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Deoria News: ठेका कर्मियों की हड़ताल से ढाई घंटे ठप रहीं मेडिकल काॅलेज में सेवाएं
Fri, 10 Oct 2025 01:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:54 AM IST
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज में नारेबाजी करते आउटसोर्सिंग कर्मी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग (ठेका) कर्मचारी बृहस्पतिवार की सुबह हड़ताल पर चले गए। इससे सभी जरूरी सेवाएं ठप हो गई।
मेडिकल काॅलेज प्रशासन की हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत के बाद बकाया वेतन एकमुश्त मिलने के आश्वासन पर कर्मचारी काम पर लौट आए। इस बीच करीब ढाई घंटे तक पंजीकरण समेत कई सेवाएं ठप रहीं।
जयंत मल्टीपरपज के तहत कार्यरत 36 कर्मचारी सुबह आठ बजे हड़ताल का ऐलान करते हुए ओपीडी बिल्डिंग में रोगी पंजीकरण काउंटर के बाहर जमा हो गए। इनको दूसरी कंपनी के माध्यम से कार्यरत दो सौ कर्मचारियों का समर्थन मिल गया। इसके चलते रोगी पंजीकरण काउंटर पर काम ठप हो गया। जीरो बिलिंग काउंटर, ऑनलाइन भर्ती काउंटर समेत कई काउंटर ठप हो गए।
इमरजेंसी में कार्यरत मल्टीपरपज वर्कर भी काम छोड़कर ओपीडी बिल्डिंग में पहुंच गए। सभी एक साथ नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी होते ही करीब नौ बजे सीएमएस डॉ. एचके मिश्र और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल मौके पर पहुंचे। दोनो अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर काम पर लौटने को कहा। पर कर्मचारी टस से मस नहीं हुए।
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कर्मचारियों का कहना था कि वेतन मिलने के बाद ही हड़ताल समाप्त होगी। इसके बाद हड़ताली कर्मचारी डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। इधर सीएमएस ने जयंत मल्टीपरपज कंपनी के जिम्मेदारों को फोन लगाया। पर उनका फोन रीसिव नहीं हुआ। मामला बढ़ता देख सीएमएस डॉ. एचके मिश्र ने हड़ताल की जानकारी जिलाधिकारी को दिया। डीएम ने 11 बजे मिलने का समय दिया। अभी हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत चल रही थी। इस बीच प्राचार्य का कार्यभार देख रहीं उप प्राचार्य डा. श्वेता सिंह मौके पर पहुंची। इसके बाद उन्होंने हड़ताली कर्मचारी नेताओं को बुलाकर बातचीत किया। इधर जयंत मल्टीपरपज कंपनी के जिम्मेदार ने सीएमएस से बातचीत के बाद वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब 10:20 बजे काम पर लौट आए। इस बीच कतार में खड़े मरीज काफी परेशान रहे।ह
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देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग (ठेका) कर्मचारी बृहस्पतिवार की सुबह हड़ताल पर चले गए। इससे सभी जरूरी सेवाएं ठप हो गई।
मेडिकल काॅलेज प्रशासन की हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत के बाद बकाया वेतन एकमुश्त मिलने के आश्वासन पर कर्मचारी काम पर लौट आए। इस बीच करीब ढाई घंटे तक पंजीकरण समेत कई सेवाएं ठप रहीं।
जयंत मल्टीपरपज के तहत कार्यरत 36 कर्मचारी सुबह आठ बजे हड़ताल का ऐलान करते हुए ओपीडी बिल्डिंग में रोगी पंजीकरण काउंटर के बाहर जमा हो गए। इनको दूसरी कंपनी के माध्यम से कार्यरत दो सौ कर्मचारियों का समर्थन मिल गया। इसके चलते रोगी पंजीकरण काउंटर पर काम ठप हो गया। जीरो बिलिंग काउंटर, ऑनलाइन भर्ती काउंटर समेत कई काउंटर ठप हो गए।
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इमरजेंसी में कार्यरत मल्टीपरपज वर्कर भी काम छोड़कर ओपीडी बिल्डिंग में पहुंच गए। सभी एक साथ नारेबाजी करने लगे। इसकी जानकारी होते ही करीब नौ बजे सीएमएस डॉ. एचके मिश्र और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल मौके पर पहुंचे। दोनो अधिकारियों ने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर काम पर लौटने को कहा। पर कर्मचारी टस से मस नहीं हुए।
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कर्मचारियों का कहना था कि वेतन मिलने के बाद ही हड़ताल समाप्त होगी। इसके बाद हड़ताली कर्मचारी डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। इधर सीएमएस ने जयंत मल्टीपरपज कंपनी के जिम्मेदारों को फोन लगाया। पर उनका फोन रीसिव नहीं हुआ। मामला बढ़ता देख सीएमएस डॉ. एचके मिश्र ने हड़ताल की जानकारी जिलाधिकारी को दिया। डीएम ने 11 बजे मिलने का समय दिया। अभी हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत चल रही थी। इस बीच प्राचार्य का कार्यभार देख रहीं उप प्राचार्य डा. श्वेता सिंह मौके पर पहुंची। इसके बाद उन्होंने हड़ताली कर्मचारी नेताओं को बुलाकर बातचीत किया। इधर जयंत मल्टीपरपज कंपनी के जिम्मेदार ने सीएमएस से बातचीत के बाद वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब 10:20 बजे काम पर लौट आए। इस बीच कतार में खड़े मरीज काफी परेशान रहे।ह