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भारतीय राजनीति के पुरोधा थे पंडित कमलापति त्रिपाठी : रामजी
Mon, 04 Sep 2023 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:32 AM IST
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देवरिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राजनेता व पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की जयंती रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय पर मनाई गई। उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया और गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिलाध्यक्ष रामजी गिरि ने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी भारतीय राजनीति के पुरोधा थे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि पंडित कमलापति मूल रूप से देवरिया जिले के पिंडी के निवासी थे, उनका परिवार बाद में वाराणसी में जाकर बस गया। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष, रेल मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देश के विकास में अतुलनीय योगदान दिया। आजादी की लड़ाई में वह कई बार जेल भी गए। 1921 के असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लेने के साथ ही 1942 में जब आंदोलन में भाग लेने के लिए मुंबई गए तो गिरफ्तार कर लिए गए और तीन साल तक जेल में रहे। वह हिंदी व संस्कृति के प्रकांड विद्वान थे। रेलमंत्री रहते हुए उन्होंने पुणे में डीजल लोको शेड की शुरुआत की। आज उनकी नीतियों व सिद्धांतों पर चल कर राष्ट्र आगे बढ़ा है। गोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष बिस्मिल्लाह मुन्ना लारी, दीनानाथ भारती, नागेंद्र शुक्ल, जयदीप त्रिपाठी, आनंददेव गिरि आदि ने संबोधित किया। संचालन धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने किया।
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जिलाध्यक्ष ने बताया कि पंडित कमलापति मूल रूप से देवरिया जिले के पिंडी के निवासी थे, उनका परिवार बाद में वाराणसी में जाकर बस गया। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष, रेल मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देश के विकास में अतुलनीय योगदान दिया। आजादी की लड़ाई में वह कई बार जेल भी गए। 1921 के असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लेने के साथ ही 1942 में जब आंदोलन में भाग लेने के लिए मुंबई गए तो गिरफ्तार कर लिए गए और तीन साल तक जेल में रहे। वह हिंदी व संस्कृति के प्रकांड विद्वान थे। रेलमंत्री रहते हुए उन्होंने पुणे में डीजल लोको शेड की शुरुआत की। आज उनकी नीतियों व सिद्धांतों पर चल कर राष्ट्र आगे बढ़ा है। गोष्ठी को पूर्व जिलाध्यक्ष बिस्मिल्लाह मुन्ना लारी, दीनानाथ भारती, नागेंद्र शुक्ल, जयदीप त्रिपाठी, आनंददेव गिरि आदि ने संबोधित किया। संचालन धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने किया।
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