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Deoria News: कटान रोधी प्रोजेक्ट खारिज होने से ग्रामीणों में आक्रोश
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भागलपुर में बीते साल बाढ़ के पानी से गिरा हनुमान मंदिर की दीवार
नदी व कस्बे के बीच बीस मीटर का है फासला, मंहगी न पड़ जाए बाढ़ विभाग की लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर कस्बे को कटान से बचाने के लिए भेजा गया 8 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट खारिज हो जाने से ग्रामीणों में बाढ़ विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी और कस्बे के बीच 20 मीटर का फासला है, बाढ़ आने पर यह फासला और भी कम हो जाता है। ऐसे में बाढ़ विभाग ने यह प्रोजेक्ट खारिज कर उदासीनता का परिचय दिया है।
दो साल पहले कटान से एक समय ऐसा लगा कि नदी प्राचीन मंदिर को अपने में समा लेगी। हनुमान मंदिर की दीवार नदी के कटान से गिरकर नदी मेंं समाहित हो गई। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर को दी। उन्होंने निरीक्षण कर बाढ़ विभाग के अधिकारियों को बजट बनाने का निर्देश दिया। बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने 8 करोड़ का बजट बनाया। लेकिन बरसात बीत जाने के बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। एक साल बाद प्रोजेक्ट भी खारिज हो गया। विभाग की इस लापरवाही से कस्बे सहित मंदिर का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। बाढ़ विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कस्बे व प्राचीन मंदिर को बचाने के लिए कटान रोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले समय में नासूर बन सकता है। कस्बे के ओम प्रकाश पांडेय, शिवशंकर जायसवाल, शंभू जायसवाल, शिवजी जायसवाल, अनिल जायसवाल और बुलेट खान आदि लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए खारिज प्रोजेक्ट को पास कर ठोकर बनाने की मांग की है। बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कटान वाले स्थानों पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। कुछ जगह कटान रोधी कार्य जोरों पर चल रहा है। भागलपुर कस्बे के पास भी कटान रोधी कार्य कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। भागलपुर कस्बे को कटान से बचाने के लिए भेजा गया 8 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट खारिज हो जाने से ग्रामीणों में बाढ़ विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी और कस्बे के बीच 20 मीटर का फासला है, बाढ़ आने पर यह फासला और भी कम हो जाता है। ऐसे में बाढ़ विभाग ने यह प्रोजेक्ट खारिज कर उदासीनता का परिचय दिया है।
दो साल पहले कटान से एक समय ऐसा लगा कि नदी प्राचीन मंदिर को अपने में समा लेगी। हनुमान मंदिर की दीवार नदी के कटान से गिरकर नदी मेंं समाहित हो गई। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर को दी। उन्होंने निरीक्षण कर बाढ़ विभाग के अधिकारियों को बजट बनाने का निर्देश दिया। बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने 8 करोड़ का बजट बनाया। लेकिन बरसात बीत जाने के बाद प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। एक साल बाद प्रोजेक्ट भी खारिज हो गया। विभाग की इस लापरवाही से कस्बे सहित मंदिर का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। बाढ़ विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कस्बे व प्राचीन मंदिर को बचाने के लिए कटान रोधी कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले समय में नासूर बन सकता है। कस्बे के ओम प्रकाश पांडेय, शिवशंकर जायसवाल, शंभू जायसवाल, शिवजी जायसवाल, अनिल जायसवाल और बुलेट खान आदि लोगों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए खारिज प्रोजेक्ट को पास कर ठोकर बनाने की मांग की है। बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कटान वाले स्थानों पर बराबर निगरानी रखी जा रही है। कुछ जगह कटान रोधी कार्य जोरों पर चल रहा है। भागलपुर कस्बे के पास भी कटान रोधी कार्य कराया जाएगा।
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