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संत रविदास जयंती पर निकाली गई झांकी
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संत रविदास जयंती पर निकाली गई झांकी
देवरिया। संत रविदास मंदिर सेवा समिति ने शनिवार को संत रैदास की जयंती धूमधाम से मनाई। शहर के विभिन्न मार्गों से आकर्षक झांकी निकाली गई। पिड़रा, चक बदलदास व अगस्तपार की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
देवरिया खास स्थित मंदिर परिसर में कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान मंदिर के महंत परमात्मा दास ने की। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अलका सिंह ने कहा कि संत रविदास ने समाज के निचले तबके के विकास एवं उत्थान के लिए जो काम किया वह आज भी अनुकरणीय है। समिति के अध्यक्ष हरिलाल बौद्ध ने कहा कि संत रविदास ने जीवन भर अपने उपदेशों व शिक्षाओं के जरिए लोगों के जीवन को प्रभावित किया। बीआरडी कॉलेज के डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समाज हित एवं सामाजिक सुधारों के जरिए उन्होंने एक अलग ही अलख जगाई। पूर्व सीओ शुभनारायण ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में युवाओं को अपनी पहचान बनानी चाहिए। कार्यक्रम को पूर्व शाखा प्रबंधक मोहन, डॉ.अजीत पाल, मंजू देवी, एई दिनेश कुमार, शारदा प्रसाद, डॉ. राजकिशोर, सुशीला देवी, गोपाल प्रसाद, प्रदीप कुमार, डीपी बौद्ध, नंदलाल, सुदर्शन कुशवाहा, धर्मेंद्र, नवीन प्रकाश, प्रमोद गौतम, रमाशंकर, रवि प्रकाश आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता एलबी सजीवैया ने की। झांकी में पवन कुमार, विजय, संजय, विपिन, हरिलाल राम, मुनेश्वर प्रसाद, रामयादि, बालकिशुन, पूर्णमासी प्रसाद, महेंद्र चौहान, राजेंद्र प्रसाद, हंसनाथ यादव, डॉ.जगदीश प्रसाद आदि शामिल रहे।
कर्म को प्रधान मानते थे संत रविदास : डॉ. धर्मेंद्र
सलेमपुर। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय पर शनिवार को संत रविदास की जयंती मनाई गई। ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि संत रविदास ने कर्म को प्रधान माना। अगर व्यक्ति अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करे तो उसका जीवन सुखद होगा। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज की सेवा में समर्पित था। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि वह मानवता के पुजारी थे। मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म समझते थे। पंडित रामविलास तिवारी ने कहा कि वह सच्चे संत थे। जिला सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि रविदास जी कर्म के बल पर जीवन की रेखा बदलने की बात पर विश्वास करते थे। कार्यक्रम को अभिनीत उपाध्याय, घनश्याम मिश्र, राजेंद्र तिवारी, अजय मिश्र, मुन्नानाथ तिवारी, चंद्रमोहन पांडेय, रमाशंकर प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
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सपाइयों ने मनाई संत रविदास की जयंती
रुद्रपुर। संत रविदास की जयंती शनिवार को धर्मपुर गांव में मनाई गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
सपा नेता संजय यादव ने कहा कि संत रविदास ने समाज को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने लोगों को बिना किसी भेदभाव के साथ इंसानियत का पाठ पढ़ाया। वर्तमान समय में उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। उनके विचारों को किसी जाति, धर्म के बंधन में नहीं बांधा जा सकता। इस अवसर पर राम बिलाश प्रसाद, अमेरिका प्रसाद, सुदर्शन प्रसाद, भगवंत यादव, शंकर, विंद्रावती, प्रभावती, सुंदरी आदि मौजूद रहे।
देसही में मनाई गई रविदास जयंती
देसही देवरिया। हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में संत रविदास की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि मुमताज अली ने रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। कहा कि कोई व्यक्ति नाम से बड़ा नहीं होता। उसकी पहचान और ख्याति उसके सत्कर्मों से होती है। संत रविदास ने समाज में फैली विसंगतियों और असमानता को समाप्त करने के लिए प्रेरणा दी। ईश्वर की प्राप्ति या भक्ति दिखावे से नहीं, मन को पवित्र करके उपासना से होती है। कमलेश पांडेय ने कहा कि संत रविदास ने भारतीय समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। कार्यक्रम के आयोजक सुरेश प्रसाद ने सभी का आभार जताया। इस दौरान तारक नाथ शर्मा, महावीरेंद्र, बृजेश गहलौत, तेज प्रताप गहलौत, भुनर शर्मा, विनोद सिंह, लल्लन शर्मा कवि, जीउत प्रसाद आदि मौजूद रहे।
संत रविदास की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का लिया संकल्प
देवरिया। एसएसबीएल इंटर कॉलेज में संत रविदास की जयंती और चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया गया। प्रधानाचार्य डॉ.अजय मणि त्रिपाठी ने उन्हें निर्गुण ब्रह्म के उपासक, सामाजिक समरसता के दूत, मीरा के आध्यात्मिक गुरु एवं वर्तमान समय में प्रासंगिक संत बताया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास भक्ति काल के महान संत थे, जिन्होंने समाज को जाति-पांति, छुआछूत और आडंबरों से दूर रहकर सरल, सहज और निष्पाप भाव से एक परमात्मा की भक्ति का संदेश दिया। संत रविदास ने बाह्य आवरणों के इस भेदभाव को कृत्रिम करार दिया और राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि को एक ही परमेश्वर का विविध नाम बताया। उनका विश्वास था कि भगवान की भक्ति के लिए सदाचार, परहित-भावना तथा सद्व्यवहार का पालन आवश्यक है। अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि उत्तर भारत में धार्मिक क्रांति लाने का कार्य संत रविदास ने किया। डॉ.राजेश मिश्र ने कहा कि जब विदेशी आक्रांता भारतीय संस्कृति एवं धर्म को पद दलित कर रहे थे तब 15वीं सदी के संत रविदास ने अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व के माध्यम से उसकी रक्षा करने का प्रयास किया। कार्यक्रम को अशोक चौहान, संजीव पाठक ने भी संबोधित किया। शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके त्याग और बलिदान पर चर्चा की गई। इस दौरान संजयानंद पांडेय, अजय पांडेय, रमाशंकर चौरसिया, सत्येंद्र मणि, राजेश सिंह, गुलाब चौरसिया, संतोष राय आदि उपस्थित रहे।
संत रविदास पर कबीर की शिक्षाओं का बड़ा प्रभाव : डॉ. दिलीप
देवरिया। सपा कार्यालय पर संत रविदास की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव ने कहा कि महान संत रविदास जी भक्ति कालीन कवियों में प्रमुख हैं। निर्गुण शाखा के गृहस्थ संत पर कबीर की शिक्षाओं का प्रभाव दिखता है। जाति, धर्म, संप्रदाय, छुआछूत, पाखंड, विषमता के विरोध में समता स्थापित करने तथा मनुष्य को समान समझने की सीख देने वाली उनकी शिक्षाएं समाज और दुनिया को राह दिखाती हैं। संत रविदास की शिक्षाओं से प्रभावित होकर मेवाड़ की महारानी मीराबाई उनकी शिष्य बन गईं।
कार्यक्रम में विजय लक्ष्मी गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव, अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव, जिला उपाध्यक्ष हृदयनारायण जायसवाल, अरविंद साहनी, अवधेश चौधरी, वीरेंद्र गुप्ता जिला कोषाध्यक्ष, ओपी यादव, चौधरी बेचूलाल, श्यामदेव यादव, विश्वनाथ प्रसाद, जिला सचिव उमाशंकर यादव, श्याम बहादुर भारती, रमाकांत निषाद, अशोक यादव पूर्व चेयरमैन डीसीएफ, धर्मवीर गुप्ता, लक्ष्मण निषाद, सुभाष मद्धेशिया, राजेंद्र प्रसाद गौड़, अशोक राजभर, सूरज यादव, रामसेवक यादव, प्रदीप यादव, डॉ. संतोष यादव, महिला सभा की जिला अध्यक्ष श्रीमती शोभा यादव आदि मौजूद रहे। संचालन जिला महासचिव मुराद अली बेग ने किया।
भाटपाररानी क्षेत्र में हुआ आयोजन
भाटपाररानी। नगर व क्षेत्र में शनिवार को संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। नगर के ज्ञान कुंज एकेडमी में संत रविदास जयंती पर निबंध, कला एवं क्राफ्ट तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में शमा परवीन, श्याम सिंह, प्रिया राजभर, आराध्या वर्मा, सौम्या वर्मा, शिवम पांडेय, अदिति वर्मा, अदिति शर्मा, राशिद अंसारी, प्रतियुश पांडेय, सुशांत प्रसाद, दीपिका सिंह आदि ने भाग लिया। संस्था के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने संत रविदास के सामाजिक उद्देश्यों को सफल बनाने पर जोर दिया। प्रदीप चौरसिया, मुरली यादव, श्रवण कुशवाहा चंद्रभान मिश्रा, अनीश सिंह, नेहा तिवारी, अजिमा खातून, कुसुम यादव, शिखा मौर्य, अलका सिंह आदि मौजूद रहे।
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देवरिया। संत रविदास मंदिर सेवा समिति ने शनिवार को संत रैदास की जयंती धूमधाम से मनाई। शहर के विभिन्न मार्गों से आकर्षक झांकी निकाली गई। पिड़रा, चक बदलदास व अगस्तपार की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
देवरिया खास स्थित मंदिर परिसर में कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान मंदिर के महंत परमात्मा दास ने की। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष अलका सिंह ने कहा कि संत रविदास ने समाज के निचले तबके के विकास एवं उत्थान के लिए जो काम किया वह आज भी अनुकरणीय है। समिति के अध्यक्ष हरिलाल बौद्ध ने कहा कि संत रविदास ने जीवन भर अपने उपदेशों व शिक्षाओं के जरिए लोगों के जीवन को प्रभावित किया। बीआरडी कॉलेज के डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समाज हित एवं सामाजिक सुधारों के जरिए उन्होंने एक अलग ही अलख जगाई। पूर्व सीओ शुभनारायण ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में युवाओं को अपनी पहचान बनानी चाहिए। कार्यक्रम को पूर्व शाखा प्रबंधक मोहन, डॉ.अजीत पाल, मंजू देवी, एई दिनेश कुमार, शारदा प्रसाद, डॉ. राजकिशोर, सुशीला देवी, गोपाल प्रसाद, प्रदीप कुमार, डीपी बौद्ध, नंदलाल, सुदर्शन कुशवाहा, धर्मेंद्र, नवीन प्रकाश, प्रमोद गौतम, रमाशंकर, रवि प्रकाश आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता एलबी सजीवैया ने की। झांकी में पवन कुमार, विजय, संजय, विपिन, हरिलाल राम, मुनेश्वर प्रसाद, रामयादि, बालकिशुन, पूर्णमासी प्रसाद, महेंद्र चौहान, राजेंद्र प्रसाद, हंसनाथ यादव, डॉ.जगदीश प्रसाद आदि शामिल रहे।
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कर्म को प्रधान मानते थे संत रविदास : डॉ. धर्मेंद्र
सलेमपुर। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय पर शनिवार को संत रविदास की जयंती मनाई गई। ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि संत रविदास ने कर्म को प्रधान माना। अगर व्यक्ति अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करे तो उसका जीवन सुखद होगा। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज की सेवा में समर्पित था। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष उपेंद्र प्रसाद ने कहा कि वह मानवता के पुजारी थे। मानव सेवा को सबसे बड़ा धर्म समझते थे। पंडित रामविलास तिवारी ने कहा कि वह सच्चे संत थे। जिला सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि रविदास जी कर्म के बल पर जीवन की रेखा बदलने की बात पर विश्वास करते थे। कार्यक्रम को अभिनीत उपाध्याय, घनश्याम मिश्र, राजेंद्र तिवारी, अजय मिश्र, मुन्नानाथ तिवारी, चंद्रमोहन पांडेय, रमाशंकर प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
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सपाइयों ने मनाई संत रविदास की जयंती
रुद्रपुर। संत रविदास की जयंती शनिवार को धर्मपुर गांव में मनाई गई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
सपा नेता संजय यादव ने कहा कि संत रविदास ने समाज को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने लोगों को बिना किसी भेदभाव के साथ इंसानियत का पाठ पढ़ाया। वर्तमान समय में उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है। उनके विचारों को किसी जाति, धर्म के बंधन में नहीं बांधा जा सकता। इस अवसर पर राम बिलाश प्रसाद, अमेरिका प्रसाद, सुदर्शन प्रसाद, भगवंत यादव, शंकर, विंद्रावती, प्रभावती, सुंदरी आदि मौजूद रहे।
देसही में मनाई गई रविदास जयंती
देसही देवरिया। हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में संत रविदास की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि मुमताज अली ने रविदास के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। कहा कि कोई व्यक्ति नाम से बड़ा नहीं होता। उसकी पहचान और ख्याति उसके सत्कर्मों से होती है। संत रविदास ने समाज में फैली विसंगतियों और असमानता को समाप्त करने के लिए प्रेरणा दी। ईश्वर की प्राप्ति या भक्ति दिखावे से नहीं, मन को पवित्र करके उपासना से होती है। कमलेश पांडेय ने कहा कि संत रविदास ने भारतीय समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। कार्यक्रम के आयोजक सुरेश प्रसाद ने सभी का आभार जताया। इस दौरान तारक नाथ शर्मा, महावीरेंद्र, बृजेश गहलौत, तेज प्रताप गहलौत, भुनर शर्मा, विनोद सिंह, लल्लन शर्मा कवि, जीउत प्रसाद आदि मौजूद रहे।
संत रविदास की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का लिया संकल्प
देवरिया। एसएसबीएल इंटर कॉलेज में संत रविदास की जयंती और चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया गया। प्रधानाचार्य डॉ.अजय मणि त्रिपाठी ने उन्हें निर्गुण ब्रह्म के उपासक, सामाजिक समरसता के दूत, मीरा के आध्यात्मिक गुरु एवं वर्तमान समय में प्रासंगिक संत बताया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास भक्ति काल के महान संत थे, जिन्होंने समाज को जाति-पांति, छुआछूत और आडंबरों से दूर रहकर सरल, सहज और निष्पाप भाव से एक परमात्मा की भक्ति का संदेश दिया। संत रविदास ने बाह्य आवरणों के इस भेदभाव को कृत्रिम करार दिया और राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि को एक ही परमेश्वर का विविध नाम बताया। उनका विश्वास था कि भगवान की भक्ति के लिए सदाचार, परहित-भावना तथा सद्व्यवहार का पालन आवश्यक है। अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि उत्तर भारत में धार्मिक क्रांति लाने का कार्य संत रविदास ने किया। डॉ.राजेश मिश्र ने कहा कि जब विदेशी आक्रांता भारतीय संस्कृति एवं धर्म को पद दलित कर रहे थे तब 15वीं सदी के संत रविदास ने अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व के माध्यम से उसकी रक्षा करने का प्रयास किया। कार्यक्रम को अशोक चौहान, संजीव पाठक ने भी संबोधित किया। शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके त्याग और बलिदान पर चर्चा की गई। इस दौरान संजयानंद पांडेय, अजय पांडेय, रमाशंकर चौरसिया, सत्येंद्र मणि, राजेश सिंह, गुलाब चौरसिया, संतोष राय आदि उपस्थित रहे।
संत रविदास पर कबीर की शिक्षाओं का बड़ा प्रभाव : डॉ. दिलीप
देवरिया। सपा कार्यालय पर संत रविदास की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव ने कहा कि महान संत रविदास जी भक्ति कालीन कवियों में प्रमुख हैं। निर्गुण शाखा के गृहस्थ संत पर कबीर की शिक्षाओं का प्रभाव दिखता है। जाति, धर्म, संप्रदाय, छुआछूत, पाखंड, विषमता के विरोध में समता स्थापित करने तथा मनुष्य को समान समझने की सीख देने वाली उनकी शिक्षाएं समाज और दुनिया को राह दिखाती हैं। संत रविदास की शिक्षाओं से प्रभावित होकर मेवाड़ की महारानी मीराबाई उनकी शिष्य बन गईं।
कार्यक्रम में विजय लक्ष्मी गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव, अंतरराष्ट्रीय पहलवान रामाश्रय यादव, जिला उपाध्यक्ष हृदयनारायण जायसवाल, अरविंद साहनी, अवधेश चौधरी, वीरेंद्र गुप्ता जिला कोषाध्यक्ष, ओपी यादव, चौधरी बेचूलाल, श्यामदेव यादव, विश्वनाथ प्रसाद, जिला सचिव उमाशंकर यादव, श्याम बहादुर भारती, रमाकांत निषाद, अशोक यादव पूर्व चेयरमैन डीसीएफ, धर्मवीर गुप्ता, लक्ष्मण निषाद, सुभाष मद्धेशिया, राजेंद्र प्रसाद गौड़, अशोक राजभर, सूरज यादव, रामसेवक यादव, प्रदीप यादव, डॉ. संतोष यादव, महिला सभा की जिला अध्यक्ष श्रीमती शोभा यादव आदि मौजूद रहे। संचालन जिला महासचिव मुराद अली बेग ने किया।
भाटपाररानी क्षेत्र में हुआ आयोजन
भाटपाररानी। नगर व क्षेत्र में शनिवार को संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। नगर के ज्ञान कुंज एकेडमी में संत रविदास जयंती पर निबंध, कला एवं क्राफ्ट तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में शमा परवीन, श्याम सिंह, प्रिया राजभर, आराध्या वर्मा, सौम्या वर्मा, शिवम पांडेय, अदिति वर्मा, अदिति शर्मा, राशिद अंसारी, प्रतियुश पांडेय, सुशांत प्रसाद, दीपिका सिंह आदि ने भाग लिया। संस्था के निदेशक राजेश कुमार सिंह ने संत रविदास के सामाजिक उद्देश्यों को सफल बनाने पर जोर दिया। प्रदीप चौरसिया, मुरली यादव, श्रवण कुशवाहा चंद्रभान मिश्रा, अनीश सिंह, नेहा तिवारी, अजिमा खातून, कुसुम यादव, शिखा मौर्य, अलका सिंह आदि मौजूद रहे।