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भागलपुर पीएचसी को मिला नेशनल अवॉर्ड
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भागलपुर पीएचसी को मिला नेशनल अवॉर्ड
भागलपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर ने नेशनल अवार्ड जीता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से एनक्वास अवार्ड के लिए केंद्रीय एक्सटर्नल एसेसमेंट टीम ने पिछले महीने स्वास्थ्य केंद्र का मुआयना किया था। पीएचसी को 78.45 प्रतिशत अंक के साथ टीम ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट दी थी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली ने रविवार को जिलाधिकारी को एनक्वास अवार्ड जीतने का पत्र भेजा।
पीएचसी भागलपुर तीन साल पहले कायाकल्प का अवार्ड जीतने के बाद नेशनल अवार्ड की दौड़ में आगे आया। हॉस्पिटल की कमियों को दूर किया गया। 22 फरवरी को केंद्रीय जांच टीम पहुंची। टीम में शामिल सदस्य जम्मू से डॉ. विजय रैना और कर्नाटक के डॉ. राघवेंद्र राव ने दो दिन पीएचसी की सुविधाओं को परखा, जिसमें टीम ने जल जनित रोग, आरबीएसके, कु्ष्ठ रोग, टीबी, जननी सुरक्षा योजना, परिवार नियोजन, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना, टीकाकरण, मानसिक रोग, तंबाकू से हानि, बहरापन, अंधापन, वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों के बारे में जानकारी ली थी। उसके बाद भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। देवरिया जिले का भागलपुर पीएचसी और वाराणसी का जिला अस्पताल अवार्ड जीतने में सफल रहा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत कुशवाहा ने बताया कि जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक पांडेय और पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयास से भागलपुर पीएचसी सभी मानकों को पूरा कर अवार्ड जीतने में सफल रहा। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि जनपद में पहली बार नेशनल अवार्ड भागलपुर पीएचसी को मिला है।
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भागलपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर ने नेशनल अवार्ड जीता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से एनक्वास अवार्ड के लिए केंद्रीय एक्सटर्नल एसेसमेंट टीम ने पिछले महीने स्वास्थ्य केंद्र का मुआयना किया था। पीएचसी को 78.45 प्रतिशत अंक के साथ टीम ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट दी थी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली ने रविवार को जिलाधिकारी को एनक्वास अवार्ड जीतने का पत्र भेजा।
पीएचसी भागलपुर तीन साल पहले कायाकल्प का अवार्ड जीतने के बाद नेशनल अवार्ड की दौड़ में आगे आया। हॉस्पिटल की कमियों को दूर किया गया। 22 फरवरी को केंद्रीय जांच टीम पहुंची। टीम में शामिल सदस्य जम्मू से डॉ. विजय रैना और कर्नाटक के डॉ. राघवेंद्र राव ने दो दिन पीएचसी की सुविधाओं को परखा, जिसमें टीम ने जल जनित रोग, आरबीएसके, कु्ष्ठ रोग, टीबी, जननी सुरक्षा योजना, परिवार नियोजन, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना, टीकाकरण, मानसिक रोग, तंबाकू से हानि, बहरापन, अंधापन, वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों के बारे में जानकारी ली थी। उसके बाद भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। देवरिया जिले का भागलपुर पीएचसी और वाराणसी का जिला अस्पताल अवार्ड जीतने में सफल रहा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रंजीत कुशवाहा ने बताया कि जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक पांडेय और पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयास से भागलपुर पीएचसी सभी मानकों को पूरा कर अवार्ड जीतने में सफल रहा। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि जनपद में पहली बार नेशनल अवार्ड भागलपुर पीएचसी को मिला है।
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