{"_id":"688bb745aa09f9aec4069905","slug":"system-change-children-of-14-schools-relying-on-five-teachers-deoria-news-c-208-1-deo1009-159711-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यवस्था बदहाल : पांच शिक्षकों के भरोसे १४ स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यवस्था बदहाल : पांच शिक्षकों के भरोसे १४ स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई
Fri, 01 Aug 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
दो कमरों में चल रहीं राजेंद्र प्राथमिक विद्यालय की चार कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों का हाल बदहाल है। विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें संसाधनों का भी टोट है। सबसे जरूरी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था इन विद्यालयों में न के बराबर है। कई में बच्चे परिसर से बाहर जाकर पीने का पानी लाते हैं।
शौचालयों की स्थिति भी काफी खराब है। ऐसे विद्यालयों से नौनिहालों का भविष्य उज्ज्वल करने का प्रयास विभाग कर रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का दावा निरर्थक साबित हो रहा है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों की बात करें तो यहां संसाधन के साथ-साथ शिक्षकों की भी काफी कमी है।
नगर क्षेत्र के 28 विद्यालयों में मात्र 21 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें भी कई विद्यालय शिक्षक विहीन हो चुके हैं। इनमें शिक्षामित्र और अनुदेशक पढ़ाते हैं। नगर क्षेत्र के 11 विद्यालयों का चार्ज दूसरे विद्यालय के शिक्षकों के पास है।
विज्ञापन
किसी के पास चार तो किसी के पास तीन और किसी शिक्षक के पास दो विद्यालयों का चार्ज है। उधार के प्रधानाध्यापक के भरोसे इन विद्यालयों का संचालन हो रहा है। नगर क्षेत्र के 13 कंपोजिट व एक जूनियर विद्यालयों मेंल पांच जूनियर शिक्षक तैनात हैं। यही शिक्षक इन विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई का जिम्मा संभाले हुए हैं।
जिला मुख्यालय पर नगर क्षेत्र की स्थिति काफी खराब है। यहां के सात विद्यालयों का चार्ज दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों के हाथ में है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में भटवलिया, रानी लक्ष्मीबाई कंपोजिट विद्यालय सब्जी मंडी, महात्मा बुद्ध विद्यालय, राजेंद्र प्राथमिक विद्यालय कोतवाली रोड, स्वामी विवेकानंद कंपोजिट विद्यालय राघव नगर और दयानंद उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
वहीं बरहज नगर क्षेत्र में कंपोजिट विद्यालय बरहज-दो, प्राथमिक विद्यालय तिवारीपुर और प्राथमिक विद्यालय पुराना बरहज का चार्ज दूसरे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के हाथ में है।
विज्ञापन
देवरिया। नगर क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों का हाल बदहाल है। विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इनमें संसाधनों का भी टोट है। सबसे जरूरी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था इन विद्यालयों में न के बराबर है। कई में बच्चे परिसर से बाहर जाकर पीने का पानी लाते हैं।
शौचालयों की स्थिति भी काफी खराब है। ऐसे विद्यालयों से नौनिहालों का भविष्य उज्ज्वल करने का प्रयास विभाग कर रहा है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का दावा निरर्थक साबित हो रहा है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों की बात करें तो यहां संसाधन के साथ-साथ शिक्षकों की भी काफी कमी है।
विज्ञापन
नगर क्षेत्र के 28 विद्यालयों में मात्र 21 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें भी कई विद्यालय शिक्षक विहीन हो चुके हैं। इनमें शिक्षामित्र और अनुदेशक पढ़ाते हैं। नगर क्षेत्र के 11 विद्यालयों का चार्ज दूसरे विद्यालय के शिक्षकों के पास है।
विज्ञापन
किसी के पास चार तो किसी के पास तीन और किसी शिक्षक के पास दो विद्यालयों का चार्ज है। उधार के प्रधानाध्यापक के भरोसे इन विद्यालयों का संचालन हो रहा है। नगर क्षेत्र के 13 कंपोजिट व एक जूनियर विद्यालयों मेंल पांच जूनियर शिक्षक तैनात हैं। यही शिक्षक इन विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई का जिम्मा संभाले हुए हैं।
जिला मुख्यालय पर नगर क्षेत्र की स्थिति काफी खराब है। यहां के सात विद्यालयों का चार्ज दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों के हाथ में है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में भटवलिया, रानी लक्ष्मीबाई कंपोजिट विद्यालय सब्जी मंडी, महात्मा बुद्ध विद्यालय, राजेंद्र प्राथमिक विद्यालय कोतवाली रोड, स्वामी विवेकानंद कंपोजिट विद्यालय राघव नगर और दयानंद उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
वहीं बरहज नगर क्षेत्र में कंपोजिट विद्यालय बरहज-दो, प्राथमिक विद्यालय तिवारीपुर और प्राथमिक विद्यालय पुराना बरहज का चार्ज दूसरे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के हाथ में है।