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जिसने दर्ज कराया था मुकदमा वही निकला भतीजे का कातिल

Thu, 04 Aug 2022 11:37 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:37 PM IST
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police unveiled murder case of ajay mishra, uncle found guilty
अजय मिश्रा हत्याकांड के आरोपी चाचा रमेश मिश्रा और गोविंद को मेडिकल कराने के लिए पुलिस ने लाया अस् - फोटो : DEORIA
जिसने दर्ज कराया था मुकदमा वही निकला भतीजे का कातिल
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चाचा ने बेटों, भतीजे के साथ मिलकर की थी अजय मिश्र की हत्या
देवरिया। बरियारपुर थाना क्षेत्र के अहिल्यापुर बुजुर्ग गांव निवासी अजय मिश्र की हत्या का राज बृहस्पतिवार को करीब सात माह बाद गोरखपुर की क्राइम ब्रांच ने खोल दिया है। जिस चाचा ने वादी बन कर पांच नामजद और अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया था, उसने ही हत्या कराई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि चाचा ने दो पुत्रों और भतीजे के साथ मिलकर चाकू से गोदकर अजय को मार डाला था। उसके बाद दूसरों को फंसाने के लिए शव को बाइक से ले जाकर दूसरी जगह पर फेंक दिया था। पुलिस ने चाचा और भतीजा को गिरफ्तार कर लिया है।
अहिल्यापुर बुजुर्ग गांव निवासी अजय मिश्रा (32) का शव छह जनवरी को सदर कोतवाली के पिपरा चंद्रभान गांव में मिला था। उनके गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे। अजय के चाचा रमेश मिश्र की तहरीर पर पांच नामजद और तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। तहरीर में चाचा ने आरोप लगाया था कि भूमि की रकम के लिए हत्या की गई है। पुलिस ने घटना के नामजद आरोपी प्रद्युम्न पांडेय निवासी पिपरा चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया, जो इस समय भी जेल में है।
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करीब दो माह पहले वादी ने मामले की जांच की गुहार लगाई तो एडीजी के आदेश पर घटना की जांच अपराध शाखा गोरखपुर को ट्रांसफर हो गई। विवेचना क्राइम ब्रांच के निरीक्षक दिलीप शुक्ला कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों की माने, तो अपराध शाखा ने रमेश मिश्र की कुंडली खंगालनी शुरू की तो मामला खुलता गया। इसी बीच अजय की बहन से पुलिस ने झारखंड में जाकर जानकारी जुटाई। इसके बाद वादी रमेश और भतीजे गोविंद मिश्र को पुलिस ने बृहस्पतिवार की सुुबह हिरासत में ले लिया।
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पूछताछ में रमेश और गोविंद ने पुलिस को बताया कि घटना के कुछ दिन पहले से अजय पंद्रह लाख रुपये मांग रहा था। नहीं तो भूमि दूसरे को बचने के लिए कह रहा था। जबकि भूमि घर की है। शादी न होने के कारण इकलौता पुत्र अजय के ही नाम पूरी भूमि थी। हत्या के बाद वादी के नाम सारी भूमि हो जाती। पुलिस ने मामले में रमेश मिश्र और उनके पुत्र अमन, आकाश और भतीजे गोविंद को नामजद किया है।
पुलिस के खुलासे पर उठे सवाल
देवरिया। अजय मिश्र हत्याकांड के एक नामजद आरोपी प्रद्युम्न पांडेय निवासी पिपरा चंद्रभान को दस दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहे। गोरखपुर की अपराध शाखा के पर्दाफाश के बाद स्थानीय थाने की पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहे हैं कि आखिर निर्दोष को पुलिस ने क्यों गिरफ्तार कर अपना गला बचाने का काम किया, जो छह माह से जेल में बंद है।

कोट
गोरखपुर की अपराध शाखा ने घटना का पर्दाफाश कर दिया है। वादी ने अपने बेटों और भतीजे के साथ मिलकर हत्या की है। इसमें दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। -प्रमोद कुमार, एसओ बरियारपुर
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