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Deoria News: पौधरोपण का नया लक्ष्य तैयार, जो लगे वे बेकार

Wed, 15 Mar 2023 12:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 15 Mar 2023 12:01 AM IST
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plantation useless
सरकारी विभागों ने चार साल में लगाए हैं एक करोड़ चालीस लाख से अधिक पौधे, 10 प्रतिशत भी नहीं बचे
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वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगर विकास विभाग समेत दो दर्जन से अधिक विभागों ने रोपे हैं पौधे

फोटो समाचार



देवरिया। सरकारी विभागों ने पहले जो पौधे लगाए उनका तो अब पता नहीं है, लेकिन नए वित्तीय वर्ष में उन्हें नया पौधरोपण का लक्ष्य शासन से जरूर मिल गया है। इस बार 27 विभाग मिलकर जिले में करीब 40 लाख पौधे लगवाएंगे। अगर बीते पांच वर्षों की बात करें तो जनपद में करीब 1,40,00,000 पौधे लगाए गए हैं। जिस तेजी से पौधे लगाए गए, अगर उसी रफ्तार से उनका रखरखाव हुआ होता तो पूरा का पूरा जंगल खड़ा हो गया होता। वैसे कागज में पौधों की देखभाल करने वाले विभागों की हकीकत धरातल पर कुछ और ही है।
जिले को हरा-भरा बनाने के लिए हर साल शासन की ओर से सभी विभागों को पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित किया जाता है। 15 जून के बाद बरसात शुरू होने पर सभी विभाग वन विभाग से पौधे प्राप्त कर अपने कार्यालय परिसर या अधीनस्थ भूमि पर पौधरोपण कराते हैं। बीते पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें तो वन विभाग, ग्राम्य विकास, नगर विकास विभाग समेत दो दर्जन से अधिक विभागों ने मिलकर 14,000,000 से अधिक पौधे विभिन्न जगहों पर लगवाए हैं। पड़ताल में यह तस्वीर सामने आई कि वर्तमान में 10 प्रतिशत पौधे भी जीवित नहीं बचे हैं। जिन स्थानों पर पौधे लगाए थे, वह जगह अब खाली दिखती हैं।
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डीएफओ जगदीश आर का कहना है कि जहां भी पौधे सूखते हैं, वहां पुन: पौधरोपण कराए जाते हैं। पौधों की सही तरीके से देखभाल नहीं होने की वजह से पौधे सूख जाते हैं। कितने पौधा सूख गए इसका कोई विवरण नहीं है। वन विभाग के कर्मचारी बताते हैं कि एक पौधे के रखरखाव के लिए महज छह रुपये ही मिलते हैं।
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केस एक
नगर पालिका ने खुद नष्ट करा दिए पौधे
चार साल पहले नगर पालिका परिषद देवरिया ने भुजौली काॅलोनी स्थित स्लेज फाॅर्म में करीब पांच हजार सागौन के पौधे लगवाए थे। इसकी देखरेख के नाम पर काफी धनराशि खर्च की गई। एक साल बाद इस जमीन को जोतकर खेत बना दिया गया। आज यहां 50 की संख्या में भी पौधे जीवित नहीं बचे हैं।

केस दो
गांधी उपवन में लगे पौधे ढूंढते रह जाओगे
कंचनपुर के सिरवनिया में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 250वीं जयंती व भारत छोड़ो की 77वीं वर्षगांठ पर नौ अगस्त 2019 को सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से विकास खंड के सिरवनिया के गांधी उपवन में 12 हजार से अधिक पौधे और बेलही कुटी के गांधी उपवन में पांच हजार पौधे लगाए गए थे। बेलही कुटी के गांधी उपवन के भी सभी पौधे सूख गए हैं। यही हाल सिरवनिया में लगे पौधों का है। देखरेख के अभाव एवं जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इस उपवन में अधिकांश पौधे सूख कर नष्ट हो गए हैं।

केस तीन
वन विभाग ने सिद्ध पीठ बारीपुर हनुमान मंदिर परिसर स्थित पंचवटी वाटिका में भी हजारों की संख्या में पौधे लगाए थे। लेकिन वर्तमान समय में उन पौधों का कहीं अता-पता नहीं है। रखरखाव के अभाव में पौधे नष्ट हो गए हैं।


वर्ष लक्ष्य प्रगति
2018-19 1117718 1153390
2019-20 3933120 3972344
2020-21 2622390 2652956
2021-22 3088598 3116677
2022-23 3337724 3319876
नोट: वन विभाग की ओर से बीते वर्षों में लक्ष्य के सापेक्ष लगाए गए पौधों की संख्या।
कोट
जनपद में 19 नर्सरी वन विभाग की हैं। यहां पौधे तैयार किए जाते हैं। शासन से वन विभाग को इस साल करीब आठ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, अन्य विभागों के जिम्मेे 38 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। दस हजार पौधे लगाने में करीब पांच हजार खर्च होते हैं।
जगदीश आर, डीएफओ
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