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Deoria News: एक साल और... फिर शहर में ही हो सकेगा गंभीर मरीजों का इलाज
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क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माण की प्रिकया शनिवार से होगी शुरू, एक साल में बनाने का है लक्ष्य
17 करोड़ की लागत से बनेगा, 50 बेड की होगी क्रिटिकल केयर यूनिट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया।
बस एक साल और, फिर मेडिकल कॉलेज में ही हार्ट अटैक, हेड इंजरी जैसे गंभीर रोगों का इलाज हो सकेगा। यह संभव होगा मेडिकल कॉलेज में बनने वाले 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) से, जिसके निर्माण की प्रिक्रया शनिवार से शुरू हो जाएगी। पुराने महिला अस्पताल में पार्क की भूमि पर 17 करोड़ की लागत से इसके लिए तीन मंजिला भवन बनेगा। जुलाई 2025 तक इसके बन जाने की उम्मीद है। उसके बाद यूनिट में इलाज शुरू हो जाएगा।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो मिल गया लेकिन अब तक यहां गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिसके कारण रोजाना 20-25 गंभीर मरीजों को गोरखपुर, लखनऊ या वाराणसी रेफर करना पड़ता है। इसे देखते हुए शासन ने एनएचएम से सीसीयू बनाने का निर्देश दिया था। इसके लिए पुराने महिला अस्पताल में पार्क की भूमि को चिह्नित किया गया है। कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन एमओयू साइन न होने से कार्य रुका था। अब एमओयू पर प्राचार्य के हस्ताक्षर के बाद उसे शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही बजट जारी होने की उम्मीद है। शनिवार को चिह्नित भूमि पर सीसीयू के पिलर के लिए स्थान चिह्नित होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो जल्द ही कार्य में तेजी आ जाएगी। सीसीयू बन जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। साथ ही समय और पैसों की भी बचत होगी।
जमीन नहीं मिलने से हुई निर्माण में देरी
शासन ने एनएसएम के तहत पचास बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए दिसंबर 2022 में पत्र भेजा था। प्राचार्य ने प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। एएसपी आवास के बगल में सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया और जनवरी 2023 को प्रस्ताव भेजा गया। फरवरी 2023 में प्रशासन ने भूमि मेडिकल कॉलेज के नाम हस्तांतरित करने और चिह्नित भूमि पर पुराने भवन के ध्वस्तीकरण की अनुमति के लिए फाइल राजस्व परिषद आयुक्त एवं राजस्व उप्र को भेजी। इसी बीच अक्तूबर 2023 को क्रिटिकल केयर यूनिट की ड्राइंग को भी स्वीकृति मिल गई, लेकिन राजस्व परिषद की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने से कार्य अधर में लट गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से फरवरी 2023 में दूसरी जगह भूमि देने की बात कही गई, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण प्राचार्य ने उसके लिए मना कर दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीसीयू के लिए पुराने जिला महिला अस्पताल में स्थित पार्क की भूमि को चिह्नित किया, जिसे प्रशासन से भी हरी झंडी मिल गई। मई 2024 में कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम को निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दे दी गई। निगम ने करीब छह माह पहले ही अपनी तैयारी कर थी और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। लखनऊ की एक कंपनी को निर्माण कराना है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है और निर्माण कार्य भी शुरू होने जा रहा है।
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अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी सीसीयू
क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण 4159.86 वर्ग मीटर में होगा। यह तीन मंजिला और 50 बेड का होगा। ग्राउंड फ्लोर 1468.38 वर्ग मीटर में होगा। वेटिंग एरिया, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, रेड, यलो जोन भी होगा। यह अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं होंगी।
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इन मरीजों के इलाज में होगी सुविधा
मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। यहां हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। इस तरह के मरीजों को अभी रेफर कर देना पड़ता है।
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क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। कार्यदायी संस्था ने तैयारी कर ली है। निर्माण के लिए कालम मार्किंग कार्य शनिवार से होगा। शीघ्र कार्य में तेजी आ जाएगी। एक साल में इसे पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके निर्माण से गंभीर मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया
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17 करोड़ की लागत से बनेगा, 50 बेड की होगी क्रिटिकल केयर यूनिट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया।
बस एक साल और, फिर मेडिकल कॉलेज में ही हार्ट अटैक, हेड इंजरी जैसे गंभीर रोगों का इलाज हो सकेगा। यह संभव होगा मेडिकल कॉलेज में बनने वाले 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) से, जिसके निर्माण की प्रिक्रया शनिवार से शुरू हो जाएगी। पुराने महिला अस्पताल में पार्क की भूमि पर 17 करोड़ की लागत से इसके लिए तीन मंजिला भवन बनेगा। जुलाई 2025 तक इसके बन जाने की उम्मीद है। उसके बाद यूनिट में इलाज शुरू हो जाएगा।
जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो मिल गया लेकिन अब तक यहां गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है, जिसके कारण रोजाना 20-25 गंभीर मरीजों को गोरखपुर, लखनऊ या वाराणसी रेफर करना पड़ता है। इसे देखते हुए शासन ने एनएचएम से सीसीयू बनाने का निर्देश दिया था। इसके लिए पुराने महिला अस्पताल में पार्क की भूमि को चिह्नित किया गया है। कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम ने टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन एमओयू साइन न होने से कार्य रुका था। अब एमओयू पर प्राचार्य के हस्ताक्षर के बाद उसे शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही बजट जारी होने की उम्मीद है। शनिवार को चिह्नित भूमि पर सीसीयू के पिलर के लिए स्थान चिह्नित होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मौसम ने साथ दिया तो जल्द ही कार्य में तेजी आ जाएगी। सीसीयू बन जाने से गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। साथ ही समय और पैसों की भी बचत होगी।
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जमीन नहीं मिलने से हुई निर्माण में देरी
शासन ने एनएसएम के तहत पचास बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए दिसंबर 2022 में पत्र भेजा था। प्राचार्य ने प्रशासन से भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। एएसपी आवास के बगल में सरकारी जमीन को चिह्नित किया गया और जनवरी 2023 को प्रस्ताव भेजा गया। फरवरी 2023 में प्रशासन ने भूमि मेडिकल कॉलेज के नाम हस्तांतरित करने और चिह्नित भूमि पर पुराने भवन के ध्वस्तीकरण की अनुमति के लिए फाइल राजस्व परिषद आयुक्त एवं राजस्व उप्र को भेजी। इसी बीच अक्तूबर 2023 को क्रिटिकल केयर यूनिट की ड्राइंग को भी स्वीकृति मिल गई, लेकिन राजस्व परिषद की ओर से हरी झंडी नहीं मिलने से कार्य अधर में लट गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से फरवरी 2023 में दूसरी जगह भूमि देने की बात कही गई, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण प्राचार्य ने उसके लिए मना कर दिया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीसीयू के लिए पुराने जिला महिला अस्पताल में स्थित पार्क की भूमि को चिह्नित किया, जिसे प्रशासन से भी हरी झंडी मिल गई। मई 2024 में कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम को निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दे दी गई। निगम ने करीब छह माह पहले ही अपनी तैयारी कर थी और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली थी। लखनऊ की एक कंपनी को निर्माण कराना है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद अब निर्माण का रास्ता साफ हो गया है और निर्माण कार्य भी शुरू होने जा रहा है।
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अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी सीसीयू
क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण 4159.86 वर्ग मीटर में होगा। यह तीन मंजिला और 50 बेड का होगा। ग्राउंड फ्लोर 1468.38 वर्ग मीटर में होगा। वेटिंग एरिया, आइसोलेशन वार्ड, एचडीयू, रेड, यलो जोन भी होगा। यह अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगा। यहां पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल सोनोग्राफी, एडवांस इक्विपमेंट, ईसीजी सहित अन्य सुविधाएं होंगी।
इन मरीजों के इलाज में होगी सुविधा
मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से गंभीर मरीजों के इलाज में सुविधा होगी। यहां हृदय रोग, सांस, हेड इंजरी, चोट, प्रसव सहित अन्य बीमारियों के गंभीर मरीजों के इलाज में आसानी होगी। इस तरह के मरीजों को अभी रेफर कर देना पड़ता है।
क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। कार्यदायी संस्था ने तैयारी कर ली है। निर्माण के लिए कालम मार्किंग कार्य शनिवार से होगा। शीघ्र कार्य में तेजी आ जाएगी। एक साल में इसे पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके निर्माण से गंभीर मरीजों को इलाज में सहूलियत होगी।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, देवरिया