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Deoria News: धूप में सड़क पर खड़े होकर करते हैं बसों का इंतजार
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लार नगर पंचायत में नहीं है बस अड्डा, यात्रियों को होती है परेशानी, संचालन में भी मनमानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार नगर पंचायत में बस अड्डा नहीं है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। चिलचिलाती धूप, बारिश में सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। मनमानी तरीके से सड़क पर बस खड़ी कर सवारी बैठाए जाने से शहर में हर घंटे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। जिससे राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है। क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि बस अड्डा बनना चाहिए।
लार ब्लाॅक की आबादी करीब तीन लाख से अधिक है। प्रतिदिन इलाके के हजारों पुरुष महिला आवश्यक कार्य से तहसील मुख्यालय, जिला मुख्यालय व बिहार के लिए बसें पकड़ते हैं। यात्रियों के लिए पचास बसें संचालित होती हैं, लेकिन इन बसों को खड़ी करने के लिए बस अड्डा नहीं है। चालक बसें पुलिस चौकी के समीप मुख्य सड़क पर मनमानी तरीके से खड़ी कर सवारी भरते हैं। इससे हर घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डा नहीं होने से यात्रियों को धूप बारिश में सड़क के किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है, क्यों कि प्रसाधन भी नहीं है। वहीं बरसात के मौसम में यात्री बारिश से बचने के लिए आस पास की दुकानों पर खड़े होते हैं। इससे आए दिन भीड़ अधिक होने पर दुकानदारों से कीच कीच होती है। प्रतिदिन लार से देवरिया की यात्रा करने वाले शिक्षक हिमांशु राय ने बताया कि लार से प्रतिदिन हजार से अधिक लोग बसों से यात्रा करते हैं, लेकिन आज तक बस अड्डा नहीं है। यात्रियों को सड़क के किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है, जिससे अन्य वाहनों से हादसे की आशंका बनी रहती है। यात्री सुजीत कुशवाहा ने कहा कि आजादी के बाद भी नगर पंचायत में बस अड्डा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं के साथ होती है। उन्हें बैठने तक के जगह नहीं है। यात्री एडवोकेट प्रियेशनाथ त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिदिन न्यायालय देवरिया जाना होता है। बसों का इंतजार सड़क पर ही खड़े होकर करना पड़ता है।
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बसों को मोड़ने से लगता है जाम
यात्रियों को देवरिया के तरफ से लेकर लौटने पर बसें नगर पंचायत गेट के पास मोड़ते हैं। जिससे हर आधे घंटे पर जाम लग जाता है। वहीं चालकों की अन्य वाहनों के चालकों और राहगीरों से नोक झोंक होती रहती है।
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बस अड्डा नहीं होने से परेशानी होती है। इसके लिए निगम से पत्राचार किया जाएगा।
राजननाथ तिवारी, ईओ, नगर पंचायत लार
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार नगर पंचायत में बस अड्डा नहीं है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। चिलचिलाती धूप, बारिश में सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। मनमानी तरीके से सड़क पर बस खड़ी कर सवारी बैठाए जाने से शहर में हर घंटे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। जिससे राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है। क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि बस अड्डा बनना चाहिए।
लार ब्लाॅक की आबादी करीब तीन लाख से अधिक है। प्रतिदिन इलाके के हजारों पुरुष महिला आवश्यक कार्य से तहसील मुख्यालय, जिला मुख्यालय व बिहार के लिए बसें पकड़ते हैं। यात्रियों के लिए पचास बसें संचालित होती हैं, लेकिन इन बसों को खड़ी करने के लिए बस अड्डा नहीं है। चालक बसें पुलिस चौकी के समीप मुख्य सड़क पर मनमानी तरीके से खड़ी कर सवारी भरते हैं। इससे हर घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डा नहीं होने से यात्रियों को धूप बारिश में सड़क के किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है, क्यों कि प्रसाधन भी नहीं है। वहीं बरसात के मौसम में यात्री बारिश से बचने के लिए आस पास की दुकानों पर खड़े होते हैं। इससे आए दिन भीड़ अधिक होने पर दुकानदारों से कीच कीच होती है। प्रतिदिन लार से देवरिया की यात्रा करने वाले शिक्षक हिमांशु राय ने बताया कि लार से प्रतिदिन हजार से अधिक लोग बसों से यात्रा करते हैं, लेकिन आज तक बस अड्डा नहीं है। यात्रियों को सड़क के किनारे खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है, जिससे अन्य वाहनों से हादसे की आशंका बनी रहती है। यात्री सुजीत कुशवाहा ने कहा कि आजादी के बाद भी नगर पंचायत में बस अड्डा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं के साथ होती है। उन्हें बैठने तक के जगह नहीं है। यात्री एडवोकेट प्रियेशनाथ त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिदिन न्यायालय देवरिया जाना होता है। बसों का इंतजार सड़क पर ही खड़े होकर करना पड़ता है।
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बसों को मोड़ने से लगता है जाम
यात्रियों को देवरिया के तरफ से लेकर लौटने पर बसें नगर पंचायत गेट के पास मोड़ते हैं। जिससे हर आधे घंटे पर जाम लग जाता है। वहीं चालकों की अन्य वाहनों के चालकों और राहगीरों से नोक झोंक होती रहती है।
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बस अड्डा नहीं होने से परेशानी होती है। इसके लिए निगम से पत्राचार किया जाएगा।
राजननाथ तिवारी, ईओ, नगर पंचायत लार