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आठ सौ बकाएदारों को जिला पंचायत का नोटिस
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आठ सौ बकाएदारों को जिला पंचायत का नोटिस
देवरिया। जिला पंचायत ने बकाएदारों की सूची तैयार की है। सालों से संपत्ति एवं विभव कर जमा नहीं करने वाले आठ सौ दुकानदारों को नोटिस दिया जा चुका है। डिमांड रजिस्टर में अन्य बकाएदारों की कुंडली खंगाली जा रही है।
जिला पंचायत के डिमांड रजिस्टर में 5242 दुकानदारों के नाम दर्ज हैं। इनसे जिला पंचायत सालाना 46.20 लाख रुपये संपत्ति एवं विभव कर वसूलती है। डिमांड रजिस्टर की पड़ताल में करीब आठ सौ ऐसे दुकानदार मिले हैं जिन्होंने चार साल से जिला पंचायत को टैक्स नहीं दिया है। इसका कारण कुछ हद तक जिला पंचायत के कर निरीक्षक भी हैं। जिन्होंने लंबे समय से चले आ रहे बकाए के संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं की। कार्य अधिकारी के डिमांड रजिस्टर खंगालने के बाद बकाया उजागर होने पर आनन-फानन में नोटिस की कार्रवाई शुरू की गई है।
ठीक से सर्वे हो तो दोगुनी हो सकती है आय
नगर क्षेत्र से बाहर 5242 दुकानों से जिला पंचायत लाइसेंस शुल्क, संपत्ति एवं विभव कर वसूलती है। उपविधि के अनुसार दुकानदारों को दुकान की हैसियत का सालाना तीन प्रतिशत टैक्स जमा करना होता है। इसके अलावा तीन हजार से अधिक दुकानें ऐसी हैं जो डिमांड रजिस्टर में दर्ज नहीं हैं।
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संपत्ति एवं विभव कर के बकाएदारों को नोटिस दिया गया है। जो लोग टैक्स नहीं जमा करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों से अवैध वसूली का मामला संज्ञान में नहीं है। -प्रमोद कुमार सिंह, कार्य अधिकारी जिला पंचायत
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देवरिया। जिला पंचायत ने बकाएदारों की सूची तैयार की है। सालों से संपत्ति एवं विभव कर जमा नहीं करने वाले आठ सौ दुकानदारों को नोटिस दिया जा चुका है। डिमांड रजिस्टर में अन्य बकाएदारों की कुंडली खंगाली जा रही है।
जिला पंचायत के डिमांड रजिस्टर में 5242 दुकानदारों के नाम दर्ज हैं। इनसे जिला पंचायत सालाना 46.20 लाख रुपये संपत्ति एवं विभव कर वसूलती है। डिमांड रजिस्टर की पड़ताल में करीब आठ सौ ऐसे दुकानदार मिले हैं जिन्होंने चार साल से जिला पंचायत को टैक्स नहीं दिया है। इसका कारण कुछ हद तक जिला पंचायत के कर निरीक्षक भी हैं। जिन्होंने लंबे समय से चले आ रहे बकाए के संबंध में ठोस कार्रवाई नहीं की। कार्य अधिकारी के डिमांड रजिस्टर खंगालने के बाद बकाया उजागर होने पर आनन-फानन में नोटिस की कार्रवाई शुरू की गई है।
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नगर क्षेत्र से बाहर 5242 दुकानों से जिला पंचायत लाइसेंस शुल्क, संपत्ति एवं विभव कर वसूलती है। उपविधि के अनुसार दुकानदारों को दुकान की हैसियत का सालाना तीन प्रतिशत टैक्स जमा करना होता है। इसके अलावा तीन हजार से अधिक दुकानें ऐसी हैं जो डिमांड रजिस्टर में दर्ज नहीं हैं।
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संपत्ति एवं विभव कर के बकाएदारों को नोटिस दिया गया है। जो लोग टैक्स नहीं जमा करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों से अवैध वसूली का मामला संज्ञान में नहीं है। -प्रमोद कुमार सिंह, कार्य अधिकारी जिला पंचायत