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Deoria News: अनुशासन, विद्वता और निष्ठा के चलते गोरक्षपीठ के प्रिय थे प्रो. सिंह

Sun, 28 Sep 2025 08:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 08:28 AM IST
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Prof. Singh was a favourite of the Gorakshapeeth for his discipline, scholarship, and devotion.
- बीमारी के समय भी एमपी शिक्षा परिषद के कार्यों के लिए देते रहे समय
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह अनुशासन, विद्वता और निष्ठा के चलते गोरक्षपीठ के हमेशा प्रिय बने रहे। उनकी विद्वता ने विश्वविद्यालयों को दिशा दी। उनकी विनम्रता ने सहकर्मियों को साधा और उनकी कर्मठता ने संस्थानों को नया जीवन दिया। वे सचमुच शिक्षा जगत के अजातशत्रु थे, जिनसे कभी किसी ने शत्रुता नहीं की, बल्कि उनके प्रति सभी का हृदय स्वत: झुक गया।

यह कहना है शहर के बुद्धजीवियों का, जिनसे उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा है। डीवीएन पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं, कार्य के प्रति निष्ठा और अनुशासन उनमें कूट-कूटकर भरा था। गोरक्षपीठ के प्रति भक्ति भाव ऐसा था कि जिसे उन्होंने आजीवन निभाया। हम जैसे बहुत सारे लोगों ने उनसे कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सीखी है। उनके जाने से एक खालीपन सा महसूस हो रहा है। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्प दंत जैन कहते हैं, प्रो. सिंह महंत अवेद्यनाथ से ज्यादा अटैच (नजदीक) थे। बीमारी के बीच भी वे अपने कार्य को करते रहते थे। यही उनकी खासियत थी जो दूसरों से अलग करती है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रो. सिंह से जुड़े लोगों ने अपनी स्मृतियां साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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स्मृतियां...
तुम छोड़कर जाओगे तो नहीं...इस बोल को आजीवन निभाया
गोरखपुर। एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह के व्यक्तित्व से प्रभावित शहर के बुद्धजीवी मर्माहत हैं। उनके बेहद करीबी रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप राव बताते हैं कि प्रो. सिंह ने महंत दिग्विजयनाथ से जुड़ाव की चर्चा करते हुए कहा था कि 1954 में महाराणा प्रताप महाविद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति हो रही थी। महंत ने कहा था- तुम छोड़कर जाओगे तो नहीं...कॅरियर बनाना ठीक है लेकिन जाना तो बीच सत्र में नहीं। उनके यह बोल मेरे लिए अनमोल थे और आजीवन उसे निभाया।
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हमें कन्फयूजन नहीं...महराज जी का कहा ब्रह्म वाक्य है
डॉ. प्रदीप राव, पूर्व कुलपति के साथ बिताए पलों को याद करके भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि प्रो. सिंह का पूरा जीवन गृहस्थ सन्यासी का था। जब मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ उनके सामने आते थे तो वे सांष्टांग प्रणाम करते थे और उन्हें देखते ही खड़े होकर सम्मान करते थे। डॉ. राव ने एक वाकया का जिक्र भी किया। कहा कि एक बार एमपी शिक्षा परिषद के कुछ निर्णय को लेकर कन्फ्यूजन था। चर्चा चल रही थी तो प्रो. सिंह ने कहा कि तुम लोगों को कन्फ्यूजन होगा हमें नहीं। मेरे लिए तो महराज जी के बोल ब्रह्म वाक्य की तरह हैं। वे पूरी तरह से मंदिर के प्रति समर्पित रहे। कहते थे, अगर संघ और मंदिर को चुनना होगा तो मंदिर को चुनूंगा। मंदिर और गोरक्षपीठ को तो गोरक्षपीठ मेरे लिए प्रथम हैं।
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प्रो. यूपी सिंह के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा का मार्ग
राजेंद्र नगर आवास से गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला, ट्रैफिक तिराहा, कालीमंदिर, गोलघर, कलेक्ट्री चौराहा, भगत सिंह चौक, अलहदादपुर, प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्टनगर पुलिस चौकी होते हुए राप्ती घाट पुल के किनारे से नगर निगम की ओर से निर्मित घाट पर।


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आवास पर पहुंच कर दी प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, विधायक विपिन सिंह, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, प्रांत प्रचारक रमेश, प्रांत संघ चालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, जिला प्रचारक मोहित, विभाग प्रचारक अजय नारायण, पूर्व प्रांत संघचालक डॉ. पृथ्वीराज सिंह, प्रांत प्रचार प्रमुख अवधेश, विभाग संघचालक शेषनाथ, प्रांत सह व्यवस्थापक हरेकृष्ण, संघ चालक दुर्गा शंकर, सह प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. उमेश सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रजवंत राव, प्रौढ़ शिक्षा के पूर्व आचार्य डॉ. धर्मव्रत तिवारी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, भाजपा नेता बृजेश मणि मिश्रा, ओमप्रकाश शर्मा, शशिकांत सिंह, इंद्रमणि उपाध्याय, शिवम पांडेय, अच्युतानंद शाही, अरविंद निषाद, राहुल गिरी, सहायक नगर आयुक्त अविनाश सिंह, एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल, प्रो. रामनरेश चौधरी, डीवीएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह, एमपी इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य रामजन्म सिंह, डॉ. परीक्षित सिंह, गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष रीतेश मिश्रा, सरस्वती विद्या मंदिर के शिवजी सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री नीरज सिंह, एडवोकेट हरि प्रकाश मिश्रा, भरोहिया के प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो एसएन चतुर्वेदी, प्रो. हरिशंकर शुक्ला, प्रो संजय बैजल, डॉ. कुशल नाथ मिश्रा, डॉ. मनोज द्विवेदी, एमपी पॉलिटेक्निक के डॉ. एपी सिंह, जुबिली इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विश्व प्रकाश सिंह, रामजानकी नगर के विवेक शुक्ल, डॉ. रामपाल यादव, प्रो. मुकुंद शरण त्रिपाठी, प्रो केशव सिंह आदि ने श्रद्धांजलि दी।
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