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बाढ़ को लेकर रुद्रप़ुर में हाई अलर्ट
देवरिया
Updated Mon, 01 Aug 2016 10:49 PM IST
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दौरान कटान रोकने को आवश्यक निर्देश दिए गए।
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी को लेकर रुद्रपुर में प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया हैै। सोमवार को एसडीएम ने सिंचाई विभाग की टीम के साथ सभी तटबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान कटान रोकने को आवश्यक निर्देश दिए गए। दोनों नदियों के जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी सोमवार भी जारी रही। गोर्रा नदी अब खतरे के निशान से सिर्फ 15 सेमी नीचे है।
गोर्रा का जलस्तर 70.35 मीटर और राप्ती नदी का जलस्तर 70.30 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियां खतरे के निशान से सिर्फ क्रमश: 15 और 20 सेमी नीचे है। 15 सेमी मीटर रोज बढ़ रही नदियों के मंगलवार को लाल निशान पर पहुंच जाने की पूरी संभावना है। नदी के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी है। एसडीएम डॉ राजेश कुमार ने कहा कि तिघरा मराछी बांध पर स्थिति थोड़ी चिंताजनक पर नियंत्रण में है। फिलहाल वर्तमान जलस्तर से तटबंधों को कोई खास नुकसान नहीं हो रहा है।
रिटायर बांध काटने के बाद भी प्रमुख बांध अभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। वहां वायरलेस सेट से पल-पल की जानकारी ली जा रही है। कंट्रोल रूम को हर दो घंटे पर नदी के जलस्तर से अवगत कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के सभी अभियंताओं को बांध पर रात्रि विश्राम करने का निर्देश दिया गया है।
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प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की पूरी तैयारी कर ली गई है। पीएसी की टीम को लगा दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शरण स्थल बनाया गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील कटान स्थलों पर नजर बनाए हुए हैं।
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गोर्रा का जलस्तर 70.35 मीटर और राप्ती नदी का जलस्तर 70.30 मीटर पर पहुंच गया है। दोनों नदियां खतरे के निशान से सिर्फ क्रमश: 15 और 20 सेमी नीचे है। 15 सेमी मीटर रोज बढ़ रही नदियों के मंगलवार को लाल निशान पर पहुंच जाने की पूरी संभावना है। नदी के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ी है। एसडीएम डॉ राजेश कुमार ने कहा कि तिघरा मराछी बांध पर स्थिति थोड़ी चिंताजनक पर नियंत्रण में है। फिलहाल वर्तमान जलस्तर से तटबंधों को कोई खास नुकसान नहीं हो रहा है।
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रिटायर बांध काटने के बाद भी प्रमुख बांध अभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। वहां वायरलेस सेट से पल-पल की जानकारी ली जा रही है। कंट्रोल रूम को हर दो घंटे पर नदी के जलस्तर से अवगत कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के सभी अभियंताओं को बांध पर रात्रि विश्राम करने का निर्देश दिया गया है।
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प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की पूरी तैयारी कर ली गई है। पीएसी की टीम को लगा दिया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शरण स्थल बनाया गया है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील कटान स्थलों पर नजर बनाए हुए हैं।