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लेखक श्रीराम शर्मा की जगह गायत्री परिवार के श्रीराम शर्मा को पढ़ रहे नौंवी के छात्र
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पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की फोटो छापने पर आपत्ति
- फोटो : DEORIA
पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की फोटो छापने पर आपत्ति
राजीव प्रकाशन की कक्षा नौ के हिंदी की किताब में बड़ी गलती
गायत्री परिवार ने शिकायत की तो सामने आई गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजीव प्रकाशन प्रयागराज की एक गड़बड़ी का खामियाजा कक्षा नौवीं के छात्र भुगत रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार सत्र 2019-20 के लिए प्रकाशित हिंदी की किताब में गद्य के अंतर्गत पृष्ठ संख्या 62 पर शुक्ल एवं शुक्लोत्तर युग के लेखक श्रीराम शर्मा की जगह गायत्री परिवार हरिद्वार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा का फोटो छाप दिया गया है। छात्र भी फोटो देखकर उन्हें ही सही समझ रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि अफसरों ने भी आंख मूूंद कर किताब को जारी कर दिया। अब गायत्री परिवार ने शिकायत की तो मामला सामने आया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर नवीनतम पाठ्यक्रम के लिए अधिकृत प्रकाशकों में राजीव प्रकाशन प्रयागराज प्रमुख है। इस प्रकाशन की ओर से चालू सत्र के लिए जारी हिंदी की किताब में हिंदी में शिकार साहित्य के प्रणेता राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व मैनपुरी निवासी लेखक श्रीराम शर्मा के जीवन परिचय में उनके स्थान पर गायत्री परिवार के संस्थापक की फोटो लगाई गई है। इससे हर कोई अचंभित है। आरोप है कि परिषद के अधिकारियों ने अपने कमीशन के चक्कर में किताब बाजार में आने से पहले जांच करना तक उचित नहीं समझा। वरना इतनी बड़ी गलती प्रूफ रीडिंग के दौरान ही पकड़ में आ जाती। राजीव प्रकाशन प्रयागराज के प्रतिनिधि अमित ने इस भूल को स्वीकार करते हुए बताया कि यह किताबें मार्केट में जा चुकी थी, ऐसे में इसमें सुधार नहीं हो पाया। इसके बाद जो किताबें प्रकाशित की गई, उसमें सुधार कराया गया। आगे भी जो प्रकाशित की जाएगी, पूरी कोशिश होगी कि उसकी जांच कर ही बाजार में उतारी जाए।
कैला देवी पब्लिकेशन ने भी की है यही गलती
परिषद के एक अन्य अधिकृत प्रकाशन कैला देवी पब्लिकेशन शिकोहाबाद के इसी सत्र के संस्करण और सत्र 2018-19 के लिए स्वीकृत किताब में भी यही गलती दोहराई गई है। इसके भी नौवीं हिंदी के किताब में पृष्ठ संख्या 62 में मैनपुरी निवासी श्रीराम शर्मा के स्थान पर गायत्री परिवार के संस्थापक की फोटो प्रकाशित है। कैला देवी पब्लिकेशन के मैनेजर विनय अग्रवाल ने बताया कि किताब छापने के पूर्व बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। उनकी ओर से हमें किसी की फोटो नहीं उपलब्ध कराई जाती। नए संस्करण में इस गलती को सुधारा जाएगा।
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गायत्री परिवार करेगा उच्चाधिकारियों से शिकायत
गायत्री परिवार देवरिया के व्यवस्थापक स्वामीनाथ राय ने कहा कि उनकी संस्था के संस्थापक का चित्र एक अन्य लेखक के स्थान पर छापकर प्रकाशक की ओर से बड़ी गलती की गई है। इससे छात्र व अन्य पाठक दिग्भ्रमित हो रहे हैं। गुरुवार को वह इस मुद्दे को लेकर एडीआईओएस से मिले भी हैं। अगर इसे सही नहीं किया गया तो इसकी शिकायत वह माध्यमिक शिक्षा मंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों से करेंगे।
अवलोकन कर कराई जाएंगी मामले की जांच
मेरे संज्ञान में भी यह बात आई है। कक्षा नौ के हिंदी के किताब का पूरा अवलोकन करने के बाद ही उच्चाधिकारियों को इस गड़बड़ी से अवगत कराया जाएगा। - रामहजूर, एडीआईओएस
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राजीव प्रकाशन की कक्षा नौ के हिंदी की किताब में बड़ी गलती
गायत्री परिवार ने शिकायत की तो सामने आई गड़बड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजीव प्रकाशन प्रयागराज की एक गड़बड़ी का खामियाजा कक्षा नौवीं के छात्र भुगत रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार सत्र 2019-20 के लिए प्रकाशित हिंदी की किताब में गद्य के अंतर्गत पृष्ठ संख्या 62 पर शुक्ल एवं शुक्लोत्तर युग के लेखक श्रीराम शर्मा की जगह गायत्री परिवार हरिद्वार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा का फोटो छाप दिया गया है। छात्र भी फोटो देखकर उन्हें ही सही समझ रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि अफसरों ने भी आंख मूूंद कर किताब को जारी कर दिया। अब गायत्री परिवार ने शिकायत की तो मामला सामने आया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर नवीनतम पाठ्यक्रम के लिए अधिकृत प्रकाशकों में राजीव प्रकाशन प्रयागराज प्रमुख है। इस प्रकाशन की ओर से चालू सत्र के लिए जारी हिंदी की किताब में हिंदी में शिकार साहित्य के प्रणेता राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व मैनपुरी निवासी लेखक श्रीराम शर्मा के जीवन परिचय में उनके स्थान पर गायत्री परिवार के संस्थापक की फोटो लगाई गई है। इससे हर कोई अचंभित है। आरोप है कि परिषद के अधिकारियों ने अपने कमीशन के चक्कर में किताब बाजार में आने से पहले जांच करना तक उचित नहीं समझा। वरना इतनी बड़ी गलती प्रूफ रीडिंग के दौरान ही पकड़ में आ जाती। राजीव प्रकाशन प्रयागराज के प्रतिनिधि अमित ने इस भूल को स्वीकार करते हुए बताया कि यह किताबें मार्केट में जा चुकी थी, ऐसे में इसमें सुधार नहीं हो पाया। इसके बाद जो किताबें प्रकाशित की गई, उसमें सुधार कराया गया। आगे भी जो प्रकाशित की जाएगी, पूरी कोशिश होगी कि उसकी जांच कर ही बाजार में उतारी जाए।
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कैला देवी पब्लिकेशन ने भी की है यही गलती
परिषद के एक अन्य अधिकृत प्रकाशन कैला देवी पब्लिकेशन शिकोहाबाद के इसी सत्र के संस्करण और सत्र 2018-19 के लिए स्वीकृत किताब में भी यही गलती दोहराई गई है। इसके भी नौवीं हिंदी के किताब में पृष्ठ संख्या 62 में मैनपुरी निवासी श्रीराम शर्मा के स्थान पर गायत्री परिवार के संस्थापक की फोटो प्रकाशित है। कैला देवी पब्लिकेशन के मैनेजर विनय अग्रवाल ने बताया कि किताब छापने के पूर्व बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जाता है। उनकी ओर से हमें किसी की फोटो नहीं उपलब्ध कराई जाती। नए संस्करण में इस गलती को सुधारा जाएगा।
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गायत्री परिवार करेगा उच्चाधिकारियों से शिकायत
गायत्री परिवार देवरिया के व्यवस्थापक स्वामीनाथ राय ने कहा कि उनकी संस्था के संस्थापक का चित्र एक अन्य लेखक के स्थान पर छापकर प्रकाशक की ओर से बड़ी गलती की गई है। इससे छात्र व अन्य पाठक दिग्भ्रमित हो रहे हैं। गुरुवार को वह इस मुद्दे को लेकर एडीआईओएस से मिले भी हैं। अगर इसे सही नहीं किया गया तो इसकी शिकायत वह माध्यमिक शिक्षा मंत्री सहित अन्य उच्चाधिकारियों से करेंगे।
अवलोकन कर कराई जाएंगी मामले की जांच
मेरे संज्ञान में भी यह बात आई है। कक्षा नौ के हिंदी के किताब का पूरा अवलोकन करने के बाद ही उच्चाधिकारियों को इस गड़बड़ी से अवगत कराया जाएगा। - रामहजूर, एडीआईओएस