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Deoria News: भोर में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत
Sat, 23 Nov 2024 03:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 23 Nov 2024 03:11 AM IST
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सुरौली/पकड़ी बाजार। निहाल हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ में दबोच लिया। घेराबंदी के दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई। चार बजे सुबह गोलियों की आवाज सुनकर लोग जग गए। मुठभेड़ के दौरान एक के बाद एक 14 राउंड हुई। अभी कुछ ग्रामीण घटना स्थल का रूख करते पुलिस को देख उनके पैर ठिठक गए। मुठभेड़ के बाद उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा है। इस घटना के बाद लोगों में पूरे दिन मुठभेड़ की चर्चाएं होती रहीं।
निहाल हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लगातार उसके परिजन व करणी सेना से जुड़े नेता व कार्यकर्ता कर रहे थे। पुलिस की टीम भी लगातार दबिश दे रही थी।
दो दिन पहले पुलिस टीम व एसओजी ने शहर के रामनाथ देवरिया से मुठभेड़ में घायल एक युवक के भाई सहित अन्य युवकों को उठाकर पूछताछ कर रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि तीनों बदमाश हत्याकांड के आरोपी मठिया तिवारीपुर निवासी दीपक मिश्र के साथ रात भर उसके घर रहने के बाद सुबह सुरक्षित ठिकाने पर निकल रहे हैं।
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सूचना के बाद सुरौली थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह, पूर्व थानाध्यक्ष अनिल कुमार, दरोगा कमलेश शारदा, मदनपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह व रुद्रपुर थानाध्यक्ष रतन कुमार पांडेय के साथ कुसम्हा में बिजली घर के समीप घेराबंदी कर उनके आने का इंतजार करने लगे। इसी बीच एक बाइक आती दिखी। बाइक अनुराग गुप्ता चला रहा था, जबकि पीछे आशीष पांडेय बैठा हुआ था। पुलिस से घिरा देख पीछे बैठे आशीष पांडेय ने पिस्टल निकाल पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अनुराग ने भी पास में मौजूद देशी तमंचा निकाल फायर करना शुरू कर दिया। दोनों आरोपियों की तरफ से फायरिग देख पुलिस ने दोनों को दबोचने के लिए पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद दबोच लिया।
सरेंडर की सूचना देकर दो दिन से छका रहे थे पुलिस कोः निहाल सिंह हत्याकांड के नामजद आरोपियों के सरेंडर करने की सूचना के नाम पर दो दिन से पुलिस टीम व एसओजी को छका रहे थे। पुलिस लगातार दो दिन से सुबह से लेकर शाम तक न्यायालय परिसर में जमी पड़ी थी। लेकिन आरोपी सरेंडर करने नहीं पहुंचे थे।
बता दें कि मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर निवासी निहाल सिंह की सात नवंबर को दिन में गांव से देवरिया शहर स्थित आवास पर लौटते समय बाइक सवार अपराधियों ने सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। अपराधियों ने दिनदहाड़े जद्दू परसिया के समीप हत्या कर सनसनी फैला दी थी।
इस घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। पुलिस नामजद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थी। इसी बीच दो दिन से तीनों आरोपी न्यायालय में सरेंडर करने की फिराक में थे। दो दिन से पूरे दिन पुलिस न्यायालय में खाक छानती रही, लेकिन कोई आरोपी सरेंडर करने नहीं पहुंचा था।
सूत्रों की माने तो सरेंडर करने में असफल तीनों नामजद आरोपी दीपक मिश्रा के गांव मठिया तिवारीपुर पहुंचे, वहां रात में पार्टी करने के बाद सो गए, इसके बाद भोर में उठकर सुरक्षित ठिकाने के लिए निकल पड़े, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें मुठभेड़ में दबोच लिया।
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निहाल हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लगातार उसके परिजन व करणी सेना से जुड़े नेता व कार्यकर्ता कर रहे थे। पुलिस की टीम भी लगातार दबिश दे रही थी।
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दो दिन पहले पुलिस टीम व एसओजी ने शहर के रामनाथ देवरिया से मुठभेड़ में घायल एक युवक के भाई सहित अन्य युवकों को उठाकर पूछताछ कर रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि तीनों बदमाश हत्याकांड के आरोपी मठिया तिवारीपुर निवासी दीपक मिश्र के साथ रात भर उसके घर रहने के बाद सुबह सुरक्षित ठिकाने पर निकल रहे हैं।
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सूचना के बाद सुरौली थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह, पूर्व थानाध्यक्ष अनिल कुमार, दरोगा कमलेश शारदा, मदनपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह व रुद्रपुर थानाध्यक्ष रतन कुमार पांडेय के साथ कुसम्हा में बिजली घर के समीप घेराबंदी कर उनके आने का इंतजार करने लगे। इसी बीच एक बाइक आती दिखी। बाइक अनुराग गुप्ता चला रहा था, जबकि पीछे आशीष पांडेय बैठा हुआ था। पुलिस से घिरा देख पीछे बैठे आशीष पांडेय ने पिस्टल निकाल पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अनुराग ने भी पास में मौजूद देशी तमंचा निकाल फायर करना शुरू कर दिया। दोनों आरोपियों की तरफ से फायरिग देख पुलिस ने दोनों को दबोचने के लिए पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद दबोच लिया।
सरेंडर की सूचना देकर दो दिन से छका रहे थे पुलिस कोः निहाल सिंह हत्याकांड के नामजद आरोपियों के सरेंडर करने की सूचना के नाम पर दो दिन से पुलिस टीम व एसओजी को छका रहे थे। पुलिस लगातार दो दिन से सुबह से लेकर शाम तक न्यायालय परिसर में जमी पड़ी थी। लेकिन आरोपी सरेंडर करने नहीं पहुंचे थे।
बता दें कि मदनपुर थाना क्षेत्र के समोगर निवासी निहाल सिंह की सात नवंबर को दिन में गांव से देवरिया शहर स्थित आवास पर लौटते समय बाइक सवार अपराधियों ने सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। अपराधियों ने दिनदहाड़े जद्दू परसिया के समीप हत्या कर सनसनी फैला दी थी।
इस घटना के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। पुलिस नामजद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी हुई थी। इसी बीच दो दिन से तीनों आरोपी न्यायालय में सरेंडर करने की फिराक में थे। दो दिन से पूरे दिन पुलिस न्यायालय में खाक छानती रही, लेकिन कोई आरोपी सरेंडर करने नहीं पहुंचा था।
सूत्रों की माने तो सरेंडर करने में असफल तीनों नामजद आरोपी दीपक मिश्रा के गांव मठिया तिवारीपुर पहुंचे, वहां रात में पार्टी करने के बाद सो गए, इसके बाद भोर में उठकर सुरक्षित ठिकाने के लिए निकल पड़े, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें मुठभेड़ में दबोच लिया।