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13 अगस्त से जिले में न्यूमोकॉकल वैक्सीन की सुविधा मिलने लगेगी
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नियमित टीकाकरण सत्र में लगाई जाएगी न्यूमोकॉकल वैक्सीन
सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में सीएमओ ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। निमोनिया और डायरिया पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण होता है। अब निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए न्यूमोकॉकल वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर नि:शुल्क लगाई जाएगी। 13 अगस्त को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत चौथे चरण का शुभारंभ किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि नियमित टीकाकरण में न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन अब तक प्राइवेट अस्पतालों में करीब चार हजार रुपये में लगाई जाती है। अब इसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। नवजात को अब निमोनिया से होने वाले खतरे से अधिक समय तक लड़ना नहीं पड़ेगा। उन्होंने अपील की कि पीसीवी के बारे में अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता फैलाई जाए। एसीएमओ डॉ. डीवी शाही ने कहा न्यूमोकॉकल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खांसने या उसके संपर्क में आने से फैलता है। अधिकांश मामलों में न्यूमोकॉकल बिना किसी लक्षण के समाप्त हो जाता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में इसका जोखिम अधिक रहता है। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। इस टीके के आ जाने से निमोनिया, सर्दी, जुकाम, दिमागी बुखार को रोका जा सकेगा। इस बीमारी में पीसीवी की तीन डोज डेढ़ माह, साढ़े तीन माह के सब बूस्टर डोज और नौ माह पर दी जाएगी। अभी तक बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बीसीजी, ओरल पोलियो, हेपेटाइटिस बी, पेंटा पेनटावैनेलट, ओपीवी, एफआईपीवी, पीसीबी, रोटावायरस, एमआर, मिजिल्स, रूबेला व विटामिन ए का टीका नि:शुल्क लगाया जाता रहा है। अब शासन ने पीसीवी को भी सरकारी अस्पतालों में नियमित टीकाकरण में शामिल कर दिया है।
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सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में सीएमओ ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। निमोनिया और डायरिया पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण होता है। अब निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए न्यूमोकॉकल वैक्सीन सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों पर नि:शुल्क लगाई जाएगी। 13 अगस्त को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत चौथे चरण का शुभारंभ किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि नियमित टीकाकरण में न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन अब तक प्राइवेट अस्पतालों में करीब चार हजार रुपये में लगाई जाती है। अब इसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। नवजात को अब निमोनिया से होने वाले खतरे से अधिक समय तक लड़ना नहीं पड़ेगा। उन्होंने अपील की कि पीसीवी के बारे में अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता फैलाई जाए। एसीएमओ डॉ. डीवी शाही ने कहा न्यूमोकॉकल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खांसने या उसके संपर्क में आने से फैलता है। अधिकांश मामलों में न्यूमोकॉकल बिना किसी लक्षण के समाप्त हो जाता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में इसका जोखिम अधिक रहता है। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। इस टीके के आ जाने से निमोनिया, सर्दी, जुकाम, दिमागी बुखार को रोका जा सकेगा। इस बीमारी में पीसीवी की तीन डोज डेढ़ माह, साढ़े तीन माह के सब बूस्टर डोज और नौ माह पर दी जाएगी। अभी तक बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बीसीजी, ओरल पोलियो, हेपेटाइटिस बी, पेंटा पेनटावैनेलट, ओपीवी, एफआईपीवी, पीसीबी, रोटावायरस, एमआर, मिजिल्स, रूबेला व विटामिन ए का टीका नि:शुल्क लगाया जाता रहा है। अब शासन ने पीसीवी को भी सरकारी अस्पतालों में नियमित टीकाकरण में शामिल कर दिया है।
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