। इस दौरान ब्रह्मा सिंह, विजय भारत सिंह, अभिषेक पांडेय, राजेश पांडेय, रविप्रताप सिंह, जय बहादुर, राजेश मिश्रा, राजेश गुप्त, गोरख गुप्त, अशोक शुक्ल, ओमप्रकाश तिवारी, मुस्ताक अहमद, सर्वेश दीक्षित, मोहन सिंह, धर्मेंद्र मौर्य, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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