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Deoria News: अस्पताल में गर्भवती की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Thu, 03 Apr 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:50 PM IST
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उर्मिला की फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार की रात एक गर्भवती की मौत हो गई। परिजन लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। यह देख डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल बंद कर भाग गए।
पीएचसी से रेफर करने के बाद आशा कार्यकर्ता के झांसा में आकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। उधर, स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सुरौली थाना क्षेत्र के सरौरा गांव निवासी छोटेलाल गोंड ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बुधवार को आशा कार्यकर्ता को बुलाया गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर पीएचसी मझंगावा पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने हालत गंभीर देख मेडिकल काॅलेज देवरिया भेज दिया। परिजन आशा कार्यकर्ता के साथ महिला को मेडिकल काॅलेज लेकर आ रहे थे।
छोटेलाल का आरोप है कि इसी बीच आशा कार्यकर्ता ने शाम के समय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के न होने की बात कही और निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आशा कार्यकर्ता के कहने पर परिजन उर्मिला को लेकर रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां देर शाम को महिला को भर्ती कराया गया।डॉक्टरों ने नार्मल प्रसव कराने की बात कहते हुए इलाज शुरू कर दिया और 13 हजार रुपये जमा करा लिए।
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छोटेलाल के अनुसार, पूछने पर सब ठीक हो जाएगा कि बात कहकर इलाज करने लगे। रात करीब एक बजे डॉक्टर और कर्मचारियों ने महिला को बाहर निकाल दिया और मेडिकल काॅलेज ले जाने की बात कही। पति के कारण पूछने पर बताया गया कि मौत हो गई है। शव को वहीं रखने की बात कहने पर कर्मचारी मारपीट करने लगे। परिजनों में चीख-पुकार मच गई और हंगामा करने लगे।
इसी बीच डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल में भर्ती अन्य एक मरीज को एंबुलेंस से दूसरी जगह शिफ्ट करा दिए और अस्पताल बंद कर भाग गए। परिजन महिला को लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार की रात एक गर्भवती की मौत हो गई। परिजन लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। यह देख डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल बंद कर भाग गए।
पीएचसी से रेफर करने के बाद आशा कार्यकर्ता के झांसा में आकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। उधर, स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक विभाग ने जांच शुरू कर दी है। सुरौली थाना क्षेत्र के सरौरा गांव निवासी छोटेलाल गोंड ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर बुधवार को आशा कार्यकर्ता को बुलाया गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर पीएचसी मझंगावा पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने हालत गंभीर देख मेडिकल काॅलेज देवरिया भेज दिया। परिजन आशा कार्यकर्ता के साथ महिला को मेडिकल काॅलेज लेकर आ रहे थे।
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छोटेलाल का आरोप है कि इसी बीच आशा कार्यकर्ता ने शाम के समय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के न होने की बात कही और निजी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। आशा कार्यकर्ता के कहने पर परिजन उर्मिला को लेकर रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां देर शाम को महिला को भर्ती कराया गया।डॉक्टरों ने नार्मल प्रसव कराने की बात कहते हुए इलाज शुरू कर दिया और 13 हजार रुपये जमा करा लिए।
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छोटेलाल के अनुसार, पूछने पर सब ठीक हो जाएगा कि बात कहकर इलाज करने लगे। रात करीब एक बजे डॉक्टर और कर्मचारियों ने महिला को बाहर निकाल दिया और मेडिकल काॅलेज ले जाने की बात कही। पति के कारण पूछने पर बताया गया कि मौत हो गई है। शव को वहीं रखने की बात कहने पर कर्मचारी मारपीट करने लगे। परिजनों में चीख-पुकार मच गई और हंगामा करने लगे।
इसी बीच डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल में भर्ती अन्य एक मरीज को एंबुलेंस से दूसरी जगह शिफ्ट करा दिए और अस्पताल बंद कर भाग गए। परिजन महिला को लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।