फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   saint and aulia told about humanity

संत और औलिया ने दिया मानवता का संदेश

Sat, 23 Apr 2016 12:14 AM IST
deoria
deoria Updated Sat, 23 Apr 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
saint and aulia told about humanity
कार्यक्रम - फोटो : anoop tiwari
देव‌िररिया के रुद्रपुर में सिर्फ गमला हो तो गुलदान नहीं हो सकता, बेसलीका हो तो सुल्तान नहीं हो सकता, जो करे फिरकापरस्ती की बातें, वो शैतान है इंसान नहीं हो सकता। मदनपुर में बृहस्पतिवार को रात कौमी एकता पर आयोजित जलसे में दहशतगर्दी के खिलाफ पीर औलिया और संतों ने जमकर शोले बरसाए। मदनपुर वेलफेयर सोसायटी की ओर से मानवता का संदेश कांफ्रेंस के आयोजन में कई संत महात्मा और मौलवी, मौलाना ने एक मंच से देश की एकता अखंडता और इंसानियत पर तकरीर की।
विज्ञापन


समाज में तेजी फैल रही वैमनस्यता और आतंकवाद पर संत मौलाना ने करारा प्रहार किया। उन्होंने अमन और शांति का पैगाम देकर कौमी एकता को मजबूत करने की बात की। यह पहला अवसर था कि जब किसी जलसे में हिंदू, मुसलमान एक साथ बैठकर देश के अमन और सलामती पर तकरीर सुन रहे थे। जलसे के की शुरुआत मौलान कौसर नाजमी की तकरीर से हुई। उन्होंने कहा कि इस देश में धार्मिक लोगों की जरूरत है धर्म का धंधा करने वालों की नहीं।
विज्ञापन


देश के अमन में खलल डाल कर ऐसी ताकते हिंदुस्तान को कमजोर करना चाहती है। इस देश की सबसे बड़ी खूबसूरती यही कि यहां विभिन्न धर्म और संप्रदायों से जुड़े लोग एक साथ मिलकर रहते हैं। हिंदुस्तान की सरजमीं एक बगिया है तो हिंदु, मुसलमान, सिख, ईसाई इसके खूबसूरत फूल हैं। देवबंद दरुल उलूम के मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि जब भजन-कीर्तन नवाजों से मिल जाएगा। बागें जन्नत की तरह हिन्दोस्ता हो जाएगा। दहशतगर्दी को हथियार बनाकर हिंदुस्तान से दुश्मनी रखने वाले इसे कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। इसका मुकाबला देश की अमन पसंद हिंदू और मुसलमान जनता को मिलकर करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुसलमान का मायने मुकम्मल ईमान होता है। और इस्लाम सिर्फ इंसानियत की बात करता है। इस्लाम को मानने वाला आतंकवादी हो ही नहीं सकता और यदि वह आतंकवादी है तो वो मुसलमान नहीं हो सकता। क्योंकि इस्लाम भटके को रास्ता दिखता, भूलों को राह पर लाता, इस्लाम अमन की बात करता इंसानियत की बात करता है। जलसे में अयोध्या से आए राममिलन शास्त्री, जनहित दास आदि महात्माओं ने हिंदू मुसलमानों की एकता पर लंबी तकरीर की। उन्होंने हर मजहब को अमन शांति और इंसानियत का जरिया बताया।  इस अवसर पर आरिफ शेख, वसी अहमद, अशरफ अब्बास, प्रदीप यादव, अशफाक अहमद, नूर कासमी, मुहम्मद कौशर आदि मौजूद रहे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed