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Deoria News: दिल्ली व बिहार के मोतिहारी से बैरंग लौटी पुलिस, मुख्य सरगना व एजेंट का पता मिला फर्जी

Sat, 16 Mar 2024 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 11:18 PM IST
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Police returned empty handed from Motihari in Delhi and Bihar, address of main leader and agent found fake
- करीब एक माह बाद भी पगरा में 120 लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगने वाले हैं पुलिस की पकड़ से दूर
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- सीसी रोड के ट्रेवेल्स एजेंसी के एजेंट की गिरफ्तारी के बाद भी सरगना का कोई सुराग नहीं
- करीब 80 से अधिक युवक पासपोर्ट के लिए रोजाना लगा रहे हैं कोतवाली का चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विदेश भेजने के नाम ठगी करने वाले दो गिरोह के गुर्गों को पकड़ना पुलिस की चुनौती बना हुआ है। करीब एक माह होने को है लेकिन अभी तक दोनों एजेंसी में करीब 200 युवकों को ठगने वाले गिरोह के मुख्य सरगना पुलिस की पकड़ से दूर है। दोनों एजेंसी के जरिए 200 से अधिक बेरोजगारों से तीन करोड़ की ठगी हुई थी। इस मामले में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली है।
शहर के पगरा में ट्रेवेल्स एजेंसी संचालक ने करीब 120 युवकों को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिया। मुंबई फ्लाइट भेजने के लिए भेज दिया। युवक पर जब मुंबई पहुंचे को उनका टिकट कैंसिल करवा एजेंसी बंद कर फरार हो गए। युवकों ने एजेंसी में बैठने वाले अयोध्या निवासी आयुष शुक्ला के विरुद्ध कोतवाली में आवेदन दिया। पुलिस मामले की जांच शुरू की और सर्विलांस की मदद ली तो सरगना दिल्ली का निकला। जो फ्रॉड खाते के संचालन का काम दिल्ली और बिहार में बैठा कर करता है। पुलिस दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला संदीप दास पिता सुदामा दास की लोकेशन लेनी चाही तो उसका नंबर बंद मिला रहा था। स्थानीय पुलिस से जानकारी लेनी चाही तो उसका एक और पता बिहार के मोतिहारी का भी मिला। सारी जानकारी लेने के बाद मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए एक टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई। परंतु पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस ने स्थानीय पुलिस से पते की जानकारी लेनी चाही तो वह फर्जी निकला। फिर पुलिस टीम एजेंट जो अयोध्या का रहने वाला था उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया तो वह भी अयोध्या में नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की टीम बिहार के मोतिहारी जिले में सरगना के पते पर पहुंची। वहां ग्रामीणों से काफी जानकारी ली, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। ग्रामीण कुछ आवश्यक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस वहां से बैरंग लौट आई। इसी तरह सीसी रोड स्थित मरहबा एजेंसी के एजेंट की गिरफ्तारी के बाद पुलिस सरगना व एक सदस्य की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली गई। वहां पर भी इनका कोई सुरा नहीं मिला। इस संबंध में कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पगरा एजेंसी के मुख्य सरगाना का दिल्ली का पता गलत व फेक था। बिहार के मोतिहारी के पते पर भी पुलिस गई थी। वहां पर भी उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। आरोपितों को ढूढ़ने में पुलिस साइबर सेल की मदद ले रही है, लेकिन ठगों ने भागने से पहले बचने की पूरी कोशिश कर ली है।
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सीसी रोड के ट्रेवेल्स एजेंसी के जरिए हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों की तलाश हुई तेज
सीसी रोड के ट्रेवेल्स एजेंसी के संचालक कन्हैया पांडेय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार इमरान व सुधांशु नामक युवक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल का भी सहारा ले रही है। पुलिस दोनों का नंबर सर्विलांस पर डालकर उनका लोकेशन ट्रेस कर रही है। दोनों आरोपियों ने इमरान का पता दिल्ली बताया जा रहा है। पुलिस दिल्ली में भी उनके पते की खोज में पहुंची पर उनका पता गलत था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
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200 में सिर्फ 110 युवकों का मिल सका है पासपोर्ट, अन्य लगा रहे है चक्कर
शहर के पगरा व सीसी रोड स्थित मरहबा ट्रेवेल्स एजेंसी का ताला टूटने के बाद उसमें सिर्फ 110 का पासपोर्ट मिला। जिसमें से करीब-करीब सभी पासपोर्ट का पुलिस ने वितरण कर दिया है। दोनों एजेंसी में करीब 80 युवक ऐसे है जिनके पासपोर्ट का अभी तक पता नहीं चल सका है। पैसा गंवाने के बाद युवक पासपोर्ट को ले काफी परेशान है। दर्जनों युवक रोजाना कोतवाली का चक्कर लगा रहे हे कि उनका पासपोर्ट मिल जाय। ताकि उसे दूसरी जगह लगा सके।

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काेट
विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने के मामले में पुलिस दिल्ली व मोतिहारी गई थी कि लेकिन आरोपियों ने जो पता बताया है, वह फर्जी निकला। इस मामले के खुलासे के लिए साइबर सेल की मदद भी ले रही है। गिरोह के सरगना व एजेंट लगातार अपना लोकेशन बदल रहे हैं। उनका मोबाइल घटना के बाद से बंद आ रहा है। पुलिस उन पर नजर बनाए हुए है, जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
संजय रेड्डी, सीओ
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