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Deoria News: संदिग्ध प्रमाणपत्रों वाले शिक्षकों पर जांच की आंच, संदेह होने पर दो को किया निलंबित
Wed, 19 Apr 2023 05:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Apr 2023 05:18 PM IST
सार
बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने कहा कि शिकायत के बाद तरकुलवा ब्लॉक के रतनपुरा प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक के प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और नोटिस जारी कर पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। इधर भागलपुर क्षेत्र में निलंबित चल रहे एक प्रधानाध्यापक को तीन नोटिस दी जा चुकी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
देवरिया में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े को लेकर पिछले तीन माह से मंद पड़ी जांच की आंच में तेजी देखी जा रही है। इधर तरकुलवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रतनपुरा के एक शिक्षक का प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए जाने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। इधर, भागलपुर क्षेत्र के एक प्रधानाध्यापक के प्रमाणपत्र भी संदिग्ध पाए जाने पर उसके खिलाफ जांच प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है। जल्द ही उस पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर जनपद लगातार शासन की रडार पर रहा है। विभिन्न ब्लॉकों में अब भी कई ऐसे शिक्षक हैं, जिनके खिलाफ हुई शिकायतों की जांच चल रही है। जांच प्रक्रिया के तहत उनके वेतन पर रोक लगा दी गई है। वहीं कुछ को अनंतिम नोटिस भी जारी किया गया है। ऐसे में इन शिक्षकों की रातों की नीद उड़ी हुई है।
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बीते जनवरी व दिसंबर माह में एक-एक शिक्षकों को सेवा से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा चुका है। इसमें 16 दिसंबर को गौरीबाजार क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर के प्रधानाध्यापक रामसमुझ को एवं छह जनवरी को इसी क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय अकटहिया के सहायक अध्यापक जितेंद्र कुमार को किसी अन्य के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने का दोषी सत्यापन प्रक्रिया में पाया गया था।
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मानव संपदा पोर्टल पर किसी अन्य के शैक्षिक प्रमाणपत्रों से इनके प्रमाणपत्र मैच हुए तो इनकी पोल खुली और तब इनके खिलाफ जांच की कार्रवाई तेज हुई। जांच की आंच में इधर दो और शिक्षकों के आने के बाद इन्हें निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश हुआ है।
भागलपुर ब्लॉक में एक साल पूर्व पांच शिक्षकों के खिलाफ की गई शिकायत, एक फंसे
भागलपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष यही के प्राथमिक विद्यालय अंडिला, प्राथमिक विद्यालय सरया, प्राथमिक विद्यालय गोड़ौली, प्राथमिक विद्यालय बलिया दक्षिण, प्राथमिक विद्यालय अकूबा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरियांव में तैनात एक-एक शिक्षकों की शिकायत एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ एवं जिलाधिकारी से की थी।
पहले तो विभागीय लोगों ने ही इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को ही उपलब्ध कराने में लगातार देरी की। बाद में दबाव बढ़ने पर सभी के खिलाफ जांच प्रक्रिया तेज हुई। इसमें से अंडिला के प्रधानाध्यापक के बीए और बीएड के प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से तैयार पाए गए हैं। इसकी पुष्टि करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बीएसए कार्यालय को जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार इस नाम व अनुक्रमांक विश्वविद्यालय अभिलेख में नहीं है।
रिकवरी बनी अधिकारियों के लिए चुनौती
पिछले पांच साल में जनपद में 67 शिक्षकों को फर्जीवाड़े में बर्खास्त किया जा चुका है। इन फर्जी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी बेसिक शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों के लिए चुनौती बन गई है। वेतन मद में पांच वर्ष में 25 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की गई है। इनसे रकम की वसूली कब होगी, यह बताने में अधिकारी भी हिचकते हैं। रिकवरी कराने के लिए विभाग ने अब तक कोई खाका या तैयारी भी नहीं की है, जबकि महानिदेशक शिक्षा ने विभागीय समीक्षा में ऐसे शिक्षकों से रिकवरी का आदेश दिया है।
बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने कहा कि शिकायत के बाद तरकुलवा ब्लॉक के रतनपुरा प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक के प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और नोटिस जारी कर पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। इधर भागलपुर क्षेत्र में निलंबित चल रहे एक प्रधानाध्यापक को तीन नोटिस दी जा चुकी है। नियत समय पर शिक्षक स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले तो विभागीय लोगों ने ही इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को ही उपलब्ध कराने में लगातार देरी की। बाद में दबाव बढ़ने पर सभी के खिलाफ जांच प्रक्रिया तेज हुई। इसमें से अंडिला के प्रधानाध्यापक के बीए और बीएड के प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से तैयार पाए गए हैं। इसकी पुष्टि करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बीएसए कार्यालय को जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार इस नाम व अनुक्रमांक विश्वविद्यालय अभिलेख में नहीं है।
रिकवरी बनी अधिकारियों के लिए चुनौती
पिछले पांच साल में जनपद में 67 शिक्षकों को फर्जीवाड़े में बर्खास्त किया जा चुका है। इन फर्जी शिक्षकों से वेतन की रिकवरी बेसिक शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों के लिए चुनौती बन गई है। वेतन मद में पांच वर्ष में 25 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की गई है। इनसे रकम की वसूली कब होगी, यह बताने में अधिकारी भी हिचकते हैं। रिकवरी कराने के लिए विभाग ने अब तक कोई खाका या तैयारी भी नहीं की है, जबकि महानिदेशक शिक्षा ने विभागीय समीक्षा में ऐसे शिक्षकों से रिकवरी का आदेश दिया है।
बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने कहा कि शिकायत के बाद तरकुलवा ब्लॉक के रतनपुरा प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक के प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और नोटिस जारी कर पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। इधर भागलपुर क्षेत्र में निलंबित चल रहे एक प्रधानाध्यापक को तीन नोटिस दी जा चुकी है। नियत समय पर शिक्षक स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।