{"_id":"65c1468137069d2cf60335c2","slug":"school-enquiry-report-sent-to-bsa-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-118804-2024-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: विद्यालय की मान्यता में फर्जीवाड़े के आरोप की जांच रिपोर्ट बीएसए को भेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: विद्यालय की मान्यता में फर्जीवाड़े के आरोप की जांच रिपोर्ट बीएसए को भेजी
Tue, 06 Feb 2024 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 06 Feb 2024 02:05 AM IST
विज्ञापन
फॉलोअप-
जांच अधिकारी पर शिथिलता बरतने का आरोप तरकुलवा के भिसवा गांव में एक विद्यालय की मान्यता में फर्जीवाड़े का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तरकुलवा विकास खंड के भिसवा गांव में संचालित एक निजी विद्यालय की मान्यता में जालसाजी के लगे आरोप की विभागीय जांच शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह बीईओ ने विद्यालय पर जाकर मामले की जांच शुरू की। उधर, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी जांच में शिथिलता बरत रहे हैं।
तरकुलवा क्षेत्र के भिसवा गांव में एमटी पब्लिक स्कूल संचालित है। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के नौतन हथियागढ़ गांव के राजकेश्वर जायसवाल ने डीएम अखंड प्रताप सिंह और बीएसए को पत्रक सौंपकर आरोप लगाया कि उस विद्यालय की मान्यता में जमीन का लगा कागज फर्जी है। मान्यता जारी किए जाने से पहले से विद्यालय की भूमि पर हिस्सा बंटवारे को लेकर न्यायालय में मामला चल रहा है।
आरोप है कि इसके बावजूद फर्जीवाड़ा करके मान्यता ले ली गई। डीएम और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग करने के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश पर पिछले सप्ताह तरकुलवा के बीईओ विजय कुमार ओझा ने विद्यालय पर जाकर आरोप की जांच शुरू की। राजकेश्वर जायसवाल का कहना है कि जांच अधिकारी जानबूझ कर जांच में शिथिलता बरत रहे हैं।
विज्ञापन
कोट
विद्यालय की मान्यता से जुड़े फर्जीवाड़े के आरोप की जांच पूरी कर रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी गई है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में जिन बिंदुओं को उठाया है, पूर्व में एसडीएम कोर्ट से निस्तारण हो गया है। उन्होंने दोबारा उसी कोर्ट में पुनर्विचार के लिए डाला है। विद्यालय की मान्यता में लगा जमीन का कागज सही है। बंटवारे में बंटाई का मामला है जो उन लोगों का आपसी है। शिथिलता का आरोप निराधार है
- विजय कुमार ओझा, बीईओ, तरकुलवा
विद्यालय के प्रबंधक बोले
शिकायतकर्ता मुझे विद्यालय खोलने के बाद से ही बार-बार परेशान कर रहे हैं। उस समय उन्होंने रुपये की मांग थी। उन्होंने कहा था कि दो लाख रुपये दीजिए या पार्टनर बना लीजिए। उनकी बात नहीं मानने पर शिकायत कर रहे हैं। इससे लगभग दस बार जांच हो चुकी है।
-मनीष तिवारी, प्रबंधक, एमटी पब्लिक स्कूल, भिसवा
विज्ञापन
जांच अधिकारी पर शिथिलता बरतने का आरोप तरकुलवा के भिसवा गांव में एक विद्यालय की मान्यता में फर्जीवाड़े का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तरकुलवा विकास खंड के भिसवा गांव में संचालित एक निजी विद्यालय की मान्यता में जालसाजी के लगे आरोप की विभागीय जांच शुरू हो गई है। पिछले सप्ताह बीईओ ने विद्यालय पर जाकर मामले की जांच शुरू की। उधर, शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी जांच में शिथिलता बरत रहे हैं।
तरकुलवा क्षेत्र के भिसवा गांव में एमटी पब्लिक स्कूल संचालित है। रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के नौतन हथियागढ़ गांव के राजकेश्वर जायसवाल ने डीएम अखंड प्रताप सिंह और बीएसए को पत्रक सौंपकर आरोप लगाया कि उस विद्यालय की मान्यता में जमीन का लगा कागज फर्जी है। मान्यता जारी किए जाने से पहले से विद्यालय की भूमि पर हिस्सा बंटवारे को लेकर न्यायालय में मामला चल रहा है।
विज्ञापन
आरोप है कि इसके बावजूद फर्जीवाड़ा करके मान्यता ले ली गई। डीएम और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग करने के बाद उच्चधिकारियों के निर्देश पर पिछले सप्ताह तरकुलवा के बीईओ विजय कुमार ओझा ने विद्यालय पर जाकर आरोप की जांच शुरू की। राजकेश्वर जायसवाल का कहना है कि जांच अधिकारी जानबूझ कर जांच में शिथिलता बरत रहे हैं।
विज्ञापन
कोट
विद्यालय की मान्यता से जुड़े फर्जीवाड़े के आरोप की जांच पूरी कर रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी गई है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में जिन बिंदुओं को उठाया है, पूर्व में एसडीएम कोर्ट से निस्तारण हो गया है। उन्होंने दोबारा उसी कोर्ट में पुनर्विचार के लिए डाला है। विद्यालय की मान्यता में लगा जमीन का कागज सही है। बंटवारे में बंटाई का मामला है जो उन लोगों का आपसी है। शिथिलता का आरोप निराधार है
- विजय कुमार ओझा, बीईओ, तरकुलवा
विद्यालय के प्रबंधक बोले
शिकायतकर्ता मुझे विद्यालय खोलने के बाद से ही बार-बार परेशान कर रहे हैं। उस समय उन्होंने रुपये की मांग थी। उन्होंने कहा था कि दो लाख रुपये दीजिए या पार्टनर बना लीजिए। उनकी बात नहीं मानने पर शिकायत कर रहे हैं। इससे लगभग दस बार जांच हो चुकी है।
-मनीष तिवारी, प्रबंधक, एमटी पब्लिक स्कूल, भिसवा