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Deoria News: साहब का कमाल...भू माफिया पर मेहरबानी, आश्रम को नोटिस
Wed, 20 Dec 2023 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 20 Dec 2023 11:26 PM IST
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चरागाह पर कब्जा करने वालों भू-माफियाओं पर फसल जुतवाने तक सिमटी कार्रवाई
तहसील प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल, भू माफियाओं को बचाने में जुटे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। देवरहा बाबा आश्रम के चरागाह पर कब्जा कर गेंहू की बुआई करने शिकायत करना पीठाधीश्वर को महंगा पड़ गया। कब्जे की शिकायत सही मिलने के बावजूद भू माफिया पर कार्रवाई की जगह पीठाधीश्वर को चारागाह में अवैध तरीके से गेंहू की बुआई करने का नोटिस तहसील प्रशासन ने दिया है, जबकि भू माफिया पर शिकंजा कसना तो दूर नोटिस तक नहीं दी गई है।
मईल थाना क्षेत्र के देवरहा बाबा आश्रम के चरागाह पर मईल और मइलौटा गांव के भू माफिया का कब्जा है। इसके पहले इन भू माफिया पर कार्रवाई भी हो चुकी है। बावजूद इसके उन पर कोई असर नहीं है। इस साल भी चरागाह पर कब्जा कर गेंहू की बुआई कर दिए थे। इसकी शिकायत पीठाधीश्वर ने बरहज तहसील प्रशासन से की। सुनवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत की। डीएम के हस्तक्षेप के बाद बरहज तहसील प्रशासन सक्रिय हुआ।
नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एसडीएम ने टीम गठित कर तीन दिनों तक पैमाइश कराई। अवैध कब्जा कर गेंहू की बुआई करने वाले दस दस भू माफियाओं की पुष्टि हुई, जबकि मईलौटा गांव के चरागाह की पैमाइश अब भी नहीं हो सकी है। अब नायब तहसीलदार ने कब्जा करने वाले दस भू माफियाओं पर कार्रवाई के बजाए सिर्फ गेंहू की फसल जोतवाने की बात कह लीपापोती कर ली। वहीं पीठाधीश्वर को नोटिस जारी कर चरागाह पर अवैध तरीके से गेहूं की बुआई करने और प्रधान की सुपुर्दगी में देने की बात कही है।
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तहसील प्रशासन भू माफिया को दे रहा शह : पीठाधीश्वर
देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास का आरोप है कि तहसील प्रशासन भू-माफिया की मिलीभगत है। मेरे ऊपर दबाव बनाने के लिए नोटिस जारी किया है। ताकि भू माफिया के खिलाफ शिकायत न करुं। अब भी चरागाह की भूमि पर भू माफिया का कब्जा है। गोशाला की गायों के लिए लगभग एक बीघा में चारे की बुवाई की गई है। जिसको तहसील प्रशासन अवैध कब्जा दिखा रहा है, भू माफिया पर कार्रवाई करना तो दूर नोटिस भी नहीं भेजा गया है। मईल गांव प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि मुझे नोटिस तहसील प्रशासन ने दिया है। इसमें पीठाधीश्वर की ओर से चरागाह की जमीन में बोई गई फसल को सुपुर्दगी में लेने की बात कही गई है।
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पीठाधीश्वर ने अवैध तरीके से की है गेहूं बुवाई : नायब तहसीलदार
बरहज के नायब तहसीलदार रविंद्र मौर्य ने बताया कि चरागाह की कुछ भूमि पर देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर ने अवैध तरीके से गेहूं बुवाई की है। उन्हें अवगत कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। बोई गई फसल को गोशाला की गायों के लिए प्रधान को सुपुर्द कर दिया गया है। चरागाह की जमीन पर पैमाइश में 10 लोगों की ओर से अवैध रूप से गेहूं की बुवाई कराना पाया गया था। उस फसल को टैक्ट्रर से जोतवा कर खाली करा दिया गया। इसलिए उन्हें नोटिस नहीं भेजा गया है और न ही कोई कार्रवाई की गई है।
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तहसील प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल, भू माफियाओं को बचाने में जुटे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
मईल। देवरहा बाबा आश्रम के चरागाह पर कब्जा कर गेंहू की बुआई करने शिकायत करना पीठाधीश्वर को महंगा पड़ गया। कब्जे की शिकायत सही मिलने के बावजूद भू माफिया पर कार्रवाई की जगह पीठाधीश्वर को चारागाह में अवैध तरीके से गेंहू की बुआई करने का नोटिस तहसील प्रशासन ने दिया है, जबकि भू माफिया पर शिकंजा कसना तो दूर नोटिस तक नहीं दी गई है।
मईल थाना क्षेत्र के देवरहा बाबा आश्रम के चरागाह पर मईल और मइलौटा गांव के भू माफिया का कब्जा है। इसके पहले इन भू माफिया पर कार्रवाई भी हो चुकी है। बावजूद इसके उन पर कोई असर नहीं है। इस साल भी चरागाह पर कब्जा कर गेंहू की बुआई कर दिए थे। इसकी शिकायत पीठाधीश्वर ने बरहज तहसील प्रशासन से की। सुनवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत की। डीएम के हस्तक्षेप के बाद बरहज तहसील प्रशासन सक्रिय हुआ।
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नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एसडीएम ने टीम गठित कर तीन दिनों तक पैमाइश कराई। अवैध कब्जा कर गेंहू की बुआई करने वाले दस दस भू माफियाओं की पुष्टि हुई, जबकि मईलौटा गांव के चरागाह की पैमाइश अब भी नहीं हो सकी है। अब नायब तहसीलदार ने कब्जा करने वाले दस भू माफियाओं पर कार्रवाई के बजाए सिर्फ गेंहू की फसल जोतवाने की बात कह लीपापोती कर ली। वहीं पीठाधीश्वर को नोटिस जारी कर चरागाह पर अवैध तरीके से गेहूं की बुआई करने और प्रधान की सुपुर्दगी में देने की बात कही है।
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तहसील प्रशासन भू माफिया को दे रहा शह : पीठाधीश्वर
देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास का आरोप है कि तहसील प्रशासन भू-माफिया की मिलीभगत है। मेरे ऊपर दबाव बनाने के लिए नोटिस जारी किया है। ताकि भू माफिया के खिलाफ शिकायत न करुं। अब भी चरागाह की भूमि पर भू माफिया का कब्जा है। गोशाला की गायों के लिए लगभग एक बीघा में चारे की बुवाई की गई है। जिसको तहसील प्रशासन अवैध कब्जा दिखा रहा है, भू माफिया पर कार्रवाई करना तो दूर नोटिस भी नहीं भेजा गया है। मईल गांव प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि मुझे नोटिस तहसील प्रशासन ने दिया है। इसमें पीठाधीश्वर की ओर से चरागाह की जमीन में बोई गई फसल को सुपुर्दगी में लेने की बात कही गई है।
पीठाधीश्वर ने अवैध तरीके से की है गेहूं बुवाई : नायब तहसीलदार
बरहज के नायब तहसीलदार रविंद्र मौर्य ने बताया कि चरागाह की कुछ भूमि पर देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर ने अवैध तरीके से गेहूं बुवाई की है। उन्हें अवगत कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। बोई गई फसल को गोशाला की गायों के लिए प्रधान को सुपुर्द कर दिया गया है। चरागाह की जमीन पर पैमाइश में 10 लोगों की ओर से अवैध रूप से गेहूं की बुवाई कराना पाया गया था। उस फसल को टैक्ट्रर से जोतवा कर खाली करा दिया गया। इसलिए उन्हें नोटिस नहीं भेजा गया है और न ही कोई कार्रवाई की गई है।