{"_id":"6a5681942c72f27132026635","slug":"special-increased-prices-during-the-rainy-season-deoria-news-c-208-1-deo1027-186864-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: बरसात के मौसम में आम हुआ खास, बढ़ गए दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: बरसात के मौसम में आम हुआ खास, बढ़ गए दाम
Wed, 15 Jul 2026 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। बारिश का असर अब फलों के दामाें में दिखाई देने लगा है। आम का सीजन खत्म होने के साथ अन्य फलों के दामों में तेजी आई है। इसके पीछे बारिश के कारण आपूर्ति में कमी बताई जा रही है। इसका सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ रहा है।
चार दिन पहले दशहरी 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। चौसा आम 70 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। कपूरी 60 से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो, सफेदा 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
आम के साथ साथ अन्य फलों के दाम भी बढ़ गए है। सेब 180 रुपये से बढ़कर 240 रुपये प्रति किलो, अनार 160 से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो, माल्टा 100 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो, अनान्नास 80 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
विज्ञापन
केला, तरबूज और पपीता के दाम में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं है। दुकानदाराें का कहना है कि आम का सीजन समाप्त होने और अन्य फलों के बाहर से आने के कारण परिवहन खर्च बढ़ जाने से फलों के दामों में वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
चार दिन पहले दशहरी 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। चौसा आम 70 रुपये से बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। कपूरी 60 से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो, सफेदा 40 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
विज्ञापन
आम के साथ साथ अन्य फलों के दाम भी बढ़ गए है। सेब 180 रुपये से बढ़कर 240 रुपये प्रति किलो, अनार 160 से बढ़कर 220 रुपये प्रति किलो, माल्टा 100 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो, अनान्नास 80 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
विज्ञापन
केला, तरबूज और पपीता के दाम में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं है। दुकानदाराें का कहना है कि आम का सीजन समाप्त होने और अन्य फलों के बाहर से आने के कारण परिवहन खर्च बढ़ जाने से फलों के दामों में वृद्धि हुई है।