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Deoria News: पिड़रा पुल पर फिर दरकने लगा संपर्क मार्ग
Fri, 28 Jun 2024 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 28 Jun 2024 12:18 AM IST
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पिड़रा गांव की ओर कटान करती गोर्रा नदीफोटो संवाद
संपर्क मार्ग कटा को तहसील मुख्यालय से टूटेगा 52 गांवों का संपर्क
हालात को लेकर एसडीएम से मिले पूर्व विधायक खोखा सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
रुद्रपुर। पिछले साल पिड़रा पुल का संपर्क मार्ग कटने से एक साल तक आवागमन की दुश्वारियां झेलने वाले दोआबा के 52 गांवों के लोग दहशत में हैं। मानसून की पहली हल्की बारिश में ही पुल का संपर्क मार्ग दरकने लगा है। यहां बीते वर्ष संपर्क मार्ग कट जाने से पक्के पुल के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा था।
बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने पुल और संपर्क मार्ग की हालात का जायजा लिया। उन्होंने एसडीएम रत्नेश तिवारी से मिलकर संपर्क मार्ग कटने पर आने वाली भयावह स्थिति से अवगत कराया। पूर्व विधायक ने कहा कि एक साल पहले से नदी संपर्क मार्ग को काट रही है। गोर्रा नदी की कटान से पिड़रा पुल और गांव को खतरा है। नदी पुल छोड़ कर रुद्रपुर से पिड़रा जाने वाले मार्ग पर ठोकर मार रही है। बीते वर्ष संपर्क मार्ग कटने से करीब एक साल तक इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों का आवागमन ठप रहा है। संपर्क मार्ग की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी अब तक लाखों रुपये पानी में बहा चुका है। एक साल से दोआबा और कछार के दो लाख लोग आवागमन की परेशानी झेल रहे हैं।
बताया कि भाजपा सरकार के चार जनप्रतिनिधि मिलकर पिड़रा पुल को सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। इससे नदी का जलस्तर बढ़ते ही तबाही मचनी तय है। उन्होंने कहा कि अब तक परियोजना की फाइल शासन से स्वीकृत नहीं हुई है। इस बार जलस्तर बढ़ने पर संपर्क मार्ग कटा तो शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा लाखों लोगों को भुगतना पड़ेगा। अगर संपर्क मार्ग कटा तो कछार और दोआबा की जनता पशुओं को लेकर तहसील मुख्यालय पर डेरा डालेगी।
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इस बाबत एसडीएम रत्नेश तिवारी ने पक्का पुल और संपर्क मार्ग की सुरक्षा के लिए पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें बचाव कार्य में गंभीरता लाने के लिए कहा गया है।
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हालात को लेकर एसडीएम से मिले पूर्व विधायक खोखा सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
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रुद्रपुर। पिछले साल पिड़रा पुल का संपर्क मार्ग कटने से एक साल तक आवागमन की दुश्वारियां झेलने वाले दोआबा के 52 गांवों के लोग दहशत में हैं। मानसून की पहली हल्की बारिश में ही पुल का संपर्क मार्ग दरकने लगा है। यहां बीते वर्ष संपर्क मार्ग कट जाने से पक्के पुल के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा था।
बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह उर्फ खोखा सिंह ने पुल और संपर्क मार्ग की हालात का जायजा लिया। उन्होंने एसडीएम रत्नेश तिवारी से मिलकर संपर्क मार्ग कटने पर आने वाली भयावह स्थिति से अवगत कराया। पूर्व विधायक ने कहा कि एक साल पहले से नदी संपर्क मार्ग को काट रही है। गोर्रा नदी की कटान से पिड़रा पुल और गांव को खतरा है। नदी पुल छोड़ कर रुद्रपुर से पिड़रा जाने वाले मार्ग पर ठोकर मार रही है। बीते वर्ष संपर्क मार्ग कटने से करीब एक साल तक इस मार्ग पर बड़ी गाड़ियों का आवागमन ठप रहा है। संपर्क मार्ग की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी अब तक लाखों रुपये पानी में बहा चुका है। एक साल से दोआबा और कछार के दो लाख लोग आवागमन की परेशानी झेल रहे हैं।
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बताया कि भाजपा सरकार के चार जनप्रतिनिधि मिलकर पिड़रा पुल को सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। इससे नदी का जलस्तर बढ़ते ही तबाही मचनी तय है। उन्होंने कहा कि अब तक परियोजना की फाइल शासन से स्वीकृत नहीं हुई है। इस बार जलस्तर बढ़ने पर संपर्क मार्ग कटा तो शासन-प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा लाखों लोगों को भुगतना पड़ेगा। अगर संपर्क मार्ग कटा तो कछार और दोआबा की जनता पशुओं को लेकर तहसील मुख्यालय पर डेरा डालेगी।
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इस बाबत एसडीएम रत्नेश तिवारी ने पक्का पुल और संपर्क मार्ग की सुरक्षा के लिए पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें बचाव कार्य में गंभीरता लाने के लिए कहा गया है।