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Deoria News: नहर ओवरफ्लो होने से डूब गईं धान की फसल
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बैतालपुर के सेखौना गांव में नहर टूटने और ओवर फ्लो होने से डूबी किसानों की फसल।संवाद
कृषि मंत्री ने तीन दिन पहले किसानों के खेतों में जाकर लिया था जायजा
- बैतालपुर क्षेत्र के सेखौना गांव के किसान हो गए हैं परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार किसानों की बेहतरी के लिए चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ अलग ही है। सिंचाई विभाग की लापरवाही की चलते बैतालपुर विकास खंड के सेखौना गांव में नहर के कहीं ओवरफ्लो होने तो कहीं टूटने से किसानों की धान की फसलें पानी में डूब गईं हैं। जबकि पानी नहर में अभी टेल तक नहीं पहुंच पाया है। किसानों का आरोप है कि नहर की सफाई नहीं कराए जाने के चलते उनकी गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई थी।
बैतालपुर क्षेत्र के महुआडीह मुख्य नहर से एक माइनर निकली है, जो बलटिकरा, सेखौना, परसौना, मुंडेरा, बनकटा, लाला रामपुर, बलियवां, जैतपुरा, परसिया होते हुए कुर्ना नाला में जाकर मिलती है। धान की रोपाई होने के बाद भी नहर में पानी मुंडेरा गांव तक ही जैसे-तैसे पहुंच पाया है। नहर की सफाई ठीक ढंग से नहीं होने के चलते रविवार को सेखौना गांव में नहर कई जगह टूट गई। जगह - जगह ओवरफ्लो भी हो रही है। इससे गांव के भोला मल्ल, भुआल, भजन प्रसाद, नथुनी, प्रह्लाद गोंड, जुगुल, नेबूलाल, श्रीकांत, इस्तियाक, पारस, मुन्ना, भागवत मल्ल सहित पचास किसानों की करीब 35 एकड़ धान की फसल डूब गई है। किसानों को अपनी फसल खराब होने का भय सताने लगा है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग समय रहते नहर की सफाई ठीक ढंग से नहीं कराया। जिसके चलते उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। गेहूं की फसल भी हर साल लापरवाही की भेंट चढ़ जा रही हैं।
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- बैतालपुर क्षेत्र के सेखौना गांव के किसान हो गए हैं परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार किसानों की बेहतरी के लिए चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ अलग ही है। सिंचाई विभाग की लापरवाही की चलते बैतालपुर विकास खंड के सेखौना गांव में नहर के कहीं ओवरफ्लो होने तो कहीं टूटने से किसानों की धान की फसलें पानी में डूब गईं हैं। जबकि पानी नहर में अभी टेल तक नहीं पहुंच पाया है। किसानों का आरोप है कि नहर की सफाई नहीं कराए जाने के चलते उनकी गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई थी।
बैतालपुर क्षेत्र के महुआडीह मुख्य नहर से एक माइनर निकली है, जो बलटिकरा, सेखौना, परसौना, मुंडेरा, बनकटा, लाला रामपुर, बलियवां, जैतपुरा, परसिया होते हुए कुर्ना नाला में जाकर मिलती है। धान की रोपाई होने के बाद भी नहर में पानी मुंडेरा गांव तक ही जैसे-तैसे पहुंच पाया है। नहर की सफाई ठीक ढंग से नहीं होने के चलते रविवार को सेखौना गांव में नहर कई जगह टूट गई। जगह - जगह ओवरफ्लो भी हो रही है। इससे गांव के भोला मल्ल, भुआल, भजन प्रसाद, नथुनी, प्रह्लाद गोंड, जुगुल, नेबूलाल, श्रीकांत, इस्तियाक, पारस, मुन्ना, भागवत मल्ल सहित पचास किसानों की करीब 35 एकड़ धान की फसल डूब गई है। किसानों को अपनी फसल खराब होने का भय सताने लगा है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग समय रहते नहर की सफाई ठीक ढंग से नहीं कराया। जिसके चलते उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। गेहूं की फसल भी हर साल लापरवाही की भेंट चढ़ जा रही हैं।
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