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Deoria News: गंदगी से पटा शहर, कई मोहल्लों में जलभराव, कैसे लगे संचारी रोगों पर रोक
Fri, 05 Apr 2024 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 05 Apr 2024 12:55 AM IST
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साकेत नगर दक्षिणी पूर्वी में खाली प्लाट में जमा नाली का गंदा पानी लोगो को सतार रही विमारी फैल
- संचार रोगों की रोकथाम के लिए अभियान शुरू हुए बीत गए तीन दिन, नहीं दिख रही रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला प्रशासन संचारी रोगों से निपटने के लिए अभियान चला रहा है। लेकिन, शहर में जगह-जगह फैली गंदगी व जलभराव अभियान की पोल खोल रहे हैं। कई मोहल्लों में गर्मी के मौसम में जलभराव है। कई मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
कहीं नालियां बजबजा रही हैं तो कहीं गंदा पानी लोगों की दुश्वारियां बढ़ा रहा है। सरकारी विभागों से लेकर कई कॉलोनियों में नालियों पर स्लैब नहीं हैं। गंदगी का ढेर लगा होने से मच्छरों के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पानी जमा होने के कारण तेजी से मच्छर पनप रहे हैं। मोहल्लों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव न होने से शाम ढलते ही मच्छर लोगों को परेशान करते हैं। संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने व साफ-सफाई रखने की बात सिर्फ कागज तक ही सिमटती दिख रही है।
इन रोगों की रोकथाम के लिए शुरू किया गया है यह अभियान
जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस), डायरिया व मलेरिया आदि रोगों से बचाव के लिए यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को उपाय बताए जाने हैं। इसके तहत गंदा पानी पीने व गंदगी के कारण होने वाले रोगों से बचाव के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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हालांकि, बृहस्पतिवार को अभियान शुरू हुए चार दिन हो गए हैं, लेकिन शहर को कॉलोनियों और विभागों से गंदगी दूर नहीं की जा सकी है। जल निकासी के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए हैं। नाली न होने से लोगों के घरों का गंदा पानी हमेशा खाली जमीन में एकत्रित हो रहा है। दिन में ही मच्छरों की भरमार रहती है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है।
संचारी रोग अभियान के तहत गलियों, नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना है, लेकिन अभियान को चार दिन गुजर गए, लेकिन सफाई करने वाले टीम मोहल्लों में नहीं आई और न ही मच्छररोधी दवा का छिड़काव किया गया।
शहर के रामगुलाम टोला, साकेतनगर, चकियवा, रामगुलाम टोला, रामनाथ सहित शहर की प्रमुख कॉलोनियों में नालियां गंदगी से जाम हैं। शहर के साकेत नगर दक्षिणी-पूर्वी मार्ग पर जल भराव का नजारा देखने को मिला। यहां पर जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने के चलते खाली परिसर में ही गंदा पानी एकत्र हो रहा है। इधर गर्मी बढ़ने से लोग मच्छर से परेशान हैं। इसी मोहल्ले में एक खाली जमीन पर लोगों के घरों का गंदा पानी बजबजा रहा है। उससे उठती दुर्गंध से लोग परेशान हैं। खाली जगहों पर जलभराव होने से मच्छर के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं।
इसी तरह रामगुलाम टोला, आंबेडकर नगर, ट्यूबवेल कॉलोनी के सरकारी आवास के पास गंदगी का अंबार व जलभराव का नजारा देखने को मिला।
साल में तीन बार चलाया जाता है संचारी रोग अभियान
संचारी रोग अभियान वर्ष में तीन बार बरसात से पहले, बरसात के समय और बाद में चलाया जाता है। इसमें साफ-सफाई और छिड़काव कराया जाता है। ताकि गंदगी और जलभराव कम हो और मच्छरों के प्रकोप से बचा जा सके। संचारी रोग वेक्टर बांड डिजीज है। इसमें मलेरिया, एईएस, जेई, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब्टाइफस, लेप्रोस्मायोरेसी बीमारी शामिल हैं। ये मच्छरों के काटने, चूहे, उदर, जानवरों के मल मूत्र से फैलती है। इसमें 12 विभाग आपस में मिलकर अभियान चलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, राजस्व व शिक्षा विभाग और कृषि विभाग आदि शामिल हैं।
घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी कार्यकर्ता
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 अप्रैल से दस्तक अभियान शुरू होगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मी व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संक्रामक रोग पीड़ितों का हेल्थ सर्वे करेंगी। अभियान को शुरुआत हुए चार दिन हुए हैं। जगह-जगह विभिन्न विभागों के माध्यम से संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस काम के लिए 12 विभागों को लगाया गया है।
हर रोज दो वार्डों में फॉगिंग
संचार रोग अभियान को लेकर शहर के मोहल्लों में छिड़काव कराया जा रहा है। वार्ड नंबर एक से अभियान की शुरुआत हो चुकी है। जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। इस कार्य में सफाई कर्मियों में तैनाती की गई है। सफाई निरीक्षक को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-अंकिता शुक्ला, ईओ, नगर पालिका
जनपद में 20 हाईरिस्क क्षेत्र चिह्नित किए गए
प्रशासन ने जनपद में 20 हाईरिस्क क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनमें पांच नगरीय व 15 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। देवरिया नगर, सलेमपुर, बरहज, रामपुर कारखाना, मझौलीराज नगरीय क्षेत्र में शामिल हैं।
कोट
बारिश के मौसम में गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका होती है। ऐसे में घर के आसपास साफ-सफाई रखने, नाली, कूलर, टायर आदि में पानी न जमा होने दें, ताकि मच्छर न पैदा हों। साथ ही मच्छरों से बचाव करें। अगर किसी को भी बुखार या खांसी के लक्षण दिखते हैं तो तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। अपने से दवा न लें, डॉक्टर की पर्ची पर ही दवाएं लें।
-डॉ. सिराजुद्दीन, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज
स्पीकअप
जल निकासी के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए हैं। नालियों पर स्लैब नहीं होने से लोगों को बदबू आदी से होकर रोजाना गुजरना पड़ता है। जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने से मोहल्ले के खाली जगह पर जमा होता है। इससे मच्छरों व अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा हर समय बना रहता है।
-आकाश त्रिपाठी, भीखमपुर रोड
सड़क व नाली बनने के बाद जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं है। शहर के नए वार्डों में कमोवेश यही स्थिति है। नालियों का गंदा पानी खाली पड़ी जमीन पर एकत्रित हो रहा है। गर्मी हो या बरसात यहां पर हर मौसम में जलभराव देखने को मिल जाएगा।
-प्रशांत पांडेय, सीसी रोड
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला प्रशासन संचारी रोगों से निपटने के लिए अभियान चला रहा है। लेकिन, शहर में जगह-जगह फैली गंदगी व जलभराव अभियान की पोल खोल रहे हैं। कई मोहल्लों में गर्मी के मौसम में जलभराव है। कई मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
कहीं नालियां बजबजा रही हैं तो कहीं गंदा पानी लोगों की दुश्वारियां बढ़ा रहा है। सरकारी विभागों से लेकर कई कॉलोनियों में नालियों पर स्लैब नहीं हैं। गंदगी का ढेर लगा होने से मच्छरों के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पानी जमा होने के कारण तेजी से मच्छर पनप रहे हैं। मोहल्लों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव न होने से शाम ढलते ही मच्छर लोगों को परेशान करते हैं। संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने व साफ-सफाई रखने की बात सिर्फ कागज तक ही सिमटती दिख रही है।
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जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई), एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस), डायरिया व मलेरिया आदि रोगों से बचाव के लिए यह विशेष अभियान 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को उपाय बताए जाने हैं। इसके तहत गंदा पानी पीने व गंदगी के कारण होने वाले रोगों से बचाव के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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हालांकि, बृहस्पतिवार को अभियान शुरू हुए चार दिन हो गए हैं, लेकिन शहर को कॉलोनियों और विभागों से गंदगी दूर नहीं की जा सकी है। जल निकासी के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए हैं। नाली न होने से लोगों के घरों का गंदा पानी हमेशा खाली जमीन में एकत्रित हो रहा है। दिन में ही मच्छरों की भरमार रहती है। इससे संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है।
संचारी रोग अभियान के तहत गलियों, नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना है, लेकिन अभियान को चार दिन गुजर गए, लेकिन सफाई करने वाले टीम मोहल्लों में नहीं आई और न ही मच्छररोधी दवा का छिड़काव किया गया।
शहर के रामगुलाम टोला, साकेतनगर, चकियवा, रामगुलाम टोला, रामनाथ सहित शहर की प्रमुख कॉलोनियों में नालियां गंदगी से जाम हैं। शहर के साकेत नगर दक्षिणी-पूर्वी मार्ग पर जल भराव का नजारा देखने को मिला। यहां पर जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने के चलते खाली परिसर में ही गंदा पानी एकत्र हो रहा है। इधर गर्मी बढ़ने से लोग मच्छर से परेशान हैं। इसी मोहल्ले में एक खाली जमीन पर लोगों के घरों का गंदा पानी बजबजा रहा है। उससे उठती दुर्गंध से लोग परेशान हैं। खाली जगहों पर जलभराव होने से मच्छर के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं।
इसी तरह रामगुलाम टोला, आंबेडकर नगर, ट्यूबवेल कॉलोनी के सरकारी आवास के पास गंदगी का अंबार व जलभराव का नजारा देखने को मिला।
साल में तीन बार चलाया जाता है संचारी रोग अभियान
संचारी रोग अभियान वर्ष में तीन बार बरसात से पहले, बरसात के समय और बाद में चलाया जाता है। इसमें साफ-सफाई और छिड़काव कराया जाता है। ताकि गंदगी और जलभराव कम हो और मच्छरों के प्रकोप से बचा जा सके। संचारी रोग वेक्टर बांड डिजीज है। इसमें मलेरिया, एईएस, जेई, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब्टाइफस, लेप्रोस्मायोरेसी बीमारी शामिल हैं। ये मच्छरों के काटने, चूहे, उदर, जानवरों के मल मूत्र से फैलती है। इसमें 12 विभाग आपस में मिलकर अभियान चलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, राजस्व व शिक्षा विभाग और कृषि विभाग आदि शामिल हैं।
घर-घर जाकर हेल्थ सर्वे करेंगी कार्यकर्ता
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 अप्रैल से दस्तक अभियान शुरू होगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मी व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संक्रामक रोग पीड़ितों का हेल्थ सर्वे करेंगी। अभियान को शुरुआत हुए चार दिन हुए हैं। जगह-जगह विभिन्न विभागों के माध्यम से संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस काम के लिए 12 विभागों को लगाया गया है।
हर रोज दो वार्डों में फॉगिंग
संचार रोग अभियान को लेकर शहर के मोहल्लों में छिड़काव कराया जा रहा है। वार्ड नंबर एक से अभियान की शुरुआत हो चुकी है। जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। इस कार्य में सफाई कर्मियों में तैनाती की गई है। सफाई निरीक्षक को नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-अंकिता शुक्ला, ईओ, नगर पालिका
जनपद में 20 हाईरिस्क क्षेत्र चिह्नित किए गए
प्रशासन ने जनपद में 20 हाईरिस्क क्षेत्र चिह्नित किए हैं। इनमें पांच नगरीय व 15 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। देवरिया नगर, सलेमपुर, बरहज, रामपुर कारखाना, मझौलीराज नगरीय क्षेत्र में शामिल हैं।
कोट
बारिश के मौसम में गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका होती है। ऐसे में घर के आसपास साफ-सफाई रखने, नाली, कूलर, टायर आदि में पानी न जमा होने दें, ताकि मच्छर न पैदा हों। साथ ही मच्छरों से बचाव करें। अगर किसी को भी बुखार या खांसी के लक्षण दिखते हैं तो तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। अपने से दवा न लें, डॉक्टर की पर्ची पर ही दवाएं लें।
-डॉ. सिराजुद्दीन, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज
स्पीकअप
जल निकासी के लिए अब तक इंतजाम नहीं किए गए हैं। नालियों पर स्लैब नहीं होने से लोगों को बदबू आदी से होकर रोजाना गुजरना पड़ता है। जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं होने से मोहल्ले के खाली जगह पर जमा होता है। इससे मच्छरों व अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा हर समय बना रहता है।
-आकाश त्रिपाठी, भीखमपुर रोड
सड़क व नाली बनने के बाद जल निकासी का समुचित इंतजाम नहीं है। शहर के नए वार्डों में कमोवेश यही स्थिति है। नालियों का गंदा पानी खाली पड़ी जमीन पर एकत्रित हो रहा है। गर्मी हो या बरसात यहां पर हर मौसम में जलभराव देखने को मिल जाएगा।
-प्रशांत पांडेय, सीसी रोड