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कमरे में बंद कर पुलिस ने युवक को पीटा
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कमरे में बंद कर पुलिस ने युवक को पीटा
- खुखुंदू थाने का मामला, खिरसर गांव में दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
- कांस्टेबल ने गलत सूचना देकर बुलाई फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थानाक्षेत्र के खिरसर गांव में विवाद की सूचना पर पहुंचे दो कांस्टेबल सूचना देकर पहले थाने से फोर्स बुला लिए, फिर एक युवक के उलझने की बात कहते हुए उसे थाने लेकर चले आए। थाने के कमरे में बंद कर पांच-छह पुलिसकर्मियों ने मानवता की हदें पार करते हुए युवक का बारी बारी से हाथ-पैर पकड़कर पिटाई किया। इतना ही नहीं शरीर में खुजली के मरहम का लेप लगवाकर उसे पीटते रहे। वह बेहोश हो गया। पुलिसकर्मियों ने थाने में एसओ की गैरमौजूदगी में घटना को अंजाम दिया। मामला बढ़ता देख पीड़ित युवक का मेडिकल कराकर और दूसरे पक्ष से एक को शांति भंग में चालान किया गया।
खिरसर गांव निवासी अनूप यादव का गांव के सुरेश यादव से बुधवार को पूर्व में आंधी में गिरे आम के पेड़ की डाली को लेकर कहासुनी हो गई। मामला थाने तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के साथ एसओ ने बातचीत की। पंचायत में सुरेश को डाली देने का निर्णय हुआ था। दोनों पक्ष संतुष्ट होकर घर चले गए। बताया जा रहा है कि घर जाने पर फिर दोनों पक्ष उलझ गए। सूचना पर दो कांस्टेबल पहुंच गए। आरोप है कि कांस्टेबल दोनों पक्षों को समझाने की बजाय एकतरफा अनूप के परिवार को फटकारने लगे। अनूप ने विरोध किया तो कांस्टेबल ने थाने पर सूचना देकर फोर्स बुला ली। अनूप का आरोप है कि थाने लाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। 45 मिनट तक शरीर पर खुजली का मरहम पोतकर मारते-पीटते रहे। इस दौरान मैं बेहोश हो गया। होश में आने पर लॉकडाउन की बात कहकर मुंह खोलने पर अनगिनत मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि एसओ को भी सिपाहियों ने गलत जानकारी दी। एसओ से भी नहीं बताने की धमकी दी गई। हालांकि एसओ ने एकतरफा कार्रवाई पर नाराजगी जताई तो सिपाहियों ने दूसरे पक्ष से सुरेश को थाने बुलाकर बृहस्पतिवार को दोनों को शांतिभंग मामले में चालान किया। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि पीड़ित ने मुझे पूरी बात बताई है। सिपाहियों को फटकार लगाई गई है।
पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
खुखुंदू। पीड़ित अनूप ने जमानत के बाद एसओ को पूरे घटना क्रम से अवगत कराया। इसके बाद शनिवार को दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी के नाम पत्र लिखकर उसकी प्रतिलिपि आईजी, डीआईजी, डीजीपी, प्रमुख गृह सचिव, सीएम और मानवाधिकार को रजिस्टर्ड डाक से भेजा है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। एसओ से बात करता हूं। अगर ऐसी शिकायत है तो पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - वरुण कुमार मिश्र, सीओ सलेमपुर।
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- खुखुंदू थाने का मामला, खिरसर गांव में दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
- कांस्टेबल ने गलत सूचना देकर बुलाई फोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थानाक्षेत्र के खिरसर गांव में विवाद की सूचना पर पहुंचे दो कांस्टेबल सूचना देकर पहले थाने से फोर्स बुला लिए, फिर एक युवक के उलझने की बात कहते हुए उसे थाने लेकर चले आए। थाने के कमरे में बंद कर पांच-छह पुलिसकर्मियों ने मानवता की हदें पार करते हुए युवक का बारी बारी से हाथ-पैर पकड़कर पिटाई किया। इतना ही नहीं शरीर में खुजली के मरहम का लेप लगवाकर उसे पीटते रहे। वह बेहोश हो गया। पुलिसकर्मियों ने थाने में एसओ की गैरमौजूदगी में घटना को अंजाम दिया। मामला बढ़ता देख पीड़ित युवक का मेडिकल कराकर और दूसरे पक्ष से एक को शांति भंग में चालान किया गया।
खिरसर गांव निवासी अनूप यादव का गांव के सुरेश यादव से बुधवार को पूर्व में आंधी में गिरे आम के पेड़ की डाली को लेकर कहासुनी हो गई। मामला थाने तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के साथ एसओ ने बातचीत की। पंचायत में सुरेश को डाली देने का निर्णय हुआ था। दोनों पक्ष संतुष्ट होकर घर चले गए। बताया जा रहा है कि घर जाने पर फिर दोनों पक्ष उलझ गए। सूचना पर दो कांस्टेबल पहुंच गए। आरोप है कि कांस्टेबल दोनों पक्षों को समझाने की बजाय एकतरफा अनूप के परिवार को फटकारने लगे। अनूप ने विरोध किया तो कांस्टेबल ने थाने पर सूचना देकर फोर्स बुला ली। अनूप का आरोप है कि थाने लाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। 45 मिनट तक शरीर पर खुजली का मरहम पोतकर मारते-पीटते रहे। इस दौरान मैं बेहोश हो गया। होश में आने पर लॉकडाउन की बात कहकर मुंह खोलने पर अनगिनत मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि एसओ को भी सिपाहियों ने गलत जानकारी दी। एसओ से भी नहीं बताने की धमकी दी गई। हालांकि एसओ ने एकतरफा कार्रवाई पर नाराजगी जताई तो सिपाहियों ने दूसरे पक्ष से सुरेश को थाने बुलाकर बृहस्पतिवार को दोनों को शांतिभंग मामले में चालान किया। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि पीड़ित ने मुझे पूरी बात बताई है। सिपाहियों को फटकार लगाई गई है।
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पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
खुखुंदू। पीड़ित अनूप ने जमानत के बाद एसओ को पूरे घटना क्रम से अवगत कराया। इसके बाद शनिवार को दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी के नाम पत्र लिखकर उसकी प्रतिलिपि आईजी, डीआईजी, डीजीपी, प्रमुख गृह सचिव, सीएम और मानवाधिकार को रजिस्टर्ड डाक से भेजा है।
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मामला संज्ञान में नहीं है। एसओ से बात करता हूं। अगर ऐसी शिकायत है तो पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - वरुण कुमार मिश्र, सीओ सलेमपुर।