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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कारागार का किया निरीक्षण
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कारागार का किया निरीक्षण
देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरकों, पाकशाला एवं चिकित्सालय की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान ने बंदियों को विधिक जानकारी दी। उन्होंने बैरकों, पाकशाला तथा चिकित्सालय में निरंतर स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोटी, चावल, दाल व सब्जी मेन्यू के अनुसार बनाने को कहा। महिला बंदियों को पौष्टिक भोजन, साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध और शिक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। जेल में स्थापित लीगल ऐड क्लीनिक का निरीक्षण किया। विधिक जागरुकता शिविर में कहा कि यदि किसी बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता है। यदि किसी बंदी को अपने मामले में पैरवी की आवश्यकता हो तो वह निशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकता है। बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने बंदियों के बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक राजकुमार, उप कारापाल केके दीक्षित, वंदना त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता एवं डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा मौजूद रहे।
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देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बृहस्पतिवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरकों, पाकशाला एवं चिकित्सालय की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान ने बंदियों को विधिक जानकारी दी। उन्होंने बैरकों, पाकशाला तथा चिकित्सालय में निरंतर स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोटी, चावल, दाल व सब्जी मेन्यू के अनुसार बनाने को कहा। महिला बंदियों को पौष्टिक भोजन, साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध और शिक्षा की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। जेल में स्थापित लीगल ऐड क्लीनिक का निरीक्षण किया। विधिक जागरुकता शिविर में कहा कि यदि किसी बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता है। यदि किसी बंदी को अपने मामले में पैरवी की आवश्यकता हो तो वह निशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकता है। बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने बंदियों के बच्चों के अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान प्रभारी जेल अधीक्षक राजकुमार, उप कारापाल केके दीक्षित, वंदना त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता एवं डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा मौजूद रहे।
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