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नदी का उग्र रूप देख बंधों पर सुरक्षित जगह तलाश रहे लोग
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नदी का उग्र रूप देख बंधों पर सुरक्षित जगह तलाशने लगे लोग
बंधों पर तेजी से कटान कर रही गोर्रा नदी
एक दर्जन गांव में पर मंडरा रहा कटान का खतरा
रुद्रपुर/ एकौना (देवरिया)। गोर्रा और राप्ती नदी के पानी में उफान को देख लोगों में भयावह बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। गांव की तरफ तेजी से कटान हो रहे से लोग अब गांव को छोड़ने लगे हैं। गांव के समीप बंधों पर वह सुरक्षित ठिकानें की तलाश रहे हैं। गोर्रा नदी के कटान से एक दर्जन गांवों पर नदी में विलीन होने का खतरा मंडरा रहा है। राप्ती नदी लगातार तिघरा मराछी बांध पर दबाव बना रही है।
रविवार को नदियों के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई। बरसात का पानी नालों से उफना कर गांवों में घुसने लगा है। पचलड़ी गांव के दो टोले बरसात के पानी से घिर गए है। गांव के बसंत, रामकुमार का परिवार बंधे पर मचान डाल कर बस गया है। उन्होंने कहा कि नदी गांव को मिटाने पर तुली है। गांव में पानी आने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गोर्रा नदी नरायनपुर, बहोरा दलतपुर, शीतल माझा, पिड़रा, पिड़री, ईश्वरपुरा, पचलड़ी, सुल्तानी आदि गांव के समीप बंधे को काट रही है। नदी और बंधे के बीच में बसे नरायनुपर और बहोरा दलपतपुर गांव की हालत कटान से दयनीय बनी है। बरसात से फसलों के डूबने से पशुओं को हरे चारे का संकट आ गया है। राप्ती नदी गायघाट और केवटलिया गांव में बोल्डर पिचिंग से टकरा रही है। राप्ती नदी का पानी गोला बाजार में आबादी की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों को अनुसार नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई तो बंधे रोक नहीं पाएंगे। उन्होंने बंधों पर निरोधात्मक कार्यो में तेजी ले आने की मांग की।
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बंधों पर तेजी से कटान कर रही गोर्रा नदी
एक दर्जन गांव में पर मंडरा रहा कटान का खतरा
रुद्रपुर/ एकौना (देवरिया)। गोर्रा और राप्ती नदी के पानी में उफान को देख लोगों में भयावह बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। गांव की तरफ तेजी से कटान हो रहे से लोग अब गांव को छोड़ने लगे हैं। गांव के समीप बंधों पर वह सुरक्षित ठिकानें की तलाश रहे हैं। गोर्रा नदी के कटान से एक दर्जन गांवों पर नदी में विलीन होने का खतरा मंडरा रहा है। राप्ती नदी लगातार तिघरा मराछी बांध पर दबाव बना रही है।
रविवार को नदियों के जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई। बरसात का पानी नालों से उफना कर गांवों में घुसने लगा है। पचलड़ी गांव के दो टोले बरसात के पानी से घिर गए है। गांव के बसंत, रामकुमार का परिवार बंधे पर मचान डाल कर बस गया है। उन्होंने कहा कि नदी गांव को मिटाने पर तुली है। गांव में पानी आने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गोर्रा नदी नरायनपुर, बहोरा दलतपुर, शीतल माझा, पिड़रा, पिड़री, ईश्वरपुरा, पचलड़ी, सुल्तानी आदि गांव के समीप बंधे को काट रही है। नदी और बंधे के बीच में बसे नरायनुपर और बहोरा दलपतपुर गांव की हालत कटान से दयनीय बनी है। बरसात से फसलों के डूबने से पशुओं को हरे चारे का संकट आ गया है। राप्ती नदी गायघाट और केवटलिया गांव में बोल्डर पिचिंग से टकरा रही है। राप्ती नदी का पानी गोला बाजार में आबादी की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों को अनुसार नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई तो बंधे रोक नहीं पाएंगे। उन्होंने बंधों पर निरोधात्मक कार्यो में तेजी ले आने की मांग की।
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