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Deoria News: मौसम बदलने से बच्चे पड़ रहे बीमार, पीआईसीयू फुल
Fri, 02 Sep 2022 09:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 09:51 AM IST
सार
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन तथा भोज्य पदार्थ तथा सफाई पर ध्यान नहीं देने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। इस समय वायरस, बैक्टीरिया, फंगस का संक्रमण बढ़ जाता है। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी होता है। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती बच्चे। संवाद
- फोटो : DEORIA
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विस्तार
मौसम में बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई है। उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी जुकाम, पेट दर्द, झटका, सांस से पीड़ित बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीआईसीयू में बेड फुल है, वहीं, चिल्ड्रेन वार्ड भी भरा है। खाली होने के कुछ देर बार ही भर जा रहा है। इसका असर व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कुछ दवाएं बाहर से तीमारदार को लेनी पड़ रही है।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जिले के विभिन्न अलग-अलग क्षेत्रों तथा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों से लोग इलाज कराने आते हैं। उमस भरी गर्मी और बारिश का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दूषित खाद्य पदार्थ व पानी के सेवन से सेहत बिगड़ रही है। बृहस्पतिवार को बाल रोग विभाग में उल्टी, दस्त, बुखार, सर्दी जुकाम, पेट दर्द, झटका, सांस से पीड़ित मरीज अधिक रहे।
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डॉ. आरके श्रीवास्तव ने करीब 115 मरीजों का इलाज किया। इसमें गंभीर रूप से बीमार तकरीबन पांच बच्चों को भर्ती भी किया गया। वहीं, सामान्य बीमार बच्चों को दवा दी। पीआईसीयू के पंद्रह तथा बीस बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में दिन में बेड भरे थे। कुछ बच्चों की तबीयत ठीक होने पर घर भेजा गया। बेड खाली होने के कुछ ही देर बाद भर गया। बेड पर अटेंडेंट व बाहर परिवार के सदस्य थे। तीमारदारों को झटका, सर्दी, बुखार, एलर्जी सहित कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही थी।
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चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में परिवर्तन तथा भोज्य पदार्थ तथा सफाई पर ध्यान नहीं देने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। इस समय वायरस, बैक्टीरिया, फंगस का संक्रमण बढ़ जाता है। वहीं मच्छरों का प्रकोप भी होता है। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए।
ये बरतें सावधानी
चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि मौसम में परिवर्तन का असर बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पताल में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस समय सतर्कता जरूरी है। साथ ही बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तबीयत खराब होने पर लापरवाही न करें। चिकित्सक से संपर्क कर दवा दें। जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, जो कमी है, वह दूर कर ली जाएगी।
ये बरतें सावधानी
- साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- बच्चों को ताजा भोजन व शुद्ध पानी दें।
- छोटे बच्चे को छह माह तक मां का दूध दें।
- बोतल का प्रयोग न करें, कटोरी चम्मच से दूध पिलाएं।
- बच्चों को खाना खिलाते समय साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।
- बाहर व सड़क किनारे खुले में बिकने वाले सामान खाने न दें।
- मौसमी फल का सेवन बच्चों को कराएं।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
चिकित्सा अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा ने कहा कि मौसम में परिवर्तन का असर बच्चों पर पड़ रहा है। अस्पताल में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। इस समय सतर्कता जरूरी है। साथ ही बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तबीयत खराब होने पर लापरवाही न करें। चिकित्सक से संपर्क कर दवा दें। जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, जो कमी है, वह दूर कर ली जाएगी।