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Deoria News: अब बिना फिटनेस के नहीं दाैड़ पाएंगे स्कूल वाहन
Wed, 04 Jun 2025 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 04 Jun 2025 11:50 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के स्कूलों के अनफिट स्कूली वाहन किसी भी हाल में अब नहीं चल पाएंगे। यदि जांच में कोई वाहन अनफिट मिलता है तो सीज करने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में 830 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। स्कूल शुरू होने से पहले सभी वाहनों की फिटनेस अनिवार्य रखने की प्रक्रिया के तहत परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी अगर फिटनेस की जांच नहीं करवाते हैं तो उन पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए शासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। नियम के खिलाफ कोई भी वाहन किसी भी हाल में नहीं चलने देने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल के वाहनों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्योंकि इससे बच्चों को लाने और ले जाने का कार्य होता है। ऐसे में कुशल चालक के साथ-साथ वाहन का फिटनेस जरूरी है।
साथ ही, स्कूल बस की समय सीमा 15 साल पूरी हो गई है तो उसे सरेंडर करना होता है। क्योंकि ऐसे वाहनों पर बच्चों को नहीं ला और ले जा सकते हैं।
इसमें अचानक खराबी के साथ संतुलन बिगड़ने का डर रहता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत 830 वाहनों मे 40 प्रतिशत से अधिक वाहनों का फिटनेस नए सत्र में शेष है।
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देवरिया। जिले के स्कूलों के अनफिट स्कूली वाहन किसी भी हाल में अब नहीं चल पाएंगे। यदि जांच में कोई वाहन अनफिट मिलता है तो सीज करने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में 830 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। स्कूल शुरू होने से पहले सभी वाहनों की फिटनेस अनिवार्य रखने की प्रक्रिया के तहत परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी अगर फिटनेस की जांच नहीं करवाते हैं तो उन पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए शासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। नियम के खिलाफ कोई भी वाहन किसी भी हाल में नहीं चलने देने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल के वाहनों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्योंकि इससे बच्चों को लाने और ले जाने का कार्य होता है। ऐसे में कुशल चालक के साथ-साथ वाहन का फिटनेस जरूरी है।
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साथ ही, स्कूल बस की समय सीमा 15 साल पूरी हो गई है तो उसे सरेंडर करना होता है। क्योंकि ऐसे वाहनों पर बच्चों को नहीं ला और ले जा सकते हैं।
इसमें अचानक खराबी के साथ संतुलन बिगड़ने का डर रहता है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पंजीकृत 830 वाहनों मे 40 प्रतिशत से अधिक वाहनों का फिटनेस नए सत्र में शेष है।
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