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बरहज में नहीं खुली दुकानें, स्कूल-कॉलेज भी बंद
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बरहज में नहीं खुली दुकानें, स्कूल-कॉलेज भी बंद
सुमित हत्याकांड को लेकर दूसरे दिन भी रहा तनाव का माहौल
डीएम-एसपी के नेतृत्व में फोर्स ने किया भ्रमण, शांति की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। दुस्साहसिक ढंग से हुए सुमित हत्याकांड को लेकर बरहज सोमवार को भी पूरी तरह बंद रहा। नगर क्षेत्र की दुकानों के ताले नहीं खुले। स्कूल-कॉलेजों भी छुट्टी रही। लोग घरों में ही दुबके रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। चारों तरफ भारी फोर्स पूरे कस्बे में मुस्तैद रही। डीएम अमित किशोर, एसपी ने कस्बे में भ्रमण कर लोगों से शांति कायम रखने की अपील करते हुए दुकानें खोलने को कहा, मगर शाम तक इक्का-दुक्का दुकानें ही खुल पाई। व्यापारी पुत्र की हत्या को लेकर जहां व्यापारियों में आक्रोश है तो वहीं आम लोग भी सहमे हुए हैं।
पटेल नगर पश्चिमी में शनिवार की रात डीजे बजाने से मना करने को लेकर विवाद में मनबढ़ों ने व्यवसायी मन्नूलाल जायसवाल के घर चढ़कर हमला बोल दिया था। उनके बड़े बेटे सुमित की लाठी-डंडे से मारकर हत्या कर दी। घटना के विरोध में रविवार की सुबह गुस्साए लोगों ने सब्जी मंडी की दुकानों में तोड़फोड़ की। आरोपियों के भी घर को निशाना बनाया। एक धार्मिक स्थल पर पथराव भी किया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद से ही कस्बे में तनावपूर्ण शांति छाई हुई है। व्यापारी पुत्र की हत्या से लोग दुखी हैं तो मामले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही पर भी उनमें गुस्सा है। उन्हें यह भी भय सता रहा है कि कहीं पुलिस धारा-144 के उल्लंघन का दोषी बताते हुए उनके खिलाफ ही कार्रवाई न कर दे। सोमवार को नगर में सुबह से ही सन्नाटा छाया रहा। व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं। चाय-पान की एक-दो दुकानें खुली भी तो उन पर लोगों की गिनती कम थी। वर्षों से अमन और सद्भाव का संदेश देने वाले बरहज की फिजा में पहली बार ऐसी घटना हुई है। लोग उपद्रवियों को कोस रहे हैं। ऐहतियात तौर पर अधिकारियों की गाड़ियां घूम रही थीं। करीब 10 बजे पहुंचे जिलाधिकारी अमित किशोर और पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने हालात की समीक्षा की। हालांकि थाना रोड पर प्राचीन हनुमान मंदिर, मुख्य चौक, बस स्टेशन, ब्लॉक और रुद्रपुर मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर सीओ गोरखपुर सतीश शुक्ला, खामपार इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह, मईल रविंद्र कुमार रवि, रुद्रपुर गिरिजेश तिवारी, मदनपुर विद्याधर कुशवाहा, भलुअनी राममोहन सिंह, पीएससी, हाक मोबाइल, वज्र और फायर ब्रिगेड आदि दल बल के साथ तैनात रहे। एडीएम उमेश कुमार मंगला, एसडीएम रामविलास राम, सीओ अंबिका राम, वरून मिश्र, दिनेश सिंह यादव आदि हालात पर नजर रखे थे।
बिगड़े हालात को लेकर नहीं खुले स्कूल
नगर में व्यवसायी के पुत्र की हत्या के बाद नगर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। सोमवार को स्थिति को लेकर नगर के कॉलेज, स्कूल बंद थे। इसकी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं किया गया था। सोमवार को निजी विद्यालयों के वाहन स्कूल छात्रों को लेने के लिए नहीं निकले। बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज आश्रम गेट पर नोटिस चस्पा किया गया था। हालांकि एसके इंटर कॉलेज, बीआरडी महिला महाविद्यालय, गयादास इंटर कॉलेज, हर्षचंद इंटर कॉलेज सहित अन्य स्कूलों में छात्र नहीं दिखे।
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सुमित हत्याकांड को लेकर दूसरे दिन भी रहा तनाव का माहौल
डीएम-एसपी के नेतृत्व में फोर्स ने किया भ्रमण, शांति की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। दुस्साहसिक ढंग से हुए सुमित हत्याकांड को लेकर बरहज सोमवार को भी पूरी तरह बंद रहा। नगर क्षेत्र की दुकानों के ताले नहीं खुले। स्कूल-कॉलेजों भी छुट्टी रही। लोग घरों में ही दुबके रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा था। चारों तरफ भारी फोर्स पूरे कस्बे में मुस्तैद रही। डीएम अमित किशोर, एसपी ने कस्बे में भ्रमण कर लोगों से शांति कायम रखने की अपील करते हुए दुकानें खोलने को कहा, मगर शाम तक इक्का-दुक्का दुकानें ही खुल पाई। व्यापारी पुत्र की हत्या को लेकर जहां व्यापारियों में आक्रोश है तो वहीं आम लोग भी सहमे हुए हैं।
पटेल नगर पश्चिमी में शनिवार की रात डीजे बजाने से मना करने को लेकर विवाद में मनबढ़ों ने व्यवसायी मन्नूलाल जायसवाल के घर चढ़कर हमला बोल दिया था। उनके बड़े बेटे सुमित की लाठी-डंडे से मारकर हत्या कर दी। घटना के विरोध में रविवार की सुबह गुस्साए लोगों ने सब्जी मंडी की दुकानों में तोड़फोड़ की। आरोपियों के भी घर को निशाना बनाया। एक धार्मिक स्थल पर पथराव भी किया गया। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद से ही कस्बे में तनावपूर्ण शांति छाई हुई है। व्यापारी पुत्र की हत्या से लोग दुखी हैं तो मामले में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही पर भी उनमें गुस्सा है। उन्हें यह भी भय सता रहा है कि कहीं पुलिस धारा-144 के उल्लंघन का दोषी बताते हुए उनके खिलाफ ही कार्रवाई न कर दे। सोमवार को नगर में सुबह से ही सन्नाटा छाया रहा। व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं। चाय-पान की एक-दो दुकानें खुली भी तो उन पर लोगों की गिनती कम थी। वर्षों से अमन और सद्भाव का संदेश देने वाले बरहज की फिजा में पहली बार ऐसी घटना हुई है। लोग उपद्रवियों को कोस रहे हैं। ऐहतियात तौर पर अधिकारियों की गाड़ियां घूम रही थीं। करीब 10 बजे पहुंचे जिलाधिकारी अमित किशोर और पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने हालात की समीक्षा की। हालांकि थाना रोड पर प्राचीन हनुमान मंदिर, मुख्य चौक, बस स्टेशन, ब्लॉक और रुद्रपुर मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर सीओ गोरखपुर सतीश शुक्ला, खामपार इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह, मईल रविंद्र कुमार रवि, रुद्रपुर गिरिजेश तिवारी, मदनपुर विद्याधर कुशवाहा, भलुअनी राममोहन सिंह, पीएससी, हाक मोबाइल, वज्र और फायर ब्रिगेड आदि दल बल के साथ तैनात रहे। एडीएम उमेश कुमार मंगला, एसडीएम रामविलास राम, सीओ अंबिका राम, वरून मिश्र, दिनेश सिंह यादव आदि हालात पर नजर रखे थे।
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बिगड़े हालात को लेकर नहीं खुले स्कूल
नगर में व्यवसायी के पुत्र की हत्या के बाद नगर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। सोमवार को स्थिति को लेकर नगर के कॉलेज, स्कूल बंद थे। इसकी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं किया गया था। सोमवार को निजी विद्यालयों के वाहन स्कूल छात्रों को लेने के लिए नहीं निकले। बीआरडीबीडी पीजी कॉलेज आश्रम गेट पर नोटिस चस्पा किया गया था। हालांकि एसके इंटर कॉलेज, बीआरडी महिला महाविद्यालय, गयादास इंटर कॉलेज, हर्षचंद इंटर कॉलेज सहित अन्य स्कूलों में छात्र नहीं दिखे।
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