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चुनावी रणभेरी बजते ही जिला प्रशासन अलर्ट
देवरिया
Updated Wed, 04 Jan 2017 11:02 PM IST
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अाचार संहिता लगते ही देवरिया में होर्डिंग को नगरपालिका कर्मचारियों ने उतरवाया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। विधानसभा चुनाव की तारीख तय होते ही प्रशासनिक अमला जहां तेज हो गया है, वहीं राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर प्रशासन के लोग आदर्श आचार संहिता का पालन कराने निकल पड़े।
शहर में टंगे बैनर, होर्डिंग को उतारने का काम शुरू हो गया है। इलेक्शन कमीशन की ओर से बुधवार को अधिसूूचना जारी हो गई। जिले में छठवे चरण यानी चार मार्च को मतदान होगा। चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद देवरिया सदर, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, सलेमपुर, बरहज, रुद्रपुर, भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों में होर्डिंग और बैनर उतारने का काम शुरू हो गया। सिविल लाइंस समेत अन्य जगहों पर होर्डिंग उतारे गए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित निर्वाचन में हलचल सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ गई है।
मेज, आलमारियां पोछकर चमका दी गई हैं। पुराने रिकॉर्ड पर जमे धूल हटा दिए गए हैं। सियासी हाल पर नजर डालें तो बसपा ने पहले ही सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को तय नहीं किया है। सपा में वर्चस्व को लेकर चल रही लड़ाई के चलते कई विधानसभा के दावेदारों के चेहरे बदल सकते हैं। राजनीतिक गलियारे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठजोड़ की भी खबरें चल रही हैं।
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शहर में टंगे बैनर, होर्डिंग को उतारने का काम शुरू हो गया है। इलेक्शन कमीशन की ओर से बुधवार को अधिसूूचना जारी हो गई। जिले में छठवे चरण यानी चार मार्च को मतदान होगा। चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद देवरिया सदर, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, सलेमपुर, बरहज, रुद्रपुर, भाटपाररानी विधानसभा क्षेत्रों में होर्डिंग और बैनर उतारने का काम शुरू हो गया। सिविल लाइंस समेत अन्य जगहों पर होर्डिंग उतारे गए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित निर्वाचन में हलचल सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ गई है।
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मेज, आलमारियां पोछकर चमका दी गई हैं। पुराने रिकॉर्ड पर जमे धूल हटा दिए गए हैं। सियासी हाल पर नजर डालें तो बसपा ने पहले ही सभी सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों को तय नहीं किया है। सपा में वर्चस्व को लेकर चल रही लड़ाई के चलते कई विधानसभा के दावेदारों के चेहरे बदल सकते हैं। राजनीतिक गलियारे में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठजोड़ की भी खबरें चल रही हैं।
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