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समाजवादी धौंस के आगे पुलिस बौनी
देवरिया
Updated Thu, 09 Feb 2017 10:53 PM IST
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नामांकन कक्ष तक जाने के लिए दिनभर होती रही धक्कामुक्की
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। निष्पक्ष चुनाव का दावा नामांकन के दौरान ही खोखली साबित हो रही है। गुरुवार के दिन नामांकन करने पहुंचे प्रत्याशियों ने चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाईं। समर्थक पुलिस के सामने नारेबाजी करते रहे। जुलूस के कारण सिविल लाइंस रोड पूरी तरह जाम हो गया। नामांकन कक्ष में जाने के लिए नेताओं की होड़ लगी थी। एक तरफ समाजवादी सरेआम धौंस देते रहे तो पुलिसवाले रसूखदारों से संबंध की दुहाई देते रहे। पुलिस को चकमा देकर समर्थक सुरक्षा में सेंधमारी करने में सफल रहे। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर दिनभर धक्का-मुक्की होती रही।
भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। एएसपी और सीओ दिनभर जोर आजमाइश करते रहे। दोपहर 12 बजे के करीब सपा सदर से जेपी जायसवाल नामांकन करने पहुंचे। शिवमंदिर पर एएसपी नरेंद्र सिंह ने उन्हें रोका और पांच लोगों को आगे जाने की इजाजत दी।
मुख्य गेट पर भाटपाररानी से सपा प्रत्याशी आशुतोष उपाध्याय, बरहज से भाजपा के सुरेश तिवारी, सपा से पीडी तिवारी, रामपुर कारखाना से बसपा के राजीव सिंह, भाजपा के कमलेश शुक्ल, देवरिया सदर से बसपा के अभयनाथ त्रिपाठी और कुछ निर्दल प्रत्याशी समर्थकों के साथ बारी-बारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने पांच को अंदर जाने की इजाजत दी लेकिन समर्थक पुलिस से भीड़ गए।
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शिवमंदिर, बस स्टैंड पर लगे पुलिस बैरियर को धकेल भीड़ आगे बढ़ गई। सिविल लाइंस रोड पर प्रत्याशियों ने गाड़ी लगा दी। मुख्य गेट पर सीओ शिताशु कुमार, इंस्पेक्टर नीतिश श्रीवास्तव भीड़ को रोकने में लगे रहे। जेपी जायसवाल ने खुद को अलग किया तो साथ चल रहे जिला पंचायत सदस्य मुकुल सिंह को निर्दल प्रत्याशी बताते हुए सपा नेता रामप्यारे यादव, कमला यादव, विजय रावत सरीखे अन्य नेता अंदर दाखिल हो गए। पुलिस का माथा ठनका तो जांच में लगे एलआईयू के एक पुलिसकर्मी ने मुकुल सिंह को रोक लिया।
नोकझोंक के बाद उन्हें हटना पड़ा लेकिन पूर्वांचल ग्रामीण बैंक के पास सपा समर्थक और नेता जुटते रहे। धीरे-धीरे सैकड़ों लोग अंदर दाखिल हो गए। भाटपाररानी से सपा प्रत्याशी आशुतोष उपाध्याय अंदर दाखिल हो रहे थे तभी सीओ से नोकझोंक हो गई। पांच मिनट की धक्कामुक्की में पुलिस के पसीने छूट गए।
सुरेश तिवारी के समर्थक भी उग्र नजर आए। उनके समर्थक गेट पर नारे लगाने लगे तो दूसरी पार्टी के लोग भी मैदान में कूद पड़े। धारा 144 के साथ आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा था। पुलिस आगे आई और लाठी दिखाकर लोगों को दूर किया। दोपहर दो बजे के करीब डीएम और एसपी पहुंचे।
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भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठी पटकनी पड़ी। एएसपी और सीओ दिनभर जोर आजमाइश करते रहे। दोपहर 12 बजे के करीब सपा सदर से जेपी जायसवाल नामांकन करने पहुंचे। शिवमंदिर पर एएसपी नरेंद्र सिंह ने उन्हें रोका और पांच लोगों को आगे जाने की इजाजत दी।
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मुख्य गेट पर भाटपाररानी से सपा प्रत्याशी आशुतोष उपाध्याय, बरहज से भाजपा के सुरेश तिवारी, सपा से पीडी तिवारी, रामपुर कारखाना से बसपा के राजीव सिंह, भाजपा के कमलेश शुक्ल, देवरिया सदर से बसपा के अभयनाथ त्रिपाठी और कुछ निर्दल प्रत्याशी समर्थकों के साथ बारी-बारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने पांच को अंदर जाने की इजाजत दी लेकिन समर्थक पुलिस से भीड़ गए।
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शिवमंदिर, बस स्टैंड पर लगे पुलिस बैरियर को धकेल भीड़ आगे बढ़ गई। सिविल लाइंस रोड पर प्रत्याशियों ने गाड़ी लगा दी। मुख्य गेट पर सीओ शिताशु कुमार, इंस्पेक्टर नीतिश श्रीवास्तव भीड़ को रोकने में लगे रहे। जेपी जायसवाल ने खुद को अलग किया तो साथ चल रहे जिला पंचायत सदस्य मुकुल सिंह को निर्दल प्रत्याशी बताते हुए सपा नेता रामप्यारे यादव, कमला यादव, विजय रावत सरीखे अन्य नेता अंदर दाखिल हो गए। पुलिस का माथा ठनका तो जांच में लगे एलआईयू के एक पुलिसकर्मी ने मुकुल सिंह को रोक लिया।
नोकझोंक के बाद उन्हें हटना पड़ा लेकिन पूर्वांचल ग्रामीण बैंक के पास सपा समर्थक और नेता जुटते रहे। धीरे-धीरे सैकड़ों लोग अंदर दाखिल हो गए। भाटपाररानी से सपा प्रत्याशी आशुतोष उपाध्याय अंदर दाखिल हो रहे थे तभी सीओ से नोकझोंक हो गई। पांच मिनट की धक्कामुक्की में पुलिस के पसीने छूट गए।
सुरेश तिवारी के समर्थक भी उग्र नजर आए। उनके समर्थक गेट पर नारे लगाने लगे तो दूसरी पार्टी के लोग भी मैदान में कूद पड़े। धारा 144 के साथ आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा था। पुलिस आगे आई और लाठी दिखाकर लोगों को दूर किया। दोपहर दो बजे के करीब डीएम और एसपी पहुंचे।