दशहरा और दीपावली नहीं मनाएंगे शिक्षामित्र
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वेतन पर रोक लगाने के आदेश को लेकर समायोजित शिक्षक और शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार पर ढुलमुल रवैये का आरोप लगाया है।
शिक्षामित्रों का कहना है कि सपा सरकार शिक्षामित्रों के घावों पर मरहम लगाने के बजाय उन्हें कोरा आश्वासन देकर छल कर रही है। जिसके विरोध में प्रदेश भर के शिक्षामित्र दशहरा और दीपावली का त्योहार नहीं मनाएंगे।
मंगलवार को शिक्षामित्रों की बैठक में संघ के नेता मणिंद्र नारायण सिंह मोनू ने कहा कि कोर्ट का फैसला आने के बाद प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के प्रति संवेदना प्रक्ट करने का महज दिखावा कर रही थी। समायोजित शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाने के आदेश से उसका चेहरा उजागर हो चुका है।
पिछले पांच महीने से समायोजित शिक्षकों का परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। विश्वप्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों के साथ प्रदेश सरकार ने छल किया है।
मुख्यमंत्री के आश्वासन पर ही शिक्षामित्रों ने आंदोलन बंद करके स्कूलों में पढ़ाना शुरू किया था और अब उनके सचिव द्वारा ही वेतन रोकने का निर्देश दिया जा रहा है।
रामप्रताप पांडेय ने कहा कि शिक्षामित्र स्कूलों में तालाबंदी कर फिर आंदोलन शुरू करेंगे। शिक्षामित्रों का परिवार भी उनके आंदोलन में शामिल होगा।
संजू राव ने कहा कि शिक्षामित्र दशहरा और दीपावली नहीं मनाएंगे। शिक्षामित्र संघ उनके साथ हुए अन्याय को लेकर जवाब देने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा। छुट्टियां बीतने के बाद आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।